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पति, सास और ससुर को आजीवन कारावास
ब्यूरो, अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Wed, 10 Feb 2016 12:33 AM IST
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कोर्ट ने दहेज के लिए विवाहिता को जिंदा जलाने वाले
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पति व सास-ससुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों पर 25-25
हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
यह वारदात 12 नवंबर 2012 की है। महोबा जिले के छानीकला गांव निवासी इंद्रपाल सिंह ने अपनी पुत्री संगीता का विवाह चांदपुर थाने के कुलखेड़ा गांव निवासी अभिमन्यु सिंह के पुत्र गुड्डन उर्फ कमल के साथ 16 फरवरी 2012 को सामर्थ्य के अनुसार दान दहेज देकर की थी।
शादी के कुछ दिनों तक तो सब ठीक रहा लेकिन फिर ससुरालीजनों ने दहेज की मांग शुरू कर दी। दहेज न मिलने पर विवाहिता को मारने पीटने लगे। दहेज की मांग पूरी न होने पर पति, सास और ससुर ने विवाहिता पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी थी जिससे उसकी मौत हो गई थी।
मृतका के पिता ने पति गुड्डन उर्फ कमल, ससुर अभिमन्यु सिंह और सास पुष्पा सिंह के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। मंगलवार को अपर जिला जज कोर्ट नंबर एक विकार अहमद ने मामले की अंतिम सुनवाई की। शासकीय अधिवक्ता रहस बिहारी श्रीवास्तव ने आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत और दलीलें पेश की। कोर्ट ने हत्या के आरोपी पति, सास और सुसर को सजा सुनाई है।
यह वारदात 12 नवंबर 2012 की है। महोबा जिले के छानीकला गांव निवासी इंद्रपाल सिंह ने अपनी पुत्री संगीता का विवाह चांदपुर थाने के कुलखेड़ा गांव निवासी अभिमन्यु सिंह के पुत्र गुड्डन उर्फ कमल के साथ 16 फरवरी 2012 को सामर्थ्य के अनुसार दान दहेज देकर की थी।
शादी के कुछ दिनों तक तो सब ठीक रहा लेकिन फिर ससुरालीजनों ने दहेज की मांग शुरू कर दी। दहेज न मिलने पर विवाहिता को मारने पीटने लगे। दहेज की मांग पूरी न होने पर पति, सास और ससुर ने विवाहिता पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी थी जिससे उसकी मौत हो गई थी।
मृतका के पिता ने पति गुड्डन उर्फ कमल, ससुर अभिमन्यु सिंह और सास पुष्पा सिंह के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। मंगलवार को अपर जिला जज कोर्ट नंबर एक विकार अहमद ने मामले की अंतिम सुनवाई की। शासकीय अधिवक्ता रहस बिहारी श्रीवास्तव ने आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत और दलीलें पेश की। कोर्ट ने हत्या के आरोपी पति, सास और सुसर को सजा सुनाई है।