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बसपा नेता पिता-पुत्र पर ठगी का मुकदमा
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फतेहपुर। बसपा नेता पिता-पुत्र पर नौकरी का झांसा देकर रुपये हड़पने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच भी पुलिस ने शुरू की है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के नासिरपीर मोहल्ला निवासी राजेंद्र प्रसाद बाजपेई ने बताया कि उसके बेटे रविकांत और शशिकांत हैं। आरोप है कि उनके बेटों को संस्कृत महाविद्यालय में लिपिक और कोर्ट में चतुर्थ श्रेणी पद पर नौकरी का दिलाने का झांसा महाविद्यालय के कथित प्रबंधक प्रदीप गर्ग निवासी आरकेपुरम गढ़ीवा ने दिया था।
प्रदीप गर्ग बसपा में ब्राह्मण भाईचारा कमेटी के कोआर्डिनेटर हैं और जिला वितरक संघ के संरक्षक हैं। प्रदीप गर्ग ने 2017 में तीन लाख रुपये ठग लिए और नौकरी भी नहीं लगवाई। दबाव बनाने पर सात जून 2017 और 28 फरवरी 2018 को चेक के जरिए एक लाख रुपये वापस किए। बाकी रुपये नहीं दिए। उन्होंने नौकरी देने के नाम पर कई लोगों से करीब एक करोड़ रुपये की ठगी की है।
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राजेंद्र प्रसाद बाजपेई का आरोप है कि वह 25 जुलाई 2021 को प्रदीप के घर रुपये मांगने पहुंचे। तभी उनके अधिवक्ता बेटे शाश्वत ने राइफल तानकर गोलियों से भून डालने की धमकी दी और कुत्तों को उन पर छोड़ दिया। किसी तरह उन्होंने जान बचाई। शाश्वत बसपा के जिला कोषाध्यक्ष हैं। एसपी के आदेश पर सीओ सिटी ने मामले की जांच की। सीओ सिटी संजय सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
उधर, बसपा नेता प्रदीप गर्ग ने बताया कि उन्हें व उनके बेटे को बेवजह परेशान किया जा रहा है। सारे आरोप निराधार हैं। राजनीतिक दबाव में यह कार्रवाई की जा रही है। मामले में शिकायतकर्ता पहले ही लिखित रूप से यह बयान दे चुका है कि उनके साथ ऐसा कुछ नहीं हुआ है। यह बयान वह पुलिस को भी दे चुके हैं। फिर भी गलत तरीके से एफआईआर दर्ज की गई है।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के नासिरपीर मोहल्ला निवासी राजेंद्र प्रसाद बाजपेई ने बताया कि उसके बेटे रविकांत और शशिकांत हैं। आरोप है कि उनके बेटों को संस्कृत महाविद्यालय में लिपिक और कोर्ट में चतुर्थ श्रेणी पद पर नौकरी का दिलाने का झांसा महाविद्यालय के कथित प्रबंधक प्रदीप गर्ग निवासी आरकेपुरम गढ़ीवा ने दिया था।
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प्रदीप गर्ग बसपा में ब्राह्मण भाईचारा कमेटी के कोआर्डिनेटर हैं और जिला वितरक संघ के संरक्षक हैं। प्रदीप गर्ग ने 2017 में तीन लाख रुपये ठग लिए और नौकरी भी नहीं लगवाई। दबाव बनाने पर सात जून 2017 और 28 फरवरी 2018 को चेक के जरिए एक लाख रुपये वापस किए। बाकी रुपये नहीं दिए। उन्होंने नौकरी देने के नाम पर कई लोगों से करीब एक करोड़ रुपये की ठगी की है।
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राजेंद्र प्रसाद बाजपेई का आरोप है कि वह 25 जुलाई 2021 को प्रदीप के घर रुपये मांगने पहुंचे। तभी उनके अधिवक्ता बेटे शाश्वत ने राइफल तानकर गोलियों से भून डालने की धमकी दी और कुत्तों को उन पर छोड़ दिया। किसी तरह उन्होंने जान बचाई। शाश्वत बसपा के जिला कोषाध्यक्ष हैं। एसपी के आदेश पर सीओ सिटी ने मामले की जांच की। सीओ सिटी संजय सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
उधर, बसपा नेता प्रदीप गर्ग ने बताया कि उन्हें व उनके बेटे को बेवजह परेशान किया जा रहा है। सारे आरोप निराधार हैं। राजनीतिक दबाव में यह कार्रवाई की जा रही है। मामले में शिकायतकर्ता पहले ही लिखित रूप से यह बयान दे चुका है कि उनके साथ ऐसा कुछ नहीं हुआ है। यह बयान वह पुलिस को भी दे चुके हैं। फिर भी गलत तरीके से एफआईआर दर्ज की गई है।