{"_id":"5a959f194f1c1b75718b4859","slug":"91519755033-fatehpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैराज से जलौन के मोटर मालिक का ट्रक गायब","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
गैराज से जलौन के मोटर मालिक का ट्रक गायब
Updated Tue, 27 Feb 2018 11:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। इंजन बदलने के लिए खड़ा दस चक्का ट्रक गैराज से गायब हो गया। जालौन के मोटर मालिक ने गैराज मिस्त्री पर 20 हजार रुपये एडवांस लेने और ट्रक गायब करने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि पांच महीने पहले घटना हुई थी, पहले गैराज वाले टरकाते रहे अब एक माह से पुलिस भी टरका रही है।
जालौन जिले के थाना कालपी के रामगंज कस्बा निवासी फुरकान खान ने बताया कि वह ट्रक मालिक हैं। ट्रक 21 सितंबर को फतेहपुर की ओर जा रहा था। अचानक इंजन फट गया था। ड्राइवर ने ट्रक नउवाबाग इलाके के एक गैराज में खड़ा किया। सूचना पर वह गैराज पहुंचे। मिस्त्री ने 80 हजार रुपये में इंजन दूसरा लगाने की बात तय की। उसने बीस हजार रुपये एडवांस दिए। मिस्त्री ने एक महीने का वक्त मांगा। महीने भर बाद लौटा। दुकान बंद मिली तो वह आसपास के लोगों से पता करके बकंधा गांव मिस्त्री के घर पहुंचा। उसने ट्रक कहीं खड़ा कर देने की बात कही। इंजन आने पर ट्रक मिलना बताया।
कई बार मिस्त्री के घर के चक्कर काटे। मिस्त्री की पत्नी ने 22 जनवरी को साफ जवाब दिया कि ट्रक नहीं मिलेगा जो करना चाहो कर लो। वह कोतवाली रिपोर्ट कराने पहुंचा वहां से तहरीर लेकर जेल चौकी भेज दिया।
विज्ञापन
तत्कालीन चौकी इंचार्ज ने ट्रक बरामद कराने का आश्वासन दिया। वह सीएम व पुलिस उच्चाधिकारियों को पत्र भी भेज चुका है लेकिन पुलिस उसे टरका रही है।
विज्ञापन
फतेहपुर। इंजन बदलने के लिए खड़ा दस चक्का ट्रक गैराज से गायब हो गया। जालौन के मोटर मालिक ने गैराज मिस्त्री पर 20 हजार रुपये एडवांस लेने और ट्रक गायब करने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि पांच महीने पहले घटना हुई थी, पहले गैराज वाले टरकाते रहे अब एक माह से पुलिस भी टरका रही है।
जालौन जिले के थाना कालपी के रामगंज कस्बा निवासी फुरकान खान ने बताया कि वह ट्रक मालिक हैं। ट्रक 21 सितंबर को फतेहपुर की ओर जा रहा था। अचानक इंजन फट गया था। ड्राइवर ने ट्रक नउवाबाग इलाके के एक गैराज में खड़ा किया। सूचना पर वह गैराज पहुंचे। मिस्त्री ने 80 हजार रुपये में इंजन दूसरा लगाने की बात तय की। उसने बीस हजार रुपये एडवांस दिए। मिस्त्री ने एक महीने का वक्त मांगा। महीने भर बाद लौटा। दुकान बंद मिली तो वह आसपास के लोगों से पता करके बकंधा गांव मिस्त्री के घर पहुंचा। उसने ट्रक कहीं खड़ा कर देने की बात कही। इंजन आने पर ट्रक मिलना बताया।
विज्ञापन
कई बार मिस्त्री के घर के चक्कर काटे। मिस्त्री की पत्नी ने 22 जनवरी को साफ जवाब दिया कि ट्रक नहीं मिलेगा जो करना चाहो कर लो। वह कोतवाली रिपोर्ट कराने पहुंचा वहां से तहरीर लेकर जेल चौकी भेज दिया।
विज्ञापन
तत्कालीन चौकी इंचार्ज ने ट्रक बरामद कराने का आश्वासन दिया। वह सीएम व पुलिस उच्चाधिकारियों को पत्र भी भेज चुका है लेकिन पुलिस उसे टरका रही है।