{"_id":"5e9f2c4d8ebc3e9025769199","slug":"farmer-in-problem-fatehpur-news-knp556381260","type":"story","status":"publish","title_hn":"फोटोकॉपी न होने से किसान नहीं बेच पा रहे गेहूं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फोटोकॉपी न होने से किसान नहीं बेच पा रहे गेहूं
विज्ञापन
हुसैनगंज क्रय केंद्र में खड़े केंद्र प्रभारी
- फोटो : FATEHPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फतेहपुर। जिले में 60 फीसदी किसानों ने गेहूं के फसल की कटाई कर ली है। पर, वे अपनी उपज को क्रय केंद्र में बेच नहीं पा रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या किसानों के सामने ऑनलाइन पंजीयन की है।
कंप्यूटर की दुकानें बंद हैं, ऐसे में किसान खतौनी, पंजीयन प्रारूप का प्रिंटआउट कहां से निकालें। आधार कार्ड, बैंक पासबुक की फोटोकापी कराने में भी दिक्कत हो रही है। इस वजह से कई क्रय केंद्रों में अभी तक बोहनी नहीं हुई है।
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार रबी के सीजन में एक लाख 73 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल बोई गई थी। जनवरी, फरवरी में हुई बारिश से गेहूं की उपज पांच से छह क्विंटल प्रति बीघा तक रह गई।
विज्ञापन
गेहूं खरीद 15 अप्रैल से शुरू की गई। लॉकडाउन से लोकवाणी, सहज जनसेवा केंद्र और अन्य कंप्यूटर सेंटर 25 मार्च से बंद हैं। ऐसे में कुछ किसानों ने रसद और खाद्य विभाग के पोर्टल में जाकर अपने मोबाइल से पंजीकरण कर लिया है।
क्रय केंद्र में गेहूं बेचने वाले किसानों को पंजीयन का प्रारूप प्रिंट आउट केंद्र प्रभारी को देना होता है। इसके अलावा खतौनी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी की जरूरत पड़ती है।
जिला खाद्य विपणन विभाग के अनुसार 62 क्रय केंद्र खोले गए हैं और गेहूं बेचने के लिए 2600 किसानों ने पंजीयन कराया है। अब तक 250 किसानों के गेहूं की तौल हुई है।
विज्ञापन
कंप्यूटर की दुकानें बंद हैं, ऐसे में किसान खतौनी, पंजीयन प्रारूप का प्रिंटआउट कहां से निकालें। आधार कार्ड, बैंक पासबुक की फोटोकापी कराने में भी दिक्कत हो रही है। इस वजह से कई क्रय केंद्रों में अभी तक बोहनी नहीं हुई है।
विज्ञापन
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार रबी के सीजन में एक लाख 73 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल बोई गई थी। जनवरी, फरवरी में हुई बारिश से गेहूं की उपज पांच से छह क्विंटल प्रति बीघा तक रह गई।
विज्ञापन
गेहूं खरीद 15 अप्रैल से शुरू की गई। लॉकडाउन से लोकवाणी, सहज जनसेवा केंद्र और अन्य कंप्यूटर सेंटर 25 मार्च से बंद हैं। ऐसे में कुछ किसानों ने रसद और खाद्य विभाग के पोर्टल में जाकर अपने मोबाइल से पंजीकरण कर लिया है।
क्रय केंद्र में गेहूं बेचने वाले किसानों को पंजीयन का प्रारूप प्रिंट आउट केंद्र प्रभारी को देना होता है। इसके अलावा खतौनी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी की जरूरत पड़ती है।
जिला खाद्य विपणन विभाग के अनुसार 62 क्रय केंद्र खोले गए हैं और गेहूं बेचने के लिए 2600 किसानों ने पंजीयन कराया है। अब तक 250 किसानों के गेहूं की तौल हुई है।