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फोन कॉल से अधिक योगेंद्र के फोन में टेक्स मैसेज का रिकार्ड
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खागा(फतेहपुर)। कोतवाली क्षेत्र के ब्राम्हण टोला निवासी कॉलेज प्रबंधक योगेंद्र सिंह हत्याकांड में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद भी पुलिस को कुछ खास क्लू हाथ नहीं लगा है। हालांकि पुलिस ने प्रारंभिक जांच में कुछ साथियों को पूछताछ के लिए बुलाया है। पुलिस ने योगेंद्र के साथ रहने वाले तीन दोस्तों से भी पूछताछ की है। इनसे भी अभी तक कोई ठोस बात सामने नहीं आ सकी है।
डिग्री कालेज संचालक योगेंद्र सिंह का शव बुधवार सुबह उनके मैरिज हाल की पार्किंग में खड़ी कार में मिला था। सीने में बाएं ओर गोली लगी थी और तमंचा पास में पड़ा था। पुलिस हत्या और आत्महत्या में उलझी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हत्या का मामला साफ हुआ। पुलिस योगेंद्र के फोन की गंभीरता से जांच कर रही है। उसमें
एक मोबाइल नंबर शहर का मिला है। पुलिस के मुताबिक नंबर का इस्तेमाल एक युवती करती है। अक्सर मैसेज में बातचीत करता था। योगेंद्र के फोन में बातचीत का रिकार्ड काफी कम है। पर, योगेंद्र के फोन में टेक्स्ट मैसेज सैकड़ों की संख्या में हैं। इनमें कई लगातार चैटिंग की हैं। जांच में कई दोस्तों के नंबर पर कुछ सेकेंड की बातचीत
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होने पता लगा। कई युवकों को कोतवाली में बुलाया गया। उनसे घटना के समय के आसपास रहने की जानकारी ली गई। पुलिस ने उनके बताने पर क्रास चेकिंग की। वह लोग अक्सर योगेंद्र के साथ रहते थे। कई मोबाइल नंबरों से बातचीत में एक बंद आ रहा है। पुलिस को हत्या के पीछे आशनाई, लेनदेन का मामला होने की संभावनाएं बढ़ रही है। कई और नंबर की जांच की जा रही है। इसके बाद भी कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका है। कोतवाल परशुराम ने बताया कि जांच कई बिंदुओं पर हो रही है।
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डिग्री कालेज संचालक योगेंद्र सिंह का शव बुधवार सुबह उनके मैरिज हाल की पार्किंग में खड़ी कार में मिला था। सीने में बाएं ओर गोली लगी थी और तमंचा पास में पड़ा था। पुलिस हत्या और आत्महत्या में उलझी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हत्या का मामला साफ हुआ। पुलिस योगेंद्र के फोन की गंभीरता से जांच कर रही है। उसमें
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एक मोबाइल नंबर शहर का मिला है। पुलिस के मुताबिक नंबर का इस्तेमाल एक युवती करती है। अक्सर मैसेज में बातचीत करता था। योगेंद्र के फोन में बातचीत का रिकार्ड काफी कम है। पर, योगेंद्र के फोन में टेक्स्ट मैसेज सैकड़ों की संख्या में हैं। इनमें कई लगातार चैटिंग की हैं। जांच में कई दोस्तों के नंबर पर कुछ सेकेंड की बातचीत
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होने पता लगा। कई युवकों को कोतवाली में बुलाया गया। उनसे घटना के समय के आसपास रहने की जानकारी ली गई। पुलिस ने उनके बताने पर क्रास चेकिंग की। वह लोग अक्सर योगेंद्र के साथ रहते थे। कई मोबाइल नंबरों से बातचीत में एक बंद आ रहा है। पुलिस को हत्या के पीछे आशनाई, लेनदेन का मामला होने की संभावनाएं बढ़ रही है। कई और नंबर की जांच की जा रही है। इसके बाद भी कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका है। कोतवाल परशुराम ने बताया कि जांच कई बिंदुओं पर हो रही है।