{"_id":"126497047541a2c1f4a1b431cd83c294","slug":"bright-sun-stopped-by-way-of-melting-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चटख धूप ने रोका गलन का रास्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चटख धूप ने रोका गलन का रास्ता
ब्यूरो, अमर उजाला फतेहपुर
Updated Tue, 29 Dec 2015 12:27 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चटख धूप ने मौसमी गलन की राह रोक दी है। दोपहर में
विज्ञापन
ऐसी धूप रही कि गर्म कपड़े पहनने वालों के चेहरे पर पसीना आ गया। वह छांव
की आड़ लेते नजर आए। वहीं बच्चों, बूढ़ों के चेहरे पर इस चटख धूप ने
खुशियां बिखेर दीं।
सोमवार को सुबह से ही सूरज की रोशनी में गर्मी का अहसास दिखा। दोपहर होते-होते धूप में तपिश तेज हो गई। धूप छंटने के बाद मौसम ठंडा हुआ लेकिन वैसा नहीं, जैसा पिछले तीन-चार दिनों में रहा।
मौसम के अचानक इस बदलाव से लोगों ने राहत की सांस ली है। ठंड और गलन कम होने से बच्चे खुली जगह जहां मिली वहां पर खेलते और आनंद लेते दिखे। बाजारों में भी अन्य दिनों की अपेक्षा खासी चहल-पहल रही।
बाजारों में रौनक, स्कूलों में चहलकदमी और छतों व खुली जगहों पर लोग खुश दिखे। उधर, चटख धूप में ठंड से राहत मिलते ही ग्रामीण क्षेत्र में किसान सुबह से खेतों में दिखाई देने लगे। ठंडक थी लेकिन ठिठुरन नहीं।
नलकूप और नहर से लोग फसलों की सिंचाई में जुटे रहे। आलू उत्पादन वाले क्षेत्रों में लोग फसलों में दवा का छिड़काव करते रहे। सातों गांव के किसान सुमेर सिंह ने बताया कि ठंड की वजह से आलू की फसल में दवा डालने के लिए मजदूर नहीं मिल रहे थे।
सुबह चटख धूप निकलते ही आलू की फसल में दवा का छिड़काव करा दिया है। मलांव गांव के किसान रामभवन लोधी ने बताया कि रात को बिजली आपूर्ति का रोस्टर है। सुबह 10 बजे बिजली आपूर्ति बंद हो जाती है। ठंड की वजह से फसलों में सिंचाई नहीं हो पा रही है। सोमवार को सुबह चटख धूप निकलते ही फसलों की सिंचाई की गई है।
सोमवार को सुबह से ही सूरज की रोशनी में गर्मी का अहसास दिखा। दोपहर होते-होते धूप में तपिश तेज हो गई। धूप छंटने के बाद मौसम ठंडा हुआ लेकिन वैसा नहीं, जैसा पिछले तीन-चार दिनों में रहा।
मौसम के अचानक इस बदलाव से लोगों ने राहत की सांस ली है। ठंड और गलन कम होने से बच्चे खुली जगह जहां मिली वहां पर खेलते और आनंद लेते दिखे। बाजारों में भी अन्य दिनों की अपेक्षा खासी चहल-पहल रही।
बाजारों में रौनक, स्कूलों में चहलकदमी और छतों व खुली जगहों पर लोग खुश दिखे। उधर, चटख धूप में ठंड से राहत मिलते ही ग्रामीण क्षेत्र में किसान सुबह से खेतों में दिखाई देने लगे। ठंडक थी लेकिन ठिठुरन नहीं।
नलकूप और नहर से लोग फसलों की सिंचाई में जुटे रहे। आलू उत्पादन वाले क्षेत्रों में लोग फसलों में दवा का छिड़काव करते रहे। सातों गांव के किसान सुमेर सिंह ने बताया कि ठंड की वजह से आलू की फसल में दवा डालने के लिए मजदूर नहीं मिल रहे थे।
सुबह चटख धूप निकलते ही आलू की फसल में दवा का छिड़काव करा दिया है। मलांव गांव के किसान रामभवन लोधी ने बताया कि रात को बिजली आपूर्ति का रोस्टर है। सुबह 10 बजे बिजली आपूर्ति बंद हो जाती है। ठंड की वजह से फसलों में सिंचाई नहीं हो पा रही है। सोमवार को सुबह चटख धूप निकलते ही फसलों की सिंचाई की गई है।