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पंचायत व घटना के बीच एक घंटे कहां रही युवती
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फतेहपुर। पंचायत खत्म होने और घटना के बीच एक घंटे की अंतराल रहा है। साफ है कि वह पंचायत के फैसले से नाराज होती तो वह घर आने के कुछ मिनटों बाद ही आत्मदाह का कदम उठाती। आग उसे काफी देर बाद लगी। ऐसे में युवती के साथ दुष्कर्म और आग लगाने का आरोप पुलिस के लिए जांच का विषय है। गांव में युवती
के घर से करीब बीस मीटर पर पंचायत हुई है। पंचायत खत्म होने के समय करीब पौने नौ बजे युवती को बुलाया गया। उसके पैर छूकर आरोपी ने माफी मांगी। उसके बाद युवती को घर जाने दिया था। आग लगने की सूचना करीब दस बजे मिली। एक घंटे के बीच युवती कहां रही इसके बारे में फिलहाल कोई जवाब नहीं है। कयास लगाए जा रहे हैं कि पंचायत से जाने के बाद युवती सीधे घर पहुंची होगी। तभी आरोपी भी पीछे से पहुंचा होगा। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया।
रेपिस्ट को पंचायत के माध्यम से माफ किया जाए तो प्रशासनिक जिम्मेदार पद पर बैठने वाले ऐसा बयान देते हैं तो समाज में बढ़ने वाली घटनाओं को हवा देना जैसा है। हैलट में मां और लड़की के बयान लिए है। उसकी उम्र 18 से 19 के बीच है। आरोपी लड़की को टार्चर करता था। मां बाप के खेत में चले जाते हैं। लड़की ने बताया कि मैम मेरे साथ बहुत कुछ हुआ मैं बता नहीं पा रही हूं उसे आरोपी बहुत मारपीट करता था। शुक्रवार रात भी दुष्कर्म किया
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था। लड़के के परिवार ने बुरा भला कहा। घटना की आपबीती परिवार को बताई। यहां के सम्मानित आपस में पंचायत कर फैसला सुना दिया कि दोनों अलग रहेंगे। लड़की ने व्यथा जानने की आप कैसे फैसला ले हो सकते हैं। पंचायत के बाद लड़की बकरी के लिए पत्ते लेने जा रही थी तभी आरोपी ने पीछे से हमला किया। आरोपी छत से
केरोसिन का डिब्बा लेकर आता है। उसके साथ दुष्कर्म किया और जला दिया। मौके पर पुलिस को केरोसिन का डिब्बा नहीं मिला है। कोई विटनेस नहीं है। आपसी निर्णय लेना है तो कानून की जरूरत नहीं बचेेगी। मामले में डीएम से बात की गई है। सीओ सिटी से केरोसिन का डिब्बे के बारे में पूछताछ की। पूरे मामले को आयोग में रखकर पीड़िता को न्याय दिलाने की बात कही है।
कमलेश गौतम-महिला आयोग सदस्य
महिला आयोग की सदस्य गांव में करीब आधे घंटे रुकीं। पीड़ित परिवार से बातचीत की। घर के अंदर जाकर देखा। साथ में सीओ सिटी, एसडीएम प्रमोद झा और तहसीलदार विदुषी सिंह पहुंची। उन्होंने पंचायत करने वाले पूर्व प्रधान के बेटे को बुलवाया। गंभीर मामले में पंचायत को माफ करने के अधिकार के बारे में पूछा। कई सवाल पंचायत को लेकर खड़े किए जिसके जवाब नहीं दे सका। इस दौरान कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल पहुंचा। परिवार की एक महिला से एकांत में बातचीत की। प्रतिनिधि मंडल में अध्यक्ष अखिलेेश पांडेय, शिवाकांत तिवारी, हेमलता पटेल, उदित अवस्थी, वीरेंद्र सिंह चौहान, राकेश प्रजापति, संतोष कुमारी शुक्ला मौजूद रहे।
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के घर से करीब बीस मीटर पर पंचायत हुई है। पंचायत खत्म होने के समय करीब पौने नौ बजे युवती को बुलाया गया। उसके पैर छूकर आरोपी ने माफी मांगी। उसके बाद युवती को घर जाने दिया था। आग लगने की सूचना करीब दस बजे मिली। एक घंटे के बीच युवती कहां रही इसके बारे में फिलहाल कोई जवाब नहीं है। कयास लगाए जा रहे हैं कि पंचायत से जाने के बाद युवती सीधे घर पहुंची होगी। तभी आरोपी भी पीछे से पहुंचा होगा। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया।
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रेपिस्ट को पंचायत के माध्यम से माफ किया जाए तो प्रशासनिक जिम्मेदार पद पर बैठने वाले ऐसा बयान देते हैं तो समाज में बढ़ने वाली घटनाओं को हवा देना जैसा है। हैलट में मां और लड़की के बयान लिए है। उसकी उम्र 18 से 19 के बीच है। आरोपी लड़की को टार्चर करता था। मां बाप के खेत में चले जाते हैं। लड़की ने बताया कि मैम मेरे साथ बहुत कुछ हुआ मैं बता नहीं पा रही हूं उसे आरोपी बहुत मारपीट करता था। शुक्रवार रात भी दुष्कर्म किया
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था। लड़के के परिवार ने बुरा भला कहा। घटना की आपबीती परिवार को बताई। यहां के सम्मानित आपस में पंचायत कर फैसला सुना दिया कि दोनों अलग रहेंगे। लड़की ने व्यथा जानने की आप कैसे फैसला ले हो सकते हैं। पंचायत के बाद लड़की बकरी के लिए पत्ते लेने जा रही थी तभी आरोपी ने पीछे से हमला किया। आरोपी छत से
केरोसिन का डिब्बा लेकर आता है। उसके साथ दुष्कर्म किया और जला दिया। मौके पर पुलिस को केरोसिन का डिब्बा नहीं मिला है। कोई विटनेस नहीं है। आपसी निर्णय लेना है तो कानून की जरूरत नहीं बचेेगी। मामले में डीएम से बात की गई है। सीओ सिटी से केरोसिन का डिब्बे के बारे में पूछताछ की। पूरे मामले को आयोग में रखकर पीड़िता को न्याय दिलाने की बात कही है।
कमलेश गौतम-महिला आयोग सदस्य
महिला आयोग की सदस्य गांव में करीब आधे घंटे रुकीं। पीड़ित परिवार से बातचीत की। घर के अंदर जाकर देखा। साथ में सीओ सिटी, एसडीएम प्रमोद झा और तहसीलदार विदुषी सिंह पहुंची। उन्होंने पंचायत करने वाले पूर्व प्रधान के बेटे को बुलवाया। गंभीर मामले में पंचायत को माफ करने के अधिकार के बारे में पूछा। कई सवाल पंचायत को लेकर खड़े किए जिसके जवाब नहीं दे सका। इस दौरान कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल पहुंचा। परिवार की एक महिला से एकांत में बातचीत की। प्रतिनिधि मंडल में अध्यक्ष अखिलेेश पांडेय, शिवाकांत तिवारी, हेमलता पटेल, उदित अवस्थी, वीरेंद्र सिंह चौहान, राकेश प्रजापति, संतोष कुमारी शुक्ला मौजूद रहे।