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Fatehpur News: रकम हड़पकर भागे चिटफंड कंपनी संचालक दंपती

Fri, 05 Jan 2024 12:07 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jan 2024 12:07 AM IST
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Chit fund company operator couple ran away after grabbing the money
संवाद न्यूज एजेंसी
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फतेहपुर। कलक्ट्रेट महिला कर्मी के पति समेत कई निवेशकों का रुपया हड़प कर भागे चिटफंड कंपनी के संचालक दंपती के खिलाफ कोर्ट के आदेश धोखधड़ी व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। करीब 32 निवेशकों को फर्जी कागजात थमाकर 28 लाख का गबन किया गया है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के नासिरपुर मोहल्ला निवासी राजीव कुमार वर्मा की पत्नी सुषमा देवी कलक्ट्रेट निर्वाचन कार्यालय में कर्मचारी हैं। राजीव ने एफआईआर में बताया कि सिविल लाइन स्थित मैरिज हाॅल में अक्षय भविष्य माइक्रो क्रेडिट फाउंडेशन लिमिटेड चिटफंड कंपनी संचालित थी। उसके एमडी लक्ष्मीकांत श्रीवास्तव व सहायक एमडी पत्नी चेतना श्रीवास्तव ने पत्नी सुषमा देवी से कार्यालय में 2017 में मुलाकात की।
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कंपनी में रकम जमा करने पर पांच साल में दोगुना का लालच दिया। दोनों ने पत्नी से उससे मुलाकात कराने की जिद की। दोनों ने उसे सिविल लाइन स्थित कार्यालय बुलाया। उनके झांसे में आकर करीब तीन लाख 85 हजार रुपये पांच साल को फिक्स डिपॉजिट किया। उनके साथ अन्य लोगों ने 23 से 24 लाख रुपये जमा किए। समय पूरा होने पर दिसंबर 2022 में कंपनी कार्यालय पहुंचे। कार्यालय बंद हो चुका था। पता लगा कि दोनों कानपुर में रहते हैं। फोन पर संपर्क किया। काफी दिनों तक टरकाते रहे। कुछ दिनों बाद फोन उठाना बंद कर दिया। कभी-कभी फोन उठाने पर गालीगलौज और जान से मारने की धमकी देकर रुपये लौटाने से इन्कार कर दिया।
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मामले की पुलिस से शिकायत की। कोई सुनवाई नहीं होने पर कोर्ट की शरण ली। कोतवाल एसबी सिंह ने बताया कि गबन, धोखाधड़ी, कूटरचना का मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।


32 के अलावा और भी निवेशक, फर्जी दस्तावेज दिए
राजीव कुमार वर्मा ने बताया कि उनके कहने पर मिलने-जुलने वाले दीप प्रकाश सिंह, सपना सिंह, महेश, पूजा गुप्ता समेत 32 लोगों ने कंपनी में निवेश किया था। उनकी रकम चार लाख रुपये हटाने के बाद बाकी अन्य साथियों की रकम थी। इसके अलावा कंपनी में एक सैकड़ा से अधिक लोगों ने निवेश किया था। कपंनी के एमडी दंपती निवेशकों का करीब दो से तीन करोड़ रुपये ले गए हैं। रुपये हड़पने की नीयत से फर्जी कंपनी बनाई थी। उन लोगों को फर्जी रुपयों की जमा रसीद व बांड पेपर दिए हैं।
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