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बदलवाने के चक्कर में गंवाए 11 लाख
ब्यूरो, अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Wed, 07 Dec 2016 12:43 AM IST
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rupee shimla
पांच सौ और हजार के पुराने नोट खपाने के चक्कर में एक बसपा नेता के चचेरे भाई से ग्यारह लाख रुपये की टप्पेबाजी हो गई। जिस शख्स से 20 प्रतिशत कटौती पर इस मोटी रकम को एक्सचेंज का सौदा किया गया था, वह लेकर फरार हो गया। युवक के भागने की खबर लगते ही परिवार में हड़कंप मच गया। खुलासा तब हुआ जब वह व्यक्ति अपने कुछ लोगों के साथ आरोपी को तलाशते हुए उसके मुहल्ले पहुंचा। मामला कई लाख का होने के बावजूद भुक्तभोगी पुलिस तक नहीं पहुंचा है। हालांकि कोतवाल ने मामले की जानकारी होने और अपने स्तर से छानबीन कराने की बात कही है।
कस्बे के एक बसपा नेता के चचेरे भाई ने नगर के ही पैगंबरपुर-जहानपुर मोहल्ला में रहने वाले चार युवकाें को 11 लाख रुपये बदलने के लिए दिए थे। युवकों ने 20 प्रतिशत कटौती पर यह काम करने का बीड़ा उठाया था। यह शर्त रुपया देने वाले ने स्वीकार कर ली थी। बताते हैं कि उन युवकों ने कोतवाली क्षेत्र के नौधीखेड़ा गांव के एक युवक को यह मोटी रकम 15 प्रतिशत कटौती पर बदलने का सौदा कर लिया। इतनी मोटी रकम देखकर आरोपी को लालच आई और वह उसे लेकर फुर्र हो गया। इधर, बसपा नेता के चचेरे भाई को रकम वापस नहीं मिली तो वह उस व्यक्ति को ढूंढते उसके मुहल्ले पहुंच गया और तब मामले का खुलासा हुआ।
11 लाख रुपया लेकर भागने की खबर सारा दिन नगर में चर्चा का विषय बनी रही। लोग इस प्रकरण को ब्लैक मनी को ह्वाइट मनी मेें तब्दील करने से जोड़ कर देखते रहे। ज्यादातर लोगाें का कहना था कि यह रकम बसपा के एक बड़े नेता की है, जिसे स्थानीय नेताओं के जरिए हिल्ले लगाने काम किया जा रहा था। इधर, कोतवाल आरके सिंह ने कहा कि चर्चा वह भी सुन रहे हैं। हालांकि उनके पास न तो बसपा नेता आए और न ही उनका चचेरे भाई। ब्लैक एंड ह्वाइट मनी के मौजूदा समय में चल रहे प्रकरण के मद्देनजर मामले की जांच कराई जाएगी ताकि सच्चाई का पता चल सके।
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कस्बे के एक बसपा नेता के चचेरे भाई ने नगर के ही पैगंबरपुर-जहानपुर मोहल्ला में रहने वाले चार युवकाें को 11 लाख रुपये बदलने के लिए दिए थे। युवकों ने 20 प्रतिशत कटौती पर यह काम करने का बीड़ा उठाया था। यह शर्त रुपया देने वाले ने स्वीकार कर ली थी। बताते हैं कि उन युवकों ने कोतवाली क्षेत्र के नौधीखेड़ा गांव के एक युवक को यह मोटी रकम 15 प्रतिशत कटौती पर बदलने का सौदा कर लिया। इतनी मोटी रकम देखकर आरोपी को लालच आई और वह उसे लेकर फुर्र हो गया। इधर, बसपा नेता के चचेरे भाई को रकम वापस नहीं मिली तो वह उस व्यक्ति को ढूंढते उसके मुहल्ले पहुंच गया और तब मामले का खुलासा हुआ।
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11 लाख रुपया लेकर भागने की खबर सारा दिन नगर में चर्चा का विषय बनी रही। लोग इस प्रकरण को ब्लैक मनी को ह्वाइट मनी मेें तब्दील करने से जोड़ कर देखते रहे। ज्यादातर लोगाें का कहना था कि यह रकम बसपा के एक बड़े नेता की है, जिसे स्थानीय नेताओं के जरिए हिल्ले लगाने काम किया जा रहा था। इधर, कोतवाल आरके सिंह ने कहा कि चर्चा वह भी सुन रहे हैं। हालांकि उनके पास न तो बसपा नेता आए और न ही उनका चचेरे भाई। ब्लैक एंड ह्वाइट मनी के मौजूदा समय में चल रहे प्रकरण के मद्देनजर मामले की जांच कराई जाएगी ताकि सच्चाई का पता चल सके।
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