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350 वर्ष पुरानी कृष्ण व बाल गोपाल की मूर्ति चोरी
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जहानाबाद। लालूगंज मोहल्ला स्थित प्राचीन बड़ा ठाकुरद्वारा से भगवान श्रीकृष्ण व बाल गोपाल स्वरूप की मूर्ति ताला तोड़कर चोरी कर ली गई। सुबह जब पुजारी ने दरवाजा खोला तो चोरी का पता चला। चोर मंदिर में रखी राधा व राम-जानकी की प्रतिमा नहीं ले गए। मंदिर के मालिक ने थाने में तहरीर दी है।
जहानाबाद कस्बे के लालूगंज मोहल्ला स्थित बड़ा ठाकुरद्वारा मंदिर का निर्माण करीब 350 वर्ष पहले राव लाल बहादुर सिंह ने कराया था। उनके द्वारा यहां पर श्रीकृष्ण व बाल गोपाल और राधा की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा की गई थी। दूसरे कमरे में राम-जानकी की प्रतिमा है।
शुक्रवार की सुबह पुजारी उमाकांत वाजपेई जब मंदिर पहुंचे तो उन्हें दरवाजा खुला मिला। अंदर श्रीकृष्ण व बाल गोपाल की मूर्ति गायब थी। जबकि राधा की मूर्ति रखी थी। उन्होंने जांच की तो पता चला कि मंदिर के पीछे के दरवाजे पर लगा ताला टूटा हुआ है।
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अनुमान लगाया कि करीब 16 फीट ऊंची बाउंड्री फांदकर चोर अंदर घुसे हैं। उन्होंने इसकी खबर कुंवर जितेंद प्रताप सिंह को दी। जितेंद प्रताप सिंह ने थाने जाकर इसकी तहरीर दी। बताया कि मूर्तियां काले रंग की धातु से निर्मित थीं।
मंदिर उनके पूर्वज राव लाल बहादुर सिंह ने बनवाकर उसके सामने पक्का तालाब बनवाया था। मूर्तियां करीब 350 वर्ष पुरानी हैं। पहले भी मूर्तियों को चोरी करने का प्रयास हो चुका है। इंस्पेक्टर जहानाबाद राकेश पांडेय ने बताया कि चोरी की सूचना मिली है और इसकी गहनता से जांच की जा रही है। जल्द ही चोरों को पकड़ा जाएगा।
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जहानाबाद कस्बे के लालूगंज मोहल्ला स्थित बड़ा ठाकुरद्वारा मंदिर का निर्माण करीब 350 वर्ष पहले राव लाल बहादुर सिंह ने कराया था। उनके द्वारा यहां पर श्रीकृष्ण व बाल गोपाल और राधा की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा की गई थी। दूसरे कमरे में राम-जानकी की प्रतिमा है।
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शुक्रवार की सुबह पुजारी उमाकांत वाजपेई जब मंदिर पहुंचे तो उन्हें दरवाजा खुला मिला। अंदर श्रीकृष्ण व बाल गोपाल की मूर्ति गायब थी। जबकि राधा की मूर्ति रखी थी। उन्होंने जांच की तो पता चला कि मंदिर के पीछे के दरवाजे पर लगा ताला टूटा हुआ है।
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अनुमान लगाया कि करीब 16 फीट ऊंची बाउंड्री फांदकर चोर अंदर घुसे हैं। उन्होंने इसकी खबर कुंवर जितेंद प्रताप सिंह को दी। जितेंद प्रताप सिंह ने थाने जाकर इसकी तहरीर दी। बताया कि मूर्तियां काले रंग की धातु से निर्मित थीं।
मंदिर उनके पूर्वज राव लाल बहादुर सिंह ने बनवाकर उसके सामने पक्का तालाब बनवाया था। मूर्तियां करीब 350 वर्ष पुरानी हैं। पहले भी मूर्तियों को चोरी करने का प्रयास हो चुका है। इंस्पेक्टर जहानाबाद राकेश पांडेय ने बताया कि चोरी की सूचना मिली है और इसकी गहनता से जांच की जा रही है। जल्द ही चोरों को पकड़ा जाएगा।