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परीक्षा केंद्र नहीं बनेंगे प्रबंधक आवास स्थित विद्यालय
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फतेहपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बोर्ड परीक्षा केंद्र निर्धारण की नई नीति जारी की है। जिसके तहत ऐसे स्कूल, जिनके परिसर में प्रबंधक और प्रधानाचार्य आवास निर्मित हैं, उन्हें परीक्षा केंद्र बनाने पर रोक लगा दी है। साथ ही चारो तरफ बाउंड्री से घिरे विद्यालय को ही परीक्षा केंद्र बनाने का प्रावधान किया गया है। जिले में कई नामी गिरामी स्कूलों के अंदर प्रबंधक आवास स्थित हैं। ऐसे विद्यालयों में नई नीति जारी होते ही हडकंप मच गया है।
सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बोर्ड परीक्षा नियमों में परिवर्तन किया है। पिछले सत्र तक परीक्षा के दौरान प्रबंधक का केंद्र के अंदर प्रवेश वर्जित था, लेकिन इस बार आवास निर्मित स्कूलों को केंद्र बनाने पर पाबंदी लगाई गई है। पिछले सत्र तक बोर्ड परीक्षा में न्यूनतम तीन बैच निकालने वाले स्कूलों को ही केंद्र बनाने का प्रावधान था, लेकिन इस बार दो बैच निकालने वाले स्कूरों को केंद्र बनाने का मानक तय किया गया है।
परीक्षा केंद्र के लिए विद्युत कनेक्शन के साथ जनरेटर होना, बालक और बालिकाओं के लिए अलग शौचालय होना, प्रत्येक परीक्षार्थी के बैठने के लिए 20 वर्ग फीट स्थान होना निर्धारित है। विद्यालय से परीक्षा केंद्र की अधिकतम दूरी 10 किमी निर्धारित है। पिछले सत्र में यह दूरी आठ किमी तय थी। बालिकाओं के स्वकेंद्र वाले परीक्षा केंद्रों में केंद्र व्यवस्थापक के साथ 50 प्रतिशत दूसरे विद्यालयों के कक्ष निरीक्षक लगाए जाएंगे। राजकीय और एडेड विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाने में वरीयता देने का प्रावधान किया गया है। परीक्षा केंद्र निर्धारण प्रक्रिया में गलत सूचना भेजने वाले विद्यालय को एक साल के लिए डिबार करने की भी व्यवस्था की गई है। परीक्षा केंद्र में सीसीटीवी कैमरा, वाइस रिकार्डर, वेबकास्टिंग की व्यवस्था होना अनिवार्य है। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में प्रत्येक 15 केंद्रों पर एक कंप्यूटर और आपरेटर की नियुक्ति होगी। यह सभी कंप्यूटर ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों से जुड़े होंगे। कंट्रोल रूम की मॉनीटरिंग डीएम से मनोनीत प्रशासनिक अधिकारी करेगा। जो विद्यालय परीक्षा केंद्र नहीं बनेंगे, उनके कंप्यूटर आपरेटर कंट्रोल रूम में स्थापित करने का प्रावधान किया गया है।
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सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बोर्ड परीक्षा नियमों में परिवर्तन किया है। पिछले सत्र तक परीक्षा के दौरान प्रबंधक का केंद्र के अंदर प्रवेश वर्जित था, लेकिन इस बार आवास निर्मित स्कूलों को केंद्र बनाने पर पाबंदी लगाई गई है। पिछले सत्र तक बोर्ड परीक्षा में न्यूनतम तीन बैच निकालने वाले स्कूलों को ही केंद्र बनाने का प्रावधान था, लेकिन इस बार दो बैच निकालने वाले स्कूरों को केंद्र बनाने का मानक तय किया गया है।
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परीक्षा केंद्र के लिए विद्युत कनेक्शन के साथ जनरेटर होना, बालक और बालिकाओं के लिए अलग शौचालय होना, प्रत्येक परीक्षार्थी के बैठने के लिए 20 वर्ग फीट स्थान होना निर्धारित है। विद्यालय से परीक्षा केंद्र की अधिकतम दूरी 10 किमी निर्धारित है। पिछले सत्र में यह दूरी आठ किमी तय थी। बालिकाओं के स्वकेंद्र वाले परीक्षा केंद्रों में केंद्र व्यवस्थापक के साथ 50 प्रतिशत दूसरे विद्यालयों के कक्ष निरीक्षक लगाए जाएंगे। राजकीय और एडेड विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाने में वरीयता देने का प्रावधान किया गया है। परीक्षा केंद्र निर्धारण प्रक्रिया में गलत सूचना भेजने वाले विद्यालय को एक साल के लिए डिबार करने की भी व्यवस्था की गई है। परीक्षा केंद्र में सीसीटीवी कैमरा, वाइस रिकार्डर, वेबकास्टिंग की व्यवस्था होना अनिवार्य है। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में प्रत्येक 15 केंद्रों पर एक कंप्यूटर और आपरेटर की नियुक्ति होगी। यह सभी कंप्यूटर ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों से जुड़े होंगे। कंट्रोल रूम की मॉनीटरिंग डीएम से मनोनीत प्रशासनिक अधिकारी करेगा। जो विद्यालय परीक्षा केंद्र नहीं बनेंगे, उनके कंप्यूटर आपरेटर कंट्रोल रूम में स्थापित करने का प्रावधान किया गया है।
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