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फतेहपुरः बेटे, बेटी, पत्नी के नाम बैनामे कराकर पाई लाखों की छूट
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उप निबंधक कार्यालय में बैनामा करते रजिस्टार एसके पांडेय। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
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फतेहपुर। सगे संबंधियों के नाम संपत्तियों का बैनामा करने में चल रही स्टांप की छूट का लोग जमकर फायदा उठा रहे हैं। इस कारण निबंधन कार्यालय में बैनामों की संख्या में जमकर इजाफा हुआ है। जिन बैनामो में लाखों रुपये के स्टांप लग जाते थे, अब वही बैनामे महज पांच हजार रुपये में हो रहे हैं।
सगे संबंधियों में संपत्तियों के आपसी बैनामे के स्टांप में 18 जून से छूट चल रही है। परिवारिक दान विलेखो (रिलेशनशिप डीड) में अधिकतम स्टांप शुल्क महज पांच हजार रुपये देय है। चाहे संपत्ति का मूल्यांकन कितना भी क्यों न हो, बैनामे में एक प्रतिशत निबंधन शुल्क देय होगा। खागा, बिंदकी और फतेहपुर तहसील के रजिस्ट्री कार्यालयों में पिछले वर्ष बिना छूट के बैनामों और इस वर्ष दान विलेखों की छूट के बैनामों में स्टाम्प शुल्क में रिकार्ड गिरावट दर्ज की गई है। जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर माह में पिछले वर्ष जिलेभर में 177 बैनामे हुए। इनसे एक करोड़ 18 लाख 56 हजार की आमदनी हुई। इस साल इन्हीं महीनों में बैनामों की संख्या आठ गुना बढ़कर 838 हो गई। इनसे दो करोड़ 18 लाख 21 हजार रुपये की आमदनी हुई। हालत यह रही कि पिछले साल की तुलना में इस साल चार माह में बैनामों की संख्या तो आठ गुना बढ़ी, लेकिन आमदनी एक करोड़ 25 लाख का ही इजाफा दर्ज किया गया। माता-पिता, पुत्र-पुत्री, पुत्रवधू-दामाद, भाई-बहन और नाती-पोते को बैनामे करने में छूट मिल रही है।
जुलाई महीने में बिंदकी तहसील में एक पिता ने एक करोड़ 13 लाख मालियत की संपत्ति अपने पुत्र के नाम की। इस बैनामे में पिता ने दान विलेख के तहत महज पांच हजार रुपये में बैनामा करा लिया। संपत्ति की मालियत के मुताबिक 91 लाख 78 हजार रुपये की अब तक की सर्वाधिक छूट ली गई है। इसी तरह फतेहपुर तहसील में चार करोड़ की मालियत की संपत्ति पिता ने पुत्र के नाम करके 30 लाख 39 हजार रुपये के स्टांप की छूट का लाभ लिया। दो सगे भाइयों ने भी आपस में बैनामा कर 27 लाख 83 हजार रुपये की छूट का लाभ लिया। खागा तहसील में अगस्त महीने में मां ने अपनी बेटी के नाम एक करोड़ 45 लाख की संपत्ति का बैनामा किया। उन्होंने भी दान विलेख के तहत साढ़े सात लाख रुपये की बचत की।
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दान विलेखों में छूट छह माह के लिए दी गई है। यह छूट 17 दिसंबर को समाप्त होगी। लोग इसका लाभ ले सकते हैं। दान विलेखो में हुए बैनामों से संपत्तियों को लेकर चल रहे पारिवारिक विवाद भी सुलझ रहे हैं।
- सीएस मिश्र, एआईजी स्टाम्प
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सगे संबंधियों में संपत्तियों के आपसी बैनामे के स्टांप में 18 जून से छूट चल रही है। परिवारिक दान विलेखो (रिलेशनशिप डीड) में अधिकतम स्टांप शुल्क महज पांच हजार रुपये देय है। चाहे संपत्ति का मूल्यांकन कितना भी क्यों न हो, बैनामे में एक प्रतिशत निबंधन शुल्क देय होगा। खागा, बिंदकी और फतेहपुर तहसील के रजिस्ट्री कार्यालयों में पिछले वर्ष बिना छूट के बैनामों और इस वर्ष दान विलेखों की छूट के बैनामों में स्टाम्प शुल्क में रिकार्ड गिरावट दर्ज की गई है। जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर माह में पिछले वर्ष जिलेभर में 177 बैनामे हुए। इनसे एक करोड़ 18 लाख 56 हजार की आमदनी हुई। इस साल इन्हीं महीनों में बैनामों की संख्या आठ गुना बढ़कर 838 हो गई। इनसे दो करोड़ 18 लाख 21 हजार रुपये की आमदनी हुई। हालत यह रही कि पिछले साल की तुलना में इस साल चार माह में बैनामों की संख्या तो आठ गुना बढ़ी, लेकिन आमदनी एक करोड़ 25 लाख का ही इजाफा दर्ज किया गया। माता-पिता, पुत्र-पुत्री, पुत्रवधू-दामाद, भाई-बहन और नाती-पोते को बैनामे करने में छूट मिल रही है।
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जुलाई महीने में बिंदकी तहसील में एक पिता ने एक करोड़ 13 लाख मालियत की संपत्ति अपने पुत्र के नाम की। इस बैनामे में पिता ने दान विलेख के तहत महज पांच हजार रुपये में बैनामा करा लिया। संपत्ति की मालियत के मुताबिक 91 लाख 78 हजार रुपये की अब तक की सर्वाधिक छूट ली गई है। इसी तरह फतेहपुर तहसील में चार करोड़ की मालियत की संपत्ति पिता ने पुत्र के नाम करके 30 लाख 39 हजार रुपये के स्टांप की छूट का लाभ लिया। दो सगे भाइयों ने भी आपस में बैनामा कर 27 लाख 83 हजार रुपये की छूट का लाभ लिया। खागा तहसील में अगस्त महीने में मां ने अपनी बेटी के नाम एक करोड़ 45 लाख की संपत्ति का बैनामा किया। उन्होंने भी दान विलेख के तहत साढ़े सात लाख रुपये की बचत की।
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दान विलेखों में छूट छह माह के लिए दी गई है। यह छूट 17 दिसंबर को समाप्त होगी। लोग इसका लाभ ले सकते हैं। दान विलेखो में हुए बैनामों से संपत्तियों को लेकर चल रहे पारिवारिक विवाद भी सुलझ रहे हैं।
- सीएस मिश्र, एआईजी स्टाम्प