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हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार को उम्रकैद
Updated Wed, 28 Mar 2018 11:32 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। हत्या के मामले में अदालत ने एक ही परिवार के चार लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने चारों अभियुक्तों के खिलाफ 21- 21 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। यह घटना बिंदकी कोतवाली के गांव जबरापुर में जमीन विवाद में नौ जून 2012 को दोपहर हुई थी।
गांव में ज्ञान सिंह अपनी पत्नी माधुरी और भाभी निशा के साथ दरवाजे पर बैठे थे तभी गांव के ही वीरेंद्र अपने भाई नरेंद्र, मां सुराता व बहन नीलम के साथ लाठी, डंडा लेकर पहुंचे और गाली गलौज शुरू कर दिया। इस पर ज्ञान सिंह के भाई जय सिंह ने गाली देने से मना किया तो वीरेंद्र, नरेंद्र, सुराता, नीलम ने लाठी डंडों से पीटना शुरू कर दिया। इस पर जय सिंह को गंभीर चोटें आने से उसकी मौके पर मौत हो गई थी, जबकि पत्नी निशा और भाभी माधुरी को भी चोटें आईं। घटना के बाद जय सिंह के भाई ज्ञान सिंह ने चारों हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक ऋचा जोशी ने मामले की सुनवाई की। अभियोजन पक्ष से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रहस बिहारी श्रीवास्तव व बाबू सिंह यादव ने अभियुक्तों के खिलाफ सबूत और दलीलें पेश की। कोर्ट ने चारों अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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फतेहपुर। हत्या के मामले में अदालत ने एक ही परिवार के चार लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने चारों अभियुक्तों के खिलाफ 21- 21 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। यह घटना बिंदकी कोतवाली के गांव जबरापुर में जमीन विवाद में नौ जून 2012 को दोपहर हुई थी।
गांव में ज्ञान सिंह अपनी पत्नी माधुरी और भाभी निशा के साथ दरवाजे पर बैठे थे तभी गांव के ही वीरेंद्र अपने भाई नरेंद्र, मां सुराता व बहन नीलम के साथ लाठी, डंडा लेकर पहुंचे और गाली गलौज शुरू कर दिया। इस पर ज्ञान सिंह के भाई जय सिंह ने गाली देने से मना किया तो वीरेंद्र, नरेंद्र, सुराता, नीलम ने लाठी डंडों से पीटना शुरू कर दिया। इस पर जय सिंह को गंभीर चोटें आने से उसकी मौके पर मौत हो गई थी, जबकि पत्नी निशा और भाभी माधुरी को भी चोटें आईं। घटना के बाद जय सिंह के भाई ज्ञान सिंह ने चारों हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
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बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक ऋचा जोशी ने मामले की सुनवाई की। अभियोजन पक्ष से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रहस बिहारी श्रीवास्तव व बाबू सिंह यादव ने अभियुक्तों के खिलाफ सबूत और दलीलें पेश की। कोर्ट ने चारों अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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