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फतेहपुर: एचटी लाइन की चपेट में आने से किसान की मौत
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फतेहपुर। खेत जा रहे किसान की बुधवार सुबह लगभग साढ़े छह बजे हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। नाराज ग्रामीणों ने बांदा-टांडा हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। सीओ सिटी, एसडीएम के साथ पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने बिजली अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने, परिवार को आर्थिक लाभ व लटकते तारों को दुरुस्त कराने की मांग की। करीब दो घंटे बाद किसी तरह समझाकर यातायात बहाल कराया जा सका।
गाजीपुर थाना क्षेत्र के मलाका गांव निवासी किसान सहदेव पाल का बेटा धुन्नू पाल (42) खेत में पानी लगाने गए थे। खेत से करीब पांच फीट ऊंचाई से हाईटेंशन लाइन के तार गुजरे हैं। कामकाज के समय किसान करंट की चपेट में आ गया। जंगल से लौट रहे ग्रामीणों ने किसान को झुलसता देख आपूर्ति बंद कराने के लिए उपकेंद्र में फोन मिलाया। कुछ देर बाद आपूर्ति बंद हो सकी लेकिन देर हो चुकी थी। कुछ ही देर में किसान की तड़पकर मौत हो गई। सूचना पर आसपास ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। बांदा-टांडा हाईवे के मलाका मोड़ पर ग्रामीण व परिजन शव लेकर पहुंच गए। सड़क पर शव को रख दिया। वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए ट्रैक्टर, बाइक, टेंपो खड़े कर दिए। बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। सूचना पर सीओ सिटी केडी मिश्रा, एसडीएम राहुल कश्यप विश्वकर्मा, गाजीपुर एसओ संदीप तिवारी, शाह, राधानगर चौकी की पुलिस पहुंची।
इन मदों से पीड़ित परिवार को मुआवजे का मिला आश्वासन
एसडीएम ने परिवार को बिजली विभाग, मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष व किसान बीमा योजना से परिवार को लाभ दिलाने की बात कही। दोपहर करीब 11 बजे काफी समझाने बुझाने के बाद आक्रोशित ग्रामीण शांत हुए। एसडीएम ने गांव में लटकते बिजली तारों को देखा। बिजली विभाग के अधिकारियों को जल्द से जल्द झूल रहे तारों को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए हैं।
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तीस वर्षों में एक बार भी नहीं बदली गई एचटी लाइन
प्रधान रामचंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि गांव में करीब तीन दशक पहले हाईटेंशन लाइन निकली थी। इसके बाद कभी बदली नहीं गई। लटकते तारों से कई बार मवेशी और एक-दो लोगों की जान भी जा चुकी है। वह लोग लगातार प्रशासन और बिजली विभाग से इसे ठीक करने की शिकायत कर चुके हैं। आए दिन फाल्ट होने से लाइनमैन भी परेशान रहते हैं। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। एसओ संदीप तिवारी ने बताया कि सूचना पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। परिवार यदि तहरीर देता है तो बिजली विभाग के लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
फोटो संख्या एवं परिचय
20- आक्रोशित ग्रामीणों से बातचीत करते एसडीएम और सीओ
21- हाईवे पर जाम में फंसे ट्रक
22- बांदा-टांडा हाईवे पर जाम लगाए ग्रामीण
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गाजीपुर थाना क्षेत्र के मलाका गांव निवासी किसान सहदेव पाल का बेटा धुन्नू पाल (42) खेत में पानी लगाने गए थे। खेत से करीब पांच फीट ऊंचाई से हाईटेंशन लाइन के तार गुजरे हैं। कामकाज के समय किसान करंट की चपेट में आ गया। जंगल से लौट रहे ग्रामीणों ने किसान को झुलसता देख आपूर्ति बंद कराने के लिए उपकेंद्र में फोन मिलाया। कुछ देर बाद आपूर्ति बंद हो सकी लेकिन देर हो चुकी थी। कुछ ही देर में किसान की तड़पकर मौत हो गई। सूचना पर आसपास ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। बांदा-टांडा हाईवे के मलाका मोड़ पर ग्रामीण व परिजन शव लेकर पहुंच गए। सड़क पर शव को रख दिया। वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए ट्रैक्टर, बाइक, टेंपो खड़े कर दिए। बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। सूचना पर सीओ सिटी केडी मिश्रा, एसडीएम राहुल कश्यप विश्वकर्मा, गाजीपुर एसओ संदीप तिवारी, शाह, राधानगर चौकी की पुलिस पहुंची।
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इन मदों से पीड़ित परिवार को मुआवजे का मिला आश्वासन
एसडीएम ने परिवार को बिजली विभाग, मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष व किसान बीमा योजना से परिवार को लाभ दिलाने की बात कही। दोपहर करीब 11 बजे काफी समझाने बुझाने के बाद आक्रोशित ग्रामीण शांत हुए। एसडीएम ने गांव में लटकते बिजली तारों को देखा। बिजली विभाग के अधिकारियों को जल्द से जल्द झूल रहे तारों को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए हैं।
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तीस वर्षों में एक बार भी नहीं बदली गई एचटी लाइन
प्रधान रामचंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि गांव में करीब तीन दशक पहले हाईटेंशन लाइन निकली थी। इसके बाद कभी बदली नहीं गई। लटकते तारों से कई बार मवेशी और एक-दो लोगों की जान भी जा चुकी है। वह लोग लगातार प्रशासन और बिजली विभाग से इसे ठीक करने की शिकायत कर चुके हैं। आए दिन फाल्ट होने से लाइनमैन भी परेशान रहते हैं। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। एसओ संदीप तिवारी ने बताया कि सूचना पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। परिवार यदि तहरीर देता है तो बिजली विभाग के लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
फोटो संख्या एवं परिचय
20- आक्रोशित ग्रामीणों से बातचीत करते एसडीएम और सीओ
21- हाईवे पर जाम में फंसे ट्रक
22- बांदा-टांडा हाईवे पर जाम लगाए ग्रामीण