{"_id":"5bfee0c8bdec22416555e458","slug":"crossing-the-road-from-murthi-tola-to-encroachment-campaign","type":"story","status":"publish","title_hn":"पत्थरकटा से मुराइन टोला की ओर बढ़ा अतिक्रमण अभियान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पत्थरकटा से मुराइन टोला की ओर बढ़ा अतिक्रमण अभियान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 29 Nov 2018 12:09 AM IST
विज्ञापन
enchrochemetn drive
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
अतिक्रमण अभियान के तहत नगर पालिका की जेसीबी बुधवार को पत्थरकटा से मुराइन टोला मार्ग पहुंची। एसडीएम सदर प्रेम प्रकाश तिवारी और सीओ कपिलदेव मिश्र की अगुवाई में अतिक्रमण अभियान चलाया गया। पत्थरकटा चौराहे पर स्थित कई दुकानों को पालिका की जेसीबी ने ढहा दिया।
मानक के मुताबिक पत्थरकटा चौराहे पर सोलह मीटर और इसके बाद आगे मुराइन टोला की तरफ चौदह मीटर के मानक पर अतिक्रमण अभियान चलाया गया। अभियान में पत्थरकटा चौराहे पर स्थित आधा दर्जन से अधिक दुकानों को ढ़हा दिया गया। एसडीएम ने बताया कि इस मार्ग में पहले ही स्थानीय लोगों को मानक बता दिया गया था और चिन्ह भी लगा दिए गए थे। मगर लोगों ने मानक पर अतिक्रमण खुद नहीं हटाया। जिससे जेसीबी लगाकर अवैध अतिक्रमण ढ़हा दिया गया। गाजीपुर प्रतिनिधि के अनुसार के तहसीलदार सदर विदुषी सिंह ने कुएं की जगत तोडक़र वहां का अतिक्रमण हटा दिया। तहसीलदार ने बताया कि 2015 में हाईकोर्ट का आदेश आया था। जिसमें गांव के रास्ते को रोकने वाली निष्प्रयोज्य कुएं की जगत को हटाने के आदेश दिए गए थे। यह प्रकरण दो दिन पूर्व ही संज्ञान में आया, जिसके बाद हाईकोर्ट का अनुपालन करते हुए अतिक्रमण हटा दिया गया।
विज्ञापन
मानक के मुताबिक पत्थरकटा चौराहे पर सोलह मीटर और इसके बाद आगे मुराइन टोला की तरफ चौदह मीटर के मानक पर अतिक्रमण अभियान चलाया गया। अभियान में पत्थरकटा चौराहे पर स्थित आधा दर्जन से अधिक दुकानों को ढ़हा दिया गया। एसडीएम ने बताया कि इस मार्ग में पहले ही स्थानीय लोगों को मानक बता दिया गया था और चिन्ह भी लगा दिए गए थे। मगर लोगों ने मानक पर अतिक्रमण खुद नहीं हटाया। जिससे जेसीबी लगाकर अवैध अतिक्रमण ढ़हा दिया गया। गाजीपुर प्रतिनिधि के अनुसार के तहसीलदार सदर विदुषी सिंह ने कुएं की जगत तोडक़र वहां का अतिक्रमण हटा दिया। तहसीलदार ने बताया कि 2015 में हाईकोर्ट का आदेश आया था। जिसमें गांव के रास्ते को रोकने वाली निष्प्रयोज्य कुएं की जगत को हटाने के आदेश दिए गए थे। यह प्रकरण दो दिन पूर्व ही संज्ञान में आया, जिसके बाद हाईकोर्ट का अनुपालन करते हुए अतिक्रमण हटा दिया गया।
विज्ञापन