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Fatehpur News: हालत बिगड़ने से जच्चा-बच्चा की मौत
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असोथर। प्रसव से पहले जच्चा और बच्चा की मौत हो गई। मृतका के पति का कहना है कि सड़क खराब होने के कारण पत्नी को अस्पताल पहुंचाने में देरी हुई, जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं, नर्सिंग होम के चिकित्सक का कहना है कि महिला को रात से प्रसव पीड़ा हो रही थी। परिजन सुबह नर्सिंग होम लेकर पहुंचे। महिला को अल्ट्रासाउंड के लिए भेजा गया था, जहां उसकी मौत हुई है।
थानाक्षेत्र के जरौली गांव निवासी देवेश कुमार मिश्रा ने बताया कि पत्नी बीना देवी (27) गर्भवती थी। तीसरे प्रसव के लिए पत्नी को गुरुवार सुबह शहर के नर्सिंग होम ले गए। जहां से डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड के लिए भेजा। जहां उसकी और गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई।
पति का आरोप है कि असोथर पीएचसी से जरौली गांव की दूरी सात किलोमीटर है। रास्ता खराब होने से एंबुलेंस देर से आई और अस्पताल पहुंचाने में देरी हुई। इसी वजह से मौत हुई है। नर्सिंग होम के डाॅ. अमित मिश्रा ने बताया कि महिला सात माह की गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा उसे रात से हो रही थी। उसे अल्ट्रासाउंड के लिए भेजा गया। जहां गर्भवती की मौत हो गई। परिजनों को रात में ही अस्पताल लाना चाहिए था।
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थानाक्षेत्र के जरौली गांव निवासी देवेश कुमार मिश्रा ने बताया कि पत्नी बीना देवी (27) गर्भवती थी। तीसरे प्रसव के लिए पत्नी को गुरुवार सुबह शहर के नर्सिंग होम ले गए। जहां से डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड के लिए भेजा। जहां उसकी और गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई।
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पति का आरोप है कि असोथर पीएचसी से जरौली गांव की दूरी सात किलोमीटर है। रास्ता खराब होने से एंबुलेंस देर से आई और अस्पताल पहुंचाने में देरी हुई। इसी वजह से मौत हुई है। नर्सिंग होम के डाॅ. अमित मिश्रा ने बताया कि महिला सात माह की गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा उसे रात से हो रही थी। उसे अल्ट्रासाउंड के लिए भेजा गया। जहां गर्भवती की मौत हो गई। परिजनों को रात में ही अस्पताल लाना चाहिए था।
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