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साइबर ठग ने की तीन मिनट में खाते की रकम खाली

Fri, 25 Oct 2019 01:30 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 25 Oct 2019 01:30 AM IST
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crime
फतेहपुर। शहर कोतवाली क्षेत्र के एटीएम बूथ सुरक्षित नहीं हैं। एटीएम लोगों की जेब में रहता है और रकम खाते से निकल जाती है। मैसेज आने पर धोखाधड़ी का पता लगता है।
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तपस्वी नगर निवासी अशोक तपस्वी(समाजसेवी) के बेटे ऋतुराज सिंह तपस्वी का बैंक खाता केनरा बैंक में है। उन्होंने बताया कि बुुधवार शाम करीब पांच बजकर दो मिनट में एचडीएफसी राधानगर के एटीएम बूथ से एक हजार रुपये निकाले थे। उसके बाद पांच बजकर 19 मिनट, 20 मिनट में दस-दस हजार रुपये तीसरी बार 21
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मिनट में चार हजार पांच सौ रुपये निकल गए। कुल खाते से 24 हजार पांच सौ रुपये निकाले गए हैं। मैसेज आने पर बैंक में संपर्क किया। खाता बंद कराया। बैंक से पता लगा कि रुपये मलवां के एटीएम बूथ से निकले हैं। उसने अपना एटीएम चेक किया। एटीएम भी नहीं बदला था। उसने एटीएम बूथ पर क्लोनिंग का अंदेशा जताया। कोतवाल जितेंद्र सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच साइबर सेल को भेजी गई है।
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शहर के सिविल लाइन मोहल्ला निवासी भगवानदास शुक्ला सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। उनके बैंक खाते का एटीएम लेकर सोमवार को बेटी अमृता एसबीआई के एटीएम बूथ पर गई थी। उसका खाते से रुपया नहीं निकला। उनके
मोबाइल में रात और मंगलवार सुबह तक रुपये निकाले जाने का मैसेज आया। करीब एक लाख 69 हजार की रकम पार की गई। मैसेज मंगलवार को देखने के बाद सूचना बैंक को दी। बैंक से खाते को बंद कराया। खाते में और भी रकम बची थी। भगवानदास शुक्ला ने बताया कि बेटी का एटीएम में रुपया नहीं निकला था। उसके पास
कोई लाइन में लगा था। एटीएम में भीड़ थी। धक्कामुक्की होने पर एटीएम बदल लिया गया। पहले बेटी ने एक बार एटीएम लगाया था, तभी कोड को आरोपी ने जान लिया होगा। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज की है।

कहना है कि एटीएम को लेकर हमें खुद भी सजग रहने की जरूरत है। एटीएम में कोड छिपाकर डाले। अप्रशिक्षित लोग अपने साथ जानकार को लेकर जाएं। एटीएम के आसपास घूमने वालों पर कतई भरोसा न करें। एटीएम भीड़ में झटके में बदले जाते हैं। इन दिनों एटीएम बदले बगैर ही खाते से रकम चुराई जा रही है। इसके पीछे क्लोनिंग हो सकती है। क्लोनिंग से बचने के लिए शॉपिंग माल में कार्ड सुरक्षित तरीके से इस्तेेेमाल करें। कैमरों में लोगों के अक्सर एटीएम कोड पढ़ लिए जाते हैं। एटीएम बूथ पर पहले से ही हैकर डिवाइस को फिट कर देते हैं। ग्राहक के एटीएम लगाने पर डेटा ट्रांसफर हो जाता है। सीसीटीवी कैमरे में स्पष्ट तस्वीर नहीं आती है। साइबर क्रिमिनलों पर पुलिस काम कर रही है।
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