{"_id":"575722b24f1c1b417b9c5542","slug":"divisional-team-of-chemists-oversight","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंडलीय टीम ने दवा की दुकानों का किया निरीक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंडलीय टीम ने दवा की दुकानों का किया निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो फतेहपुर
Updated Wed, 08 Jun 2016 01:08 AM IST
विज्ञापन
मेडिकल स्टोर का निरीक्षण करते इलाहाबाद से आई ड्रग इंसपेक्टरों की टीम।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औषधि विभाग की मंडलीय टीम ने शहर में कई मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया। इलाहाबाद के औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी केजी गुप्ता के नेतृत्व वाली चार सदस्यीय टीम ने कई मेडिकल स्टोरों का विधिवत निरीक्षण किया। टीम की छापेमारी से दवा के दुकानदारों में हड़कंप मचा रहा। नामी गिरामी दुकानें बंद हो गई और दुकानदार ताला बंद कर गायब थे।
औषधि अनुज्ञापी प्राधिकारी के साथ डीआई कौशांबी राहुल, डीआई इलाहाबाद, मुकेश जैन, डीआई फतेहपुर अजय संतोषी ने मंगलवार को शहर के मेडिकल स्टोरों में छापे मारी की। छापेमारी में आने वाले दुकानों में माया कंपनी, प्रकाश केमिस्ट, दिलीप केमिस्ट, मेडसिन सेंटर बाकरगंज, बांबे मेडिकल बाकरगंज शामिल हैं। टीम का पूरा ध्यान निरीक्षण में ड्रग प्राइज कंट्रोल (डीपीसीओ) पर केंद्रित रहा।
निरीक्षण में केमिस्टों ने आवाज उठाई कि उन्हें सरकार से निर्धारित दवाओं की रेट सूची उपलब्ध नहीं है। ऐसी हालत में वह कैसे जानें कि संबंधित दवा की कीमत सरकार से निर्धारित रेट से अधिक प्रिंट है।
विज्ञापन
टीम के साथ मौजूद जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा कि उन्हें सरकार से निर्धारित दवाओं की रेट सूची मुहैया कराई जाए। इसके बाद निरीक्षण किया जाए। जिस विषय में उनको जानकारी नहीं है। उसका दुकानों में निरीक्षण किया जाना पूरी तरह से गलत है। हालांकि टीम को निरीक्षण में सब कुछ ठीकठाक मिला।
विज्ञापन
औषधि अनुज्ञापी प्राधिकारी के साथ डीआई कौशांबी राहुल, डीआई इलाहाबाद, मुकेश जैन, डीआई फतेहपुर अजय संतोषी ने मंगलवार को शहर के मेडिकल स्टोरों में छापे मारी की। छापेमारी में आने वाले दुकानों में माया कंपनी, प्रकाश केमिस्ट, दिलीप केमिस्ट, मेडसिन सेंटर बाकरगंज, बांबे मेडिकल बाकरगंज शामिल हैं। टीम का पूरा ध्यान निरीक्षण में ड्रग प्राइज कंट्रोल (डीपीसीओ) पर केंद्रित रहा।
विज्ञापन
निरीक्षण में केमिस्टों ने आवाज उठाई कि उन्हें सरकार से निर्धारित दवाओं की रेट सूची उपलब्ध नहीं है। ऐसी हालत में वह कैसे जानें कि संबंधित दवा की कीमत सरकार से निर्धारित रेट से अधिक प्रिंट है।
विज्ञापन
टीम के साथ मौजूद जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा कि उन्हें सरकार से निर्धारित दवाओं की रेट सूची मुहैया कराई जाए। इसके बाद निरीक्षण किया जाए। जिस विषय में उनको जानकारी नहीं है। उसका दुकानों में निरीक्षण किया जाना पूरी तरह से गलत है। हालांकि टीम को निरीक्षण में सब कुछ ठीकठाक मिला।