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कानपुर एसटीएफ ने डाला डेरा, रिकवरी के प्रयास
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फतेहपुर। जहानाबाद के मुरली ज्वैलर्स में 20 जुलाई की रात हुई चोरी के मामले में कानपुर एसटीएफ की टीम फतेहपुर पहुंची। टीम ने बावरिया गिरोह के पकड़े गए दो शातिरों से पूछताछ की। खबर है कि दोनों ने जहानाबाद चोरी की बात कबूल की है लेकिन वह चोरी हुए माल की बरामदगी नहीं करा रहे हैं। टीमें उनसे माल की रिकवरी कराने का प्रयास कर रही हैं।
औरैया जनपद से पकड़कर फतेहपुर लाए गए बावरिया गिरोह के दो शातिरों से पुलिस की पूछताछ जारी है और अब तक पुलिस को इन लोगों ने ज्यादा जानकारी नहीं दी है। जिससे पुलिस घटना का खुलासा नहीं कर पा रही है। आरोपियों से पूछताछ के बाद टीम ने सोमवार की रात थरियांव थानाक्षेत्र में छापेमारी की लेकिन यहां से कुछ हासिल नहीं हो सका।
मंगलवार को कानपुर एसटीएफ पूछताछ के लिए फतेहपुर पहुंची और बदमाशों से पूछताछ की। खबर है कि दोनों ने जहानाबाद मुरली ज्वैलर्स के यहां वारदात करने की बात कबूल की है। हालांकि अब तक वह अपने साथियों व चोरी किए गए माल के बारे में कुछ नहीं बता सके हैं। पुलिस का फोकस अब जेवर, नगदी की बरामदगी पर है।
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अमौली, बकवेर का कनेक्शन खोजा गया
पुलिस ने जहानाबाद के बाद बकेवर और अमौली में हुईं चोरियों को लेकर भी दोनों से पूछताछ की और कनेक्शन जोड़ने का प्रयास किया। हालांकि इन दो चोरियों का इस गिरोह से कोई मतलब नहीं निकला है। ऐसे में यह तय हो गया कि बकेवर व अमौली की चोरियां किसी दूसरे बावरिया गिरोह ने की है।
शातिरों के नाम व माल बरामदगी बड़ी चुनौती
नट व फकीर बिरादरी के यह लोग, जिन्हें बावरिया गिरोह के नाम से जाना जाता है। यह सब कई गैंग में बंटे हुए हैं। सभी को बावरिया के नाम से ही जाना जाता है। इसमें एक-एक सदस्य के तीन या इससे अधिक नाम होते हैं। जिससे भ्रम की स्थिति बनी रहती है। गैंग के सदस्य जल्दी पुलिस की पकड़ में नहीं आते हैं और किसी तरह से आ भी गए तो वह अपने साथियों का नाम व चोरी का माल बताने के लिए मुंह नहीं खोलते हैं। फतेहपुर पुलिस के लिए, पांच और चोरों के नाम व माल बरामदगी बड़ी चुनौती है।
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औरैया जनपद से पकड़कर फतेहपुर लाए गए बावरिया गिरोह के दो शातिरों से पुलिस की पूछताछ जारी है और अब तक पुलिस को इन लोगों ने ज्यादा जानकारी नहीं दी है। जिससे पुलिस घटना का खुलासा नहीं कर पा रही है। आरोपियों से पूछताछ के बाद टीम ने सोमवार की रात थरियांव थानाक्षेत्र में छापेमारी की लेकिन यहां से कुछ हासिल नहीं हो सका।
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मंगलवार को कानपुर एसटीएफ पूछताछ के लिए फतेहपुर पहुंची और बदमाशों से पूछताछ की। खबर है कि दोनों ने जहानाबाद मुरली ज्वैलर्स के यहां वारदात करने की बात कबूल की है। हालांकि अब तक वह अपने साथियों व चोरी किए गए माल के बारे में कुछ नहीं बता सके हैं। पुलिस का फोकस अब जेवर, नगदी की बरामदगी पर है।
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अमौली, बकवेर का कनेक्शन खोजा गया
पुलिस ने जहानाबाद के बाद बकेवर और अमौली में हुईं चोरियों को लेकर भी दोनों से पूछताछ की और कनेक्शन जोड़ने का प्रयास किया। हालांकि इन दो चोरियों का इस गिरोह से कोई मतलब नहीं निकला है। ऐसे में यह तय हो गया कि बकेवर व अमौली की चोरियां किसी दूसरे बावरिया गिरोह ने की है।
शातिरों के नाम व माल बरामदगी बड़ी चुनौती
नट व फकीर बिरादरी के यह लोग, जिन्हें बावरिया गिरोह के नाम से जाना जाता है। यह सब कई गैंग में बंटे हुए हैं। सभी को बावरिया के नाम से ही जाना जाता है। इसमें एक-एक सदस्य के तीन या इससे अधिक नाम होते हैं। जिससे भ्रम की स्थिति बनी रहती है। गैंग के सदस्य जल्दी पुलिस की पकड़ में नहीं आते हैं और किसी तरह से आ भी गए तो वह अपने साथियों का नाम व चोरी का माल बताने के लिए मुंह नहीं खोलते हैं। फतेहपुर पुलिस के लिए, पांच और चोरों के नाम व माल बरामदगी बड़ी चुनौती है।