{"_id":"5bd213f4bdec22697f67ff00","slug":"121540494324-fatehpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिता की हत्या में बेटे को जेल, पौत्र फरार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पिता की हत्या में बेटे को जेल, पौत्र फरार
Updated Fri, 26 Oct 2018 12:51 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फतेहपुर। रिटायर्ड हेड कांस्टेबल की हत्या में पुलिस ने उनकी पहली पत्नी के बेटे रविशंकर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इकलौते पौत्र गौरव की तलाश में टीम छापेमारी कर रही है। आरोपी के पास से पुलिस ने 315 बोर का तमंचा बरामद किया है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के शांतीनगर निवासी रिटायर्ड हेड कांस्टेबल गोवर्धन मिश्रा की आईटीआई रोड में मंगलवार दोपहर सरेराह हत्या कर दी गई थी। मुख्य आरोपी रविशंकर और उसका बेटा गौरव हैं। रवि शंकर रिटायर्ड हेड कांस्टेबल की पहली पत्नी का बेटा है। कोतवाल शैलेंद्र सिंह ने बताया कि हत्यारोपी को शहर के गाजीपुर बस अड्डे
से गिरफ्तार किया गया है। पास में 315 बोर का तमंचा बरामद हुआ है। रविशंकर ने कबूल किया है कि उसने अपने बेटे गौरव के साथ मिलकर हत्या की। रविशंकर ने कहा कि उसने बहुत मजबूरी में यह कदम उठाया। मां की मौत के बाद बचपन ननिहाल में बीता। जवान होने पर पिता से खेत की मांग की थी। गांव दरियामऊ के मकान में
विज्ञापन
पिता ने ताला डाल दिया था। सालों से उसका परिवार ननिहाल में ही रहता है। उसे खेत से बेदखल कर दिया था। उसका जीवन यापन मुश्किल हो गया था। मजदूरी करके पत्नी, चार बेटियां और एक बेटे का परिवार चलाता रहा। दरियामऊ में वरासत के तौर पर करोड़ाें की 60 बीघा जमीन थी। पिता ने 23 बीघा खेत बेचकर दूसरी मां शशि के नाम हसवा में जमीन खरीदी थी। उस रकम में भी रुपये नहीं दिए थे। अब बचे खेत और बाग बेचना चाहते थे। कई बार पंचायत हुई। उसे परिवार चलाने के लिए जमीन नहीं दे रहे थे। उसे परेशान होकर यह कदम उठाना पड़ा। इधर, गौरव की तलाश में पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं। गौरव दिल्ली में प्राइवेट नौकरी कर रहा था। अभी चार-पांच दिन पहले ही छुट्टी पर यहां आया था। इसकी डेढ़ साल पहले नौकरी लगी थी। लंबी मुफलिसी के बाद मिली यह नौकरी परिवार का एक सहारा बनी थी। अब इस हत्याकांड के बाद परिवार एक बार फिर मुफलिसी के दौर में आ गया। गौरव अपने पिता का इकलौता बेटा है।
23- हत्यारोपी बेटा रविशंकर उर्फ बब्बी
रिटायर्ड सिपाही की हत्या में बेटे को जेल
- आरोपी ने कबूला जुर्म, पौत्र की तलाश में टीम कर रही छापेमारी
- खेत बेचकर दूसरी पत्नी को दे रहे थे रकम
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
सदर कोतवाली क्षेत्र के शांतीनगर निवासी रिटायर्ड हेड कांस्टेबल गोवर्धन मिश्रा की आईटीआई रोड में मंगलवार दोपहर सरेराह हत्या कर दी गई थी। मुख्य आरोपी रविशंकर और उसका बेटा गौरव हैं। रवि शंकर रिटायर्ड हेड कांस्टेबल की पहली पत्नी का बेटा है। कोतवाल शैलेंद्र सिंह ने बताया कि हत्यारोपी को शहर के गाजीपुर बस अड्डे
विज्ञापन
से गिरफ्तार किया गया है। पास में 315 बोर का तमंचा बरामद हुआ है। रविशंकर ने कबूल किया है कि उसने अपने बेटे गौरव के साथ मिलकर हत्या की। रविशंकर ने कहा कि उसने बहुत मजबूरी में यह कदम उठाया। मां की मौत के बाद बचपन ननिहाल में बीता। जवान होने पर पिता से खेत की मांग की थी। गांव दरियामऊ के मकान में
विज्ञापन
पिता ने ताला डाल दिया था। सालों से उसका परिवार ननिहाल में ही रहता है। उसे खेत से बेदखल कर दिया था। उसका जीवन यापन मुश्किल हो गया था। मजदूरी करके पत्नी, चार बेटियां और एक बेटे का परिवार चलाता रहा। दरियामऊ में वरासत के तौर पर करोड़ाें की 60 बीघा जमीन थी। पिता ने 23 बीघा खेत बेचकर दूसरी मां शशि के नाम हसवा में जमीन खरीदी थी। उस रकम में भी रुपये नहीं दिए थे। अब बचे खेत और बाग बेचना चाहते थे। कई बार पंचायत हुई। उसे परिवार चलाने के लिए जमीन नहीं दे रहे थे। उसे परेशान होकर यह कदम उठाना पड़ा। इधर, गौरव की तलाश में पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं। गौरव दिल्ली में प्राइवेट नौकरी कर रहा था। अभी चार-पांच दिन पहले ही छुट्टी पर यहां आया था। इसकी डेढ़ साल पहले नौकरी लगी थी। लंबी मुफलिसी के बाद मिली यह नौकरी परिवार का एक सहारा बनी थी। अब इस हत्याकांड के बाद परिवार एक बार फिर मुफलिसी के दौर में आ गया। गौरव अपने पिता का इकलौता बेटा है।
23- हत्यारोपी बेटा रविशंकर उर्फ बब्बी
रिटायर्ड सिपाही की हत्या में बेटे को जेल
- आरोपी ने कबूला जुर्म, पौत्र की तलाश में टीम कर रही छापेमारी
- खेत बेचकर दूसरी पत्नी को दे रहे थे रकम
अमर उजाला ब्यूरो