{"_id":"62e6d4c5f402d65d667168d2","slug":"crime-fatehpur-news-knp710535040","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपहरण व फिरौती में 6 लोगों को जेल भेजा गया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपहरण व फिरौती में 6 लोगों को जेल भेजा गया
विज्ञापन
खागा। दो दिनों से वेल्डिंग व्यापारी का शव तलाशने में जुटी पुलिस ने रविवार को अपहरण व हत्या के छह आरोपियों को जेल भेज दिया। अधिकारियों का कहना है कि व्यापारी के शव की तलाश जारी है। उधर, व्यापारी के परिजनों के आंसू है कि थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। उनका कहना है कि यदि वाकई इरफान जीवित नहीं है तो कम से कम पुलिस उसका शव ही दिखा दे।
बीती 21 जुलाई को पौली गांव निवासी वेल्डिंग व्यापारी इरफान के अपहरण के बाद 20 लाख की फिरौती के लिए हत्या कर दी गई थी। आरोपियों के मुताबिक उन्होंने इरफान के शव को गाजीपुर क्षेत्र स्थित यमुना नदी में फेंका था। पुलिस, गोताखोर और एसडीआरएफ की टीमें बीते दो दिनों से यमुना में शव की तलाश कर रही हैं, लेकिन शव हाथ नहीं लगा।
रविवार को कोतवाली पुलिस ने अपहरण, फिरौती धाराओं में पकड़े गए सभी छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा है। पकड़े गए आरोपियों में धर्मेंद्र कुमार निवासी कसरहा का पुरवा मजरे सलेमाबाद, दीपक मौर्य निवासी कला गाजीपुर थाना हथगाम, अभिषेक गुप्ता निवासी छिवलहा थाना हथगाम, सुरेंद्र उर्फ बबलू पुत्र निवासी कसरहा का पुरवा मजरे सलेमाबाद थाना हथगाम, कुलदीप मौर्य निवासी रसूलपुर वैसापुर थाना खागा हाल पता ईसाइनपुरवा, अनिल कुमार निवासी चक गाजीपुर थाना हथगाम शामिल हैं।
विज्ञापन
इनके पास से पांच मोबाइल फोन, एक कीपैड मोबाइल, एक बैंक पासबुक, इरफान के मोबाइल की रसीद, चार सिमकार्ड, एक डिजायर कार व 1750 रुपये बरामद किए गए हैं। धरपकड़ करने वाली टीम में इंस्पेक्टर खागा जयप्रकाश शाही, इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार यादव, एसआई कृष्ण स्वरूप, धर्मेंद्र कुमार, अखिलेश यादव आदि रहे।
वारदात में शामिल अधिकांश आरोपी दुकानदार है। पुलिस का कहना है कि रुपयों की लालच में वे सभी वारदात में शामिल हो गए। मास्टर माइंड धर्मेंद्र मौर्या नवाबगंज में स्टील वेल्डिंग का काम करता था। यहीं पर दूसरे आरोपी दीपक मौर्या की मोबाइल की दुकान है। दीपक की दुकान के ठीक सामने अभिषेक गुप्ता की बर्तन की दुकान है। जबकि अनिल कुमार की भी यहीं पर सिलाई की दुकान है। जबकि सुरेंद्र उर्फ बबलू गैर प्रांत रहकर एक महीने पहले ही आया था। कुलदीप मौर्या, आरोपी दीपक की बुआ का लड़का है। नवाबगंज चौराहे पर दुकान होने के कारण, धर्मेंद्र, दीपक, अभिषेक व अनिल दोस्त थे।
बेटे इरफान की एक झलक देखने के लिए परिजन तीन- चार दिनों से कोतवाली के चक्कर काट रहे हैं। उनकी आंखों के आंसू सूख से गए हैं। पिता मुराद को तो मोहल्ले के लोग बड़ी मुश्किल से संभाल रहे थे। वहीं नौशाद की आंखे में थाने से निकलते पुलिस कर्मियों को निहार रही है, शायद कोई उनके भाई इरफान के बारे में भी कुछ बता सके। परिजनों का कहना है कि पुलिस जीते जी तो इरफान को नहीं ला सके, यदि उसकी मौत को ही हकीकत माना जा रहा है तो कम से कम बेटे का शव ही दिखा दे।
पुलिस ने फिलहाल सभी आरोपियों को अपहरण व फिरौती के आरोप में ही जेल भेजा है। पुलिस का मानना है कि शव न मिलने की वजह से ऐसा किया गया है, लेकिन विवेचना में पकड़े गए आरोपियों के बयानों को भी शामिल किया जाएगा। इसके अलावा व्यापारी के कपड़े व चप्पल भी पुलिस को मिले हैं। कुछ और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, जिनके मिलते ही हत्या की धारा जोड़ दी जाएगी।
खखरेरू थाना क्षेत्र के पौली गांव निवासी इरफान पुत्र मुराद अली का 21 जुलाई को खागा से अपहरण कर लिया गया था। अपहरण धर्मेंद्र व उसके साथियों ने किया था। यह लोग इरफान को 21 जुलाई को चित्रकूट के हनुमान धारा के पहाड़ पर ले गए और वापस लौटते समय पहाड़ पर ही कार के अंदर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को कार से लाकर औगासी यमुना पुल से नीचे थाना मरका जिला बांदा क्षेत्र में फेंक दिया। 27 जुलाई को धर्मेंद्र व उसके साथी पकड़े गए, लेकिन पुलिस शव बरामद नहीं कर सकी। जबकि अन्य साक्ष्य पुलिस ने जुटा लिए थे।
विज्ञापन
बीती 21 जुलाई को पौली गांव निवासी वेल्डिंग व्यापारी इरफान के अपहरण के बाद 20 लाख की फिरौती के लिए हत्या कर दी गई थी। आरोपियों के मुताबिक उन्होंने इरफान के शव को गाजीपुर क्षेत्र स्थित यमुना नदी में फेंका था। पुलिस, गोताखोर और एसडीआरएफ की टीमें बीते दो दिनों से यमुना में शव की तलाश कर रही हैं, लेकिन शव हाथ नहीं लगा।
विज्ञापन
रविवार को कोतवाली पुलिस ने अपहरण, फिरौती धाराओं में पकड़े गए सभी छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा है। पकड़े गए आरोपियों में धर्मेंद्र कुमार निवासी कसरहा का पुरवा मजरे सलेमाबाद, दीपक मौर्य निवासी कला गाजीपुर थाना हथगाम, अभिषेक गुप्ता निवासी छिवलहा थाना हथगाम, सुरेंद्र उर्फ बबलू पुत्र निवासी कसरहा का पुरवा मजरे सलेमाबाद थाना हथगाम, कुलदीप मौर्य निवासी रसूलपुर वैसापुर थाना खागा हाल पता ईसाइनपुरवा, अनिल कुमार निवासी चक गाजीपुर थाना हथगाम शामिल हैं।
विज्ञापन
इनके पास से पांच मोबाइल फोन, एक कीपैड मोबाइल, एक बैंक पासबुक, इरफान के मोबाइल की रसीद, चार सिमकार्ड, एक डिजायर कार व 1750 रुपये बरामद किए गए हैं। धरपकड़ करने वाली टीम में इंस्पेक्टर खागा जयप्रकाश शाही, इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार यादव, एसआई कृष्ण स्वरूप, धर्मेंद्र कुमार, अखिलेश यादव आदि रहे।
वारदात में शामिल अधिकांश आरोपी दुकानदार है। पुलिस का कहना है कि रुपयों की लालच में वे सभी वारदात में शामिल हो गए। मास्टर माइंड धर्मेंद्र मौर्या नवाबगंज में स्टील वेल्डिंग का काम करता था। यहीं पर दूसरे आरोपी दीपक मौर्या की मोबाइल की दुकान है। दीपक की दुकान के ठीक सामने अभिषेक गुप्ता की बर्तन की दुकान है। जबकि अनिल कुमार की भी यहीं पर सिलाई की दुकान है। जबकि सुरेंद्र उर्फ बबलू गैर प्रांत रहकर एक महीने पहले ही आया था। कुलदीप मौर्या, आरोपी दीपक की बुआ का लड़का है। नवाबगंज चौराहे पर दुकान होने के कारण, धर्मेंद्र, दीपक, अभिषेक व अनिल दोस्त थे।
बेटे इरफान की एक झलक देखने के लिए परिजन तीन- चार दिनों से कोतवाली के चक्कर काट रहे हैं। उनकी आंखों के आंसू सूख से गए हैं। पिता मुराद को तो मोहल्ले के लोग बड़ी मुश्किल से संभाल रहे थे। वहीं नौशाद की आंखे में थाने से निकलते पुलिस कर्मियों को निहार रही है, शायद कोई उनके भाई इरफान के बारे में भी कुछ बता सके। परिजनों का कहना है कि पुलिस जीते जी तो इरफान को नहीं ला सके, यदि उसकी मौत को ही हकीकत माना जा रहा है तो कम से कम बेटे का शव ही दिखा दे।
पुलिस ने फिलहाल सभी आरोपियों को अपहरण व फिरौती के आरोप में ही जेल भेजा है। पुलिस का मानना है कि शव न मिलने की वजह से ऐसा किया गया है, लेकिन विवेचना में पकड़े गए आरोपियों के बयानों को भी शामिल किया जाएगा। इसके अलावा व्यापारी के कपड़े व चप्पल भी पुलिस को मिले हैं। कुछ और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, जिनके मिलते ही हत्या की धारा जोड़ दी जाएगी।
खखरेरू थाना क्षेत्र के पौली गांव निवासी इरफान पुत्र मुराद अली का 21 जुलाई को खागा से अपहरण कर लिया गया था। अपहरण धर्मेंद्र व उसके साथियों ने किया था। यह लोग इरफान को 21 जुलाई को चित्रकूट के हनुमान धारा के पहाड़ पर ले गए और वापस लौटते समय पहाड़ पर ही कार के अंदर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को कार से लाकर औगासी यमुना पुल से नीचे थाना मरका जिला बांदा क्षेत्र में फेंक दिया। 27 जुलाई को धर्मेंद्र व उसके साथी पकड़े गए, लेकिन पुलिस शव बरामद नहीं कर सकी। जबकि अन्य साक्ष्य पुलिस ने जुटा लिए थे।