फतेहपुर। सभासदों ने नगर पालिका में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने मंगलवार को कलक्ट्रेट में डीएम को ज्ञापन सौंप जांच की मांग की। सभासद मो. आरिफ गुड्डा ने कहा कि नगर में पेयजल की आपूर्ति के लिए करीब 56 ट्यूबवेल पर ऑटोमेशन का कार्य कराया गया। इसकी लागत प्रति ट्यूबवेल करीब पांच लाख बताई जा रही है, लेकिन धरातल पर कोई कार्य नहीं हुआ। नगरवासी आज भी गंदा व बालू युक्त पानी पीने को मजबूर हैं। गर्मी के दिनों में शीतल जल उपलब्ध कराने के लिए पिछले वर्ष करीब 4.5 लाख की लागत से वाटर कूलर लगाए गए। इसके बाद उन्हें कंडम घोषित कर दोबारा नए वाटर कूलर की खरीद के लिए टेंडर कर दिया गया। जबकि पुराने कूलर रिपेयर या गारंटी में बदले जा सकते थे। नलकूपों की बोरिंग में घटिया पाइप लगाए गए और मानक से कम गहराई तक बोरिंग की गई। इससे लोगों को जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। नगर क्षेत्र में कुछ स्थानों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्य कराए गए जो पूरी तरह असफल साबित हो गए हैं। इसके बावजूद ठेकेदारों को भुगतान कर दिया गया। पालिका में जन्म, मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में 5 से 6 माह लग जाते हैं। बच्चों के एडमिशन, संपत्ति के दाखिल खारिज और वारिस प्रमाण पत्र के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की है। डीएम ने जांच का आश्वासन दिया है। इस मौके पर सभासद अरुण यादव, विवेक यादव, मो इस्माइल, आबदा बेगम, नेहा द्विवेदी, रीता पटेल आदि मौजूद रहे।