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हर नागरिक को मिले सरकारी योजनाओं का लाभ: मीना
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फतेहपुर। विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण कुमार मीना ने विशेष कार्यशाला में 40 ग्राम प्रधान और सहायक विकास अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। शुक्रवार को पीरामल फाउंडेशन ने बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया।
कार्यशाला में सीडीओ ने ग्राम चौपाल के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ सभी नागरिकों तक पहुंचाने पर जोर दिया। कहा कि बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता एक ऐसा कार्यक्रम है, जिसे केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत प्राथमिक शिक्षा में सुधार लाने के लिए शुरू किया है। इसका उद्देश्य बच्चों में बुनियादी साक्षरता (पढ़ने और लिखने की क्षमता) और संख्यात्मकता (गणना और संख्याओं को समझने की क्षमता) पैदा करना है।
इससे वह अपने जीवन के शुरुआती वर्षों में शिक्षा की मजबूत नींव प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में चौपाल का आयोजन किया जाए, जिससे ग्रामीणों को स्वास्थ्य, पेंशन, आवास और शौचालय जैसी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके। आंगनबाड़ी सेवाओं और स्कूल प्रबंधन समितियों की बैठकों में प्रधानों की भागीदारी तय करने की बात कही। जिला विकास अधिकारी प्रमोद सिंह चंदेल ने ग्राम पंचायत विकास योजना के तहत मनरेगा और नरेगा के माध्यम से वाटर हार्वेस्टिंग, सड़क निर्माण और कृषि संबंधी मुद्दों पर ध्यान देने पर जोर दिया। कार्यशाला में रोहिणी रॉय, अनवर हुसैन, गांधी फेलो अनुप्रिया, पल्लवी, रिसिका सहित तीन अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
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कार्यशाला में सीडीओ ने ग्राम चौपाल के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ सभी नागरिकों तक पहुंचाने पर जोर दिया। कहा कि बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता एक ऐसा कार्यक्रम है, जिसे केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत प्राथमिक शिक्षा में सुधार लाने के लिए शुरू किया है। इसका उद्देश्य बच्चों में बुनियादी साक्षरता (पढ़ने और लिखने की क्षमता) और संख्यात्मकता (गणना और संख्याओं को समझने की क्षमता) पैदा करना है।
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इससे वह अपने जीवन के शुरुआती वर्षों में शिक्षा की मजबूत नींव प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में चौपाल का आयोजन किया जाए, जिससे ग्रामीणों को स्वास्थ्य, पेंशन, आवास और शौचालय जैसी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके। आंगनबाड़ी सेवाओं और स्कूल प्रबंधन समितियों की बैठकों में प्रधानों की भागीदारी तय करने की बात कही। जिला विकास अधिकारी प्रमोद सिंह चंदेल ने ग्राम पंचायत विकास योजना के तहत मनरेगा और नरेगा के माध्यम से वाटर हार्वेस्टिंग, सड़क निर्माण और कृषि संबंधी मुद्दों पर ध्यान देने पर जोर दिया। कार्यशाला में रोहिणी रॉय, अनवर हुसैन, गांधी फेलो अनुप्रिया, पल्लवी, रिसिका सहित तीन अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
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