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Fatehpur News: कार्यशाला में शिक्षकों पर समय के अनुसार बदलाव पर जोर
Fri, 28 Jun 2024 12:24 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
Updated Fri, 28 Jun 2024 12:24 AM IST
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फतेहपुर। महर्षि विद्या मंदिर सीनियर सेकेंड्री स्कूल में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में शिक्षकों में समय के अनुसार बदलाव पर जोर दिया गया। गुरुवार को कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि बीएसए पंकज यादव ने मां सरस्वती की प्रतिमा माल्यार्पण कर किया।
कार्यशाला में विद्यालय के 72 शिक्षक शामिल हुए। मुख्य अतिथि का विद्यालय प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार त्रिपाठी ने स्वागत किया। प्रधानाचार्य ने महर्षि के प्रतिपादित भावातीत ध्यान एवं ध्यान सिद्धि कार्यक्रम तथा चेतना पर आधारित शिक्षा विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि ने कहा कि शिक्षक समाज का दर्पण है। उसे समाज में बदलते परिवेश में नित नये प्रयोग करने की आवश्यकता है। शिक्षण परिदृश्य में डिजिटल लर्निंग का प्रभाव देखा जा रहा है। शिक्षक को आधुनिक शिक्षण पद्धति एवं तकनीकि के साथ अपने व्यवहार में बदलाव लाने की जरूरत है। साथ ही ज्ञान संप्रेषण एवं व्यवहार अच्छा शिक्षक बनाने में उपयोगी होता है। शिक्षकों को सदैव वास्तविक जीवन के उदाहरण जैसे ग्लोबल वार्निंग क्लाइमेटिक चेंज आदि गंभीर विषयों पर जागरूक होने की आवश्यकता है। रिसोर्स पर्सन विद्यालय की शिक्षक गीता त्रिपाठी ने अनुभवात्मक शिक्षण तथा आरके चौबे ने आर्ट इंटीग्रेटेड लर्निंग को पाठ्यक्रम में शामिल कर पढ़ाने की दक्षता पर जानकारी दी। विनय त्रिपाठी ने गणित विषय को कैसे रुचिकर और आसान बनाएं, इस विषय पर जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किए। शिक्षक विमलेश मिश्रा ने कक्षा प्रबंधन पर प्रकाश डाला।
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कार्यशाला में विद्यालय के 72 शिक्षक शामिल हुए। मुख्य अतिथि का विद्यालय प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार त्रिपाठी ने स्वागत किया। प्रधानाचार्य ने महर्षि के प्रतिपादित भावातीत ध्यान एवं ध्यान सिद्धि कार्यक्रम तथा चेतना पर आधारित शिक्षा विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि ने कहा कि शिक्षक समाज का दर्पण है। उसे समाज में बदलते परिवेश में नित नये प्रयोग करने की आवश्यकता है। शिक्षण परिदृश्य में डिजिटल लर्निंग का प्रभाव देखा जा रहा है। शिक्षक को आधुनिक शिक्षण पद्धति एवं तकनीकि के साथ अपने व्यवहार में बदलाव लाने की जरूरत है। साथ ही ज्ञान संप्रेषण एवं व्यवहार अच्छा शिक्षक बनाने में उपयोगी होता है। शिक्षकों को सदैव वास्तविक जीवन के उदाहरण जैसे ग्लोबल वार्निंग क्लाइमेटिक चेंज आदि गंभीर विषयों पर जागरूक होने की आवश्यकता है। रिसोर्स पर्सन विद्यालय की शिक्षक गीता त्रिपाठी ने अनुभवात्मक शिक्षण तथा आरके चौबे ने आर्ट इंटीग्रेटेड लर्निंग को पाठ्यक्रम में शामिल कर पढ़ाने की दक्षता पर जानकारी दी। विनय त्रिपाठी ने गणित विषय को कैसे रुचिकर और आसान बनाएं, इस विषय पर जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किए। शिक्षक विमलेश मिश्रा ने कक्षा प्रबंधन पर प्रकाश डाला।
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