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पड़ोसी का घर जलाने पर सात साल की कैद
Updated Sat, 04 Aug 2018 12:14 AM IST
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पड़ोसी का घर जलाने पर सात साल की कैद
क्रासर:::
- सात साल से विचाराधीन था प्रकरण
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। रंजिशन पड़ोसी के घर में आग लगा देने के मामले में अदालत ने आरोपी को सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मामला सात साल से विचाराधीन था। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र निगम ने इस मामले में गवाह और सबूतों को मद्देनजर आरोपी को यह सजा सुनाई है। आरोपी जमानत पर घर में रह रहा था।
मामला बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के परसेढ़ा गांव का है। गांव के रामबाबू और छोटेलाल एक दूसरे के पड़ोसी थे। दोनों की आपस में पुरानी रंजिश थी। पांच मार्च 2011 को रात 12 बजे छोटेलाल ने रामबाबू के छप्पर में आग लगा दी थी। जिस वक्त यह घटना हुई, उस वक्त रामबाबू की पत्नी श्यामकली छप्पर के नीचे ही लेटी थी। उसने छोटेलाल को छप्पर में आग लगाते देखा तो शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर छोटेलाल अपने घर के आंगन में कूद कर भाग गया। आग लगने से रामबाबू की पूरी गृहस्थी जलकर राख हो गई। पुलिस इस मामले में छोटेलाल के विरुद्ध एफआईआर की थी। प्रकरण कोर्ट नंबर सात अपर जिला जज शैलेंद्र निगम की अदालत में विचाराधीन था। अदालत ने सहायक शासकीय अधिवक्ता सहदेव गुप्ता की दलीलों को सुनते हुए पड़ोसी के घर को जलाने के आरोप में छोटेलाल को सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही आरोपी पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड का भुगतान ना करने पर आरोपी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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- सात साल से विचाराधीन था प्रकरण
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। रंजिशन पड़ोसी के घर में आग लगा देने के मामले में अदालत ने आरोपी को सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मामला सात साल से विचाराधीन था। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र निगम ने इस मामले में गवाह और सबूतों को मद्देनजर आरोपी को यह सजा सुनाई है। आरोपी जमानत पर घर में रह रहा था।
मामला बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के परसेढ़ा गांव का है। गांव के रामबाबू और छोटेलाल एक दूसरे के पड़ोसी थे। दोनों की आपस में पुरानी रंजिश थी। पांच मार्च 2011 को रात 12 बजे छोटेलाल ने रामबाबू के छप्पर में आग लगा दी थी। जिस वक्त यह घटना हुई, उस वक्त रामबाबू की पत्नी श्यामकली छप्पर के नीचे ही लेटी थी। उसने छोटेलाल को छप्पर में आग लगाते देखा तो शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर छोटेलाल अपने घर के आंगन में कूद कर भाग गया। आग लगने से रामबाबू की पूरी गृहस्थी जलकर राख हो गई। पुलिस इस मामले में छोटेलाल के विरुद्ध एफआईआर की थी। प्रकरण कोर्ट नंबर सात अपर जिला जज शैलेंद्र निगम की अदालत में विचाराधीन था। अदालत ने सहायक शासकीय अधिवक्ता सहदेव गुप्ता की दलीलों को सुनते हुए पड़ोसी के घर को जलाने के आरोप में छोटेलाल को सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही आरोपी पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड का भुगतान ना करने पर आरोपी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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