फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   due to bacterial blight Potato farmers are in trouble

झुलसा से आलू की फसल चौपट, किसान परेशान

Thu, 22 Jan 2015 12:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर Updated Thu, 22 Jan 2015 12:23 AM IST
विज्ञापन
due to bacterial blight Potato farmers are in trouble

शीतलहर ने किसानों को बर्बादी की कगार पहुंचा दिया है। आलू की फसल में झुलसा का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। 80 फीसदी आलू फसल झुलसा से सूखने लगी है। रोग ले बचाव के लिए फसल में दवा का छिड़काव भी बेअसर है। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार आलू की पैदावार कम होने की आशंका है।

विज्ञापन


पिछले वर्ष जनपद में आठ हजार सात सौ हेक्टेयर आलू का आच्छादन किया गया था। जिसमें 250 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की दर से करीब 21 लाख 75 हजार क्विंटल आलू की पैदावार हुई थी।
विज्ञापन


इस वर्ष जनपद में आठ हजार नौ सौ हेक्टेयर आलू का किसानों ने आच्छादन किया है, जिसमें किसान आलू का बीज 1500 से 2500 सौ रुपये की (50 किलो) प्रति बोरी खरीद कर आच्छादन किया है। किसानों ने बताया कि एक बीघा आलू बुआई में आठ बोरी बीज, एक बोरी डीएपी, एक बोरी यूरिया, 25 केजी पोटास, दो किलो सल्फर, एक पैकेट जिंक आदि में करीब पंद्रह हजार रुपये लागत आती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हंसवा विकास खंड क्षेत्र के किसानों ने बताया कि जालधंर से आलू का बीज लाकर बुआई की गई। मंडासरांय के कल्लू सिंह ने बताया कि इस बार 15 बीघा आलू का आच्छादन किया है।

झुलसा ूरी फसल में लग गया है। बचाव के लिए दो बार दवा का छिड़काव भी गया था, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। किसान मलखान सिंह यादव ने बताया कि 25 बीघा आलू की बुआई की है।

शीत लहर और कड़ाके की ठंड के प्रभाव से आलू के फलों में बढ़ोतरी नहीं हो रही है। बिंदकी से दवा लाकर तीन चक्कर छिड़काव किया गया है। इसके बावजूद भी झुलसा से पूरी फसल कमजोर हो गई है।

किसान सुरेंद्र पटेल ने बताया कि दस बीघा आलू की बुआई की है। आलू के पौधे खोदने छोटे-छोटे फल निकल रहे हैं। ठंड की वजह से फल एक महीना पहले जितने थे, अभी भी उतने ही हैं।

‘बादलयुक्त व शीतलहर के मौसम के आने से पहले ही किसानों को कृषि वैज्ञानिकों की सलाह से दवा का छिड़काव कर देना चाहिए। किसान झुलसा रोग के बचाव के लिए डाईथिन एम-45 दो से ढाई किलो प्रति एकड़ सात सौ लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।’ - जीसी कटियार, उपकृषि निदेशक

इनसेट
कर्ज अदायगी को लेकर किसान परेशान
खागा/धाता। लगातार एक माह से अत्याधिक ठंडक और कोहरे से आलू की फसल बर्बादी की कगार पर पंहुच गई है। फसल की लागत न निकलने से कर्ज कैसे अदा होगा, इसकी चिंता में किसान डूबे हुए हैं।

क्षेत्र के रामीपुर, कस्बासोहन, ऐलई, पुरइन, बुदवन, मोहम्मदपुर गौंती, ऐरायां मशायक, सरसई, संग्रामपुरसानी, सरसौली, पलवा, बेनीपुर, जाम, नेंदौरा, अमदरा, दीदार का पुरवा, डेंडासई और सिहारी सहित करीब एक सैकड़ा गंावों के किसानों ने आलू फसल की बुआई किया था।


आलू की अगैती फसल में भी किसानों को नुकसान उठाना पड़ा था। पछैती फसल भी कोहरे एवं ठंड की मार से चौपट हो रही है। किसान विक्का भाई, हुबराज, रमेश सिंह, धर्मेंद्र सिंह, रमजान, कल्लू, शीतला सहाय, उदयभान, ओमप्रकाश, धर्मराज और मान सिंह बताया कि करीब एक महीने की ठंड और कोहरे से आलू की फसल झुलसकर बर्बाद हो गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed