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Fatehpur News: भाई की हत्या में दंपती और बहू को उम्रकैद
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फोटो-45- लोला को कोर्ट से जेल लेकर जाती पुलिस। वीडियो ग्रैब
फतेहपुर। जमीन के विवाद में सगे भाइयों के परिवारों के बीच हुए खूनी संघर्ष के मामले में 14 साल बाद अदालत ने फैसला सुनाया है। भाई भोला यादव की हत्या के मामले में दंपती लोला यादव व ननकी और विधवा बहू सिया देवी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
वहीं दूसरे पक्ष के हरिश्चंद्र यादव और उनकी पत्नी मंजू को मारपीट के मामले में तीन साल की कैद हुई है। फैसला फास्ट ट्रैक कोर्ट-2 के न्यायाधीश अजय सिंह प्रथम की अदालत ने सुनाया।
खागा कोतवाली क्षेत्र के सवंत गांव में एक मार्च 2012 को भूमि पर कब्जे के विवाद में हरिश्चंद्र यादव और लोला यादव पक्ष के बीच संघर्ष हुआ था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जानलेवा हमला किया था। लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी से हुए हमले में दोनों पक्षों के लोग घायल हुए थे। इसी दौरान हरिश्चंद्र यादव के पिता भोला की कुल्हाड़ी के हमले में मौत हो गई थी।
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हरिश्चंद्र की तहरीर पर पुलिस ने लोला यादव, उसकी पत्नी ननकी, पुत्र रविकरन और रविकरन की पत्नी सिया देवी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। हरिश्चंद्र ने आरोप लगाया था कि उनके चाचा लोला यादव जमीन पर कब्जा करने के लिए गोबर डाल रहे थे। पिता भोला ने विरोध किया तो उनके साथ गाली-गलौज की गई।
शोर सुनकर वह, भांजा अतुल और पत्नी मंजू मौके पर पहुंचे। इस दौरान रविकरन ने कुल्हाड़ी, लोला और ननकी ने डंडे तथा सिया ने लाठी से हमला किया। पिता के सिर पर कुल्हाड़ी से वार किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। हमले में हरिश्चंद्र भी घायल हुए थे।
दूसरे पक्ष से रविकरन ने प्राथमिकी में आरोप लगाया था कि उनके पिता लोला यादव ताऊ भोला यादव के घर के पास गोबर फेंककर लौट रहे थे। हैंडपंप के पास भोला ने अपने पुत्र हरिश्चंद्र, बहू मंजू और भांजे अतुल यादव (घटना के समय नाबालिग) के साथ लाठी, डंडे व कुल्हाड़ी से उनके पिता पर हमला किया। बीच-बचाव करने पहुंचने पर रविकरन, उनकी मां ननकी, पत्नी सिया और बहन सोनम को भी मारापीटा गया और जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने रविकरन की तहरीर पर हरिश्चंद्र, मंजू, भोला और अतुल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
अदालत ने बुधवार को दोनों पक्षों के मुकदमों में अंतिम सुनवाई की। मुकदमे के विचाराधीन रहने के दौरान एक पक्ष के वादी रविकरन की मौत हो गई थी। कोर्ट ने भोला की हत्या में लोला यादव, ननकी और सिया देवी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 57 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
दूसरे पक्ष के हरिश्चंद्र यादव और मंजू को मारपीट, धमकी व गाली-गलौज के मामले में दोषी ठहराकर तीन-तीन साल की कैद और प्रत्येक पर सात हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अतुल यादव की पत्रावली जुवेनाइल कोर्ट में विचाराधीन है। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से छह-छह गवाह अदालत में पेश हुए।
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वहीं दूसरे पक्ष के हरिश्चंद्र यादव और उनकी पत्नी मंजू को मारपीट के मामले में तीन साल की कैद हुई है। फैसला फास्ट ट्रैक कोर्ट-2 के न्यायाधीश अजय सिंह प्रथम की अदालत ने सुनाया।
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खागा कोतवाली क्षेत्र के सवंत गांव में एक मार्च 2012 को भूमि पर कब्जे के विवाद में हरिश्चंद्र यादव और लोला यादव पक्ष के बीच संघर्ष हुआ था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जानलेवा हमला किया था। लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी से हुए हमले में दोनों पक्षों के लोग घायल हुए थे। इसी दौरान हरिश्चंद्र यादव के पिता भोला की कुल्हाड़ी के हमले में मौत हो गई थी।
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हरिश्चंद्र की तहरीर पर पुलिस ने लोला यादव, उसकी पत्नी ननकी, पुत्र रविकरन और रविकरन की पत्नी सिया देवी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। हरिश्चंद्र ने आरोप लगाया था कि उनके चाचा लोला यादव जमीन पर कब्जा करने के लिए गोबर डाल रहे थे। पिता भोला ने विरोध किया तो उनके साथ गाली-गलौज की गई।
शोर सुनकर वह, भांजा अतुल और पत्नी मंजू मौके पर पहुंचे। इस दौरान रविकरन ने कुल्हाड़ी, लोला और ननकी ने डंडे तथा सिया ने लाठी से हमला किया। पिता के सिर पर कुल्हाड़ी से वार किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। हमले में हरिश्चंद्र भी घायल हुए थे।
दूसरे पक्ष से रविकरन ने प्राथमिकी में आरोप लगाया था कि उनके पिता लोला यादव ताऊ भोला यादव के घर के पास गोबर फेंककर लौट रहे थे। हैंडपंप के पास भोला ने अपने पुत्र हरिश्चंद्र, बहू मंजू और भांजे अतुल यादव (घटना के समय नाबालिग) के साथ लाठी, डंडे व कुल्हाड़ी से उनके पिता पर हमला किया। बीच-बचाव करने पहुंचने पर रविकरन, उनकी मां ननकी, पत्नी सिया और बहन सोनम को भी मारापीटा गया और जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने रविकरन की तहरीर पर हरिश्चंद्र, मंजू, भोला और अतुल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
अदालत ने बुधवार को दोनों पक्षों के मुकदमों में अंतिम सुनवाई की। मुकदमे के विचाराधीन रहने के दौरान एक पक्ष के वादी रविकरन की मौत हो गई थी। कोर्ट ने भोला की हत्या में लोला यादव, ननकी और सिया देवी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 57 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
दूसरे पक्ष के हरिश्चंद्र यादव और मंजू को मारपीट, धमकी व गाली-गलौज के मामले में दोषी ठहराकर तीन-तीन साल की कैद और प्रत्येक पर सात हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अतुल यादव की पत्रावली जुवेनाइल कोर्ट में विचाराधीन है। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से छह-छह गवाह अदालत में पेश हुए।

फोटो-45- लोला को कोर्ट से जेल लेकर जाती पुलिस। वीडियो ग्रैब

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