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संक्रामक बीमारी से एक बालक की मौत
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जहानाबाद। संक्रामक बीमारी ने एक आठ वर्षीय बालक की जान ले ली। संक्रामक बीमारी का कहर सराय धरमपुर के बाद अब गांव कलाना में पहुंची। गांव के ही सतेंद्र कुमार का आठ वर्षीय पुत्र अंश की मृत्यु संक्रामक
बीमार से हो गयी। सराय धरमपुर मे संक्रामक बीमारी की सूचना पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीजों को वितरित की। दवाओं के दुष्परिणामों से गांव में भय का माहौल व्याप्त है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमौली के
अंतर्गत ग्राम पंचायत सरायं धरमपुर में संक्रामक बीमारी की सूचना पर बीते शुक्रवार को एक टीम ने गांव जाकर 14 मरीजों की स्लाइड बनाने के साथ साथ गांव के अन्य वह लोग जो जुकाम बुखार की दवा दी थी। ग्रामीणों का
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आरोप है कि दवा खाने के बाद कुछ मरीजों को उल्टी व घबराने की समस्या होने लगी थी। इसी के साथ साथ गांव के उदय व एक महिला के नाक और मुंह से खून आने लगा यह देख परिजन उदय को लेकर कानपुर गए जहां पर
उसका इलाज चल रहा है। गांव के गंगाराम, मोतीलाल, शिव शंकर, विजयलक्ष्मी, प्रेमचंद, दयाशंकर, पूजा, दिनेश, किशन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जहानाबाद तथा निजी चिकित्सालयों में उपचार करा रहे हैं। ग्राम प्रधान
राजेंद्र उत्तम ने बताया कि दवा खाने के बाद मरीजों की हालत बिगड़ी थी जो मरीज आर्थिक तंगी के चलते इलाज कराने में असमर्थ हैं उनकी पूरी मदद कर रहे हैं।
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बीमार से हो गयी। सराय धरमपुर मे संक्रामक बीमारी की सूचना पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीजों को वितरित की। दवाओं के दुष्परिणामों से गांव में भय का माहौल व्याप्त है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमौली के
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अंतर्गत ग्राम पंचायत सरायं धरमपुर में संक्रामक बीमारी की सूचना पर बीते शुक्रवार को एक टीम ने गांव जाकर 14 मरीजों की स्लाइड बनाने के साथ साथ गांव के अन्य वह लोग जो जुकाम बुखार की दवा दी थी। ग्रामीणों का
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आरोप है कि दवा खाने के बाद कुछ मरीजों को उल्टी व घबराने की समस्या होने लगी थी। इसी के साथ साथ गांव के उदय व एक महिला के नाक और मुंह से खून आने लगा यह देख परिजन उदय को लेकर कानपुर गए जहां पर
उसका इलाज चल रहा है। गांव के गंगाराम, मोतीलाल, शिव शंकर, विजयलक्ष्मी, प्रेमचंद, दयाशंकर, पूजा, दिनेश, किशन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जहानाबाद तथा निजी चिकित्सालयों में उपचार करा रहे हैं। ग्राम प्रधान
राजेंद्र उत्तम ने बताया कि दवा खाने के बाद मरीजों की हालत बिगड़ी थी जो मरीज आर्थिक तंगी के चलते इलाज कराने में असमर्थ हैं उनकी पूरी मदद कर रहे हैं।