{"_id":"60bbc7308ebc3e01810c4cf7","slug":"crime-fatehpur-news-fatehpur-news-knp6324406175","type":"story","status":"publish","title_hn":"चचेरे भाईयों के शव पहुंचे दरवाजे तो रो उठा गांव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चचेरे भाईयों के शव पहुंचे दरवाजे तो रो उठा गांव
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बिंदकी। पूजन कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे चार चचेरे भाइयों के शव शनिवार शाम जब उनके दरवाजे पहुंचे तो कोहराम मच गया। वहां मौजूद हर ग्रामीण सिसक उठा। एक दिन पहले जिन परिवारों में खुशियां थीं, वहीं शनिवार को उनकी आखिरी विदाई में पूरा गांव आंसू बहा रहा था।
कोतवाली बिंदकी क्षेत्र के कोरवा गांव निवासी चचेरे भाई नीरज उर्फ श्यामू (19), संदीप (21), अजय (22), अखिलेश (20) शुक्रवार देर शाम एक ही बाइक से ललौली थाना क्षेत्र के कीर्तिखेड़ा गांव में आयोजित एक पूजन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले थे। जैसे ही वह दिलावलपुर मोड़ के पास पहुंचे तो पीछे से एक ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। इसमें चारों की मौत हो गई थी।
इस घटना के बाद परिजनों के साथ पूरे गांव में कोहराम मच गया। परिजन व ग्रामीण फतेहपुर रात को ही पहुंच गए। शनिवार की शाम जब चचेरे भाइयों का शव गांव पहुंचा तो लोगों की भीड़ जमा थी। शव देख परिजनों की चीख निकल पड़ी। हर आंख नम दिखी। बड़ी संख्या में लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
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मृतक नीरज के पिता रामसनेही का कुछ साल पहले निधन हो गया था। उसकी मां मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण कर रही है। नीरज सूरत में अपने चचेरे भाई संदीप के साथ नौकरी करता था। मृतक अजय नागपुर में एक फैक्ट्री में मजदूरी करता था और अखिलेश हमीरपुर स्थित एक दुकान में काम करता था।
भानीखेर श्मशान घाट पर हुआ अंतिम संस्कार
कोतवाली क्षेत्र के कोरवा गांव के चार चचेरे भाइयों के शवों का शनिवार शाम गांव के पास भानीखेर श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम संस्कार के दौरान वहां बिंदकी, बकेवर और जोनिहां पुलिस चौकी का फोर्स मौजूद रहा। अंतिम संस्कार के दौरान लोगों ने इस बात को लेकर नाराजगी दिखी कि हादसे को लेकर कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं आया।
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कोतवाली बिंदकी क्षेत्र के कोरवा गांव निवासी चचेरे भाई नीरज उर्फ श्यामू (19), संदीप (21), अजय (22), अखिलेश (20) शुक्रवार देर शाम एक ही बाइक से ललौली थाना क्षेत्र के कीर्तिखेड़ा गांव में आयोजित एक पूजन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले थे। जैसे ही वह दिलावलपुर मोड़ के पास पहुंचे तो पीछे से एक ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। इसमें चारों की मौत हो गई थी।
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इस घटना के बाद परिजनों के साथ पूरे गांव में कोहराम मच गया। परिजन व ग्रामीण फतेहपुर रात को ही पहुंच गए। शनिवार की शाम जब चचेरे भाइयों का शव गांव पहुंचा तो लोगों की भीड़ जमा थी। शव देख परिजनों की चीख निकल पड़ी। हर आंख नम दिखी। बड़ी संख्या में लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
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मृतक नीरज के पिता रामसनेही का कुछ साल पहले निधन हो गया था। उसकी मां मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण कर रही है। नीरज सूरत में अपने चचेरे भाई संदीप के साथ नौकरी करता था। मृतक अजय नागपुर में एक फैक्ट्री में मजदूरी करता था और अखिलेश हमीरपुर स्थित एक दुकान में काम करता था।
भानीखेर श्मशान घाट पर हुआ अंतिम संस्कार
कोतवाली क्षेत्र के कोरवा गांव के चार चचेरे भाइयों के शवों का शनिवार शाम गांव के पास भानीखेर श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम संस्कार के दौरान वहां बिंदकी, बकेवर और जोनिहां पुलिस चौकी का फोर्स मौजूद रहा। अंतिम संस्कार के दौरान लोगों ने इस बात को लेकर नाराजगी दिखी कि हादसे को लेकर कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं आया।