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पोर्टल में पंजीकरण न होने से भटक रहे किसान
Wed, 13 Mar 2019 12:36 AM IST
प्रशांत कुमार
फतेहपुर।
फतेहपुर।
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Wed, 13 Mar 2019 12:36 AM IST
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जिला कृषि कार्यालय में किसानों का डाटा फीड करते कर्मचारी।
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फतेहपुर। कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ दिलाने वाली किसानों के लिए बनी वेबसाइट महीना भर से बंद है। किसान बीज व कृषि यंत्रों की मांग करने के लिए अपना पंजीकरण नहीं करा पा रहे हैं। जिन किसानों के पंजीकरण कराने में गलती हो गई है। उसका भी सुधार नहीं हो रहा है। ऐसे में किसान कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। कृषि विभाग के कार्यालय व कंप्यूटर सेंटरों के किसान चक्कर लगाने को विवश हैं।
कृषि विभाग की योजनाओं में अनुदान का लाभ लेने के लिए पहले पंजीकरण कराना होता है। पंजीकरण की वेबसाइट एक महीना से बंद है। जो किसान पहले पंजीकरण करा चुके हैं। वह कृषि यंत्र व बीज की मांग कर सकते हैं, लेकिन नए किसानों का पंजीकरण नहीं हो रहा है। जिन किसानों को राजकीय बीज भंडार से मूंग, उर्द व अन्य बीज खरीदना है। उनका पंजीकरण नहीं हो रहा है। इसके अलावा कृषियंत्र खरीदने वाले किसान भी पंजीकरण के लिए भटक रहे हैं। कृषि विभाग के कार्यालयों में जो किसान पहले बीज, कृषि यंत्र खरीद चुके हैं।
उनके खाता में अनुदान की धनराशि भेजने का ही काम हो रहा है। अनुदान पर बीज खरीदने के लिए किसान राजकीय बीज भंडार के चक्कर लगा रहे हैं। कृषि विभाग के कार्यालय में आए किसानों ने अपना दर्द बताया।
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कृषि विभाग की योजनाओं में अनुदान का लाभ लेने के लिए पहले पंजीकरण कराना होता है। पंजीकरण की वेबसाइट एक महीना से बंद है। जो किसान पहले पंजीकरण करा चुके हैं। वह कृषि यंत्र व बीज की मांग कर सकते हैं, लेकिन नए किसानों का पंजीकरण नहीं हो रहा है। जिन किसानों को राजकीय बीज भंडार से मूंग, उर्द व अन्य बीज खरीदना है। उनका पंजीकरण नहीं हो रहा है। इसके अलावा कृषियंत्र खरीदने वाले किसान भी पंजीकरण के लिए भटक रहे हैं। कृषि विभाग के कार्यालयों में जो किसान पहले बीज, कृषि यंत्र खरीद चुके हैं।
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उनके खाता में अनुदान की धनराशि भेजने का ही काम हो रहा है। अनुदान पर बीज खरीदने के लिए किसान राजकीय बीज भंडार के चक्कर लगा रहे हैं। कृषि विभाग के कार्यालय में आए किसानों ने अपना दर्द बताया।
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