फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   due to electricity problem people felt trouble

भीषण गर्मी में बिजली संकट ने किया बेहाल

Sun, 11 Jul 2021 11:57 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 11 Jul 2021 11:57 PM IST
विज्ञापन
due to electricity problem people felt trouble
फतेहपुर। करीब 20 दिनों से धान की रोपाई में चल रहे ट्यूबवेलों ने ग्रामीण इलाकों के फीडरों पर लोड बढ़ा दिया है। जिले के करीब 34 उपकेंद्रों से ओवरलोड के चलते आपूर्ति चरमरा गई है। उपकेंद्रों से आधे गांवों को एक दिन और आधों को दूसरे दिन बिजली दी जाती है। अफसरों का कहना है कि बारिश के बाद ओवरलोडिंग की समस्या दूर हो सकेगी।
विज्ञापन

जिले लोगों को बिजली देने के लिए 52 उपकेंद्र हैं। इनमें नगरीय क्षेत्र के 18 उपकेंद्रों को छोड़ दिया जाए तो ज्यादातर उपकेंद्र ओवरलोडिंग से परेशान हैं। इनसे करीब 30 हजार किसानों ने ट्यूबवेल के लिए कनेक्सन ले रखा है। बिजली विभाग ने सरकारी के अलावा निजी ट्यूबवेलों को कनेक्शन को बांट दिए लेकिन उपकेंद्र की क्षमता उस हिसाब से नहीं बढ़ाई। इस समय धान की रोपाई का सीजन है। किसानों ने ट्यूबवेल के स्टार्टर को ऑटो पर लगा रखा है। बिजली आने के 10 सेकेंड में नलकूप खुद चालू हो जाते हैं। एक साथ सभी ट्यूबवेल चलने से ग्रामीण क्षेत्र के सभी उपकेंद्र ओवरलोड हो गए हैं।
विज्ञापन

तीन फेस तार से ट्यूबवेलों को चलाने के लिए 440 वोल्ट करंट मिलना चाहिए। लोड बढ़ने के कारण इस समय 200 वोल्ट करंट ही पहुंचता है। इससे ट्यूबवेलों से निकल रहे पानी की क्षमता आधी रहती है और कम वोल्टेज के कारण फाल्ट भी होता है। कभी ट्रांसफार्मर जलता है, तो कभी ट्यूबवेल की मोटर खराब हो रही है। धान की रोपाई न पिछड़े इस उद्देश्य से किसान कम वोल्टेज में भी ट्यूबवेल चलाने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
भैरमपुर गांव के किसान राजेश द्विवेदी ने बताया कि जब भी फसलों की सिंचाई का समय आता है, तो थरियांव उपकेंद्र में ओवरलोड की समस्या शुरू हो जाती है। इस समय धान की रोपाई करनी है। बारिश भी नहीं हो रही है और बिजली एक दिन छोड़कर दी जाती है। उसमें भी लो-वोल्टेज की समस्या बनी रहती है।
........
कोर्रा जहानपुर गांव निवासी राजेंद्र मौर्य ने कहा कि बिजली विभाग ने ट्यूबवेल के कनेक्शन बांट दिए और किसानों ने विभाग में जमानत धनराशि भी जमा की है, लेकिन उपकेंद्र की मशीनों और हाईटेंशन तार अधिक क्षमता के नहीं लगाए गए हैं। इससे जरूरत के समय बिजली की समस्या होती है।

...........
बारिश न होने के कारण सभी ट्यूबवेलों का संचालन एक साथ शुरू हो जाता है। अन्य सीजन में कुछ ट्यूबवेल चलते हैं, तो कुछ बंद रहते हैं। साथ ही गर्मी के कारण कूलर, पंखा भी चल चल रह हैं। इससे मशीनें ओवरलोड हैं। बारिश होने पर इस समस्या से निजात मिलेगी।
- मेघ सिंह, अधिशासी अभिंयता, विद्युत वितरण खंड
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed