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भिटौरा ब्लॉक प्रमुख ने डीएम के समक्ष रखा अपना पक्ष
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कलक्ट्रेट में डीएम के समक्ष अपना पक्ष रखकर वापस लौटीं भिटौरा ब्लाक प्रमुख रेनू सिंह और उनके साथ ?
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। कार्यकाल समाप्त होने के वक्त में भिटौरा ब्लाक प्रमुख के विरुद्घ अविश्वास प्रस्ताव दाखिल होने के मामले में गुरुवार को नया मोड़ आ गया। भिटौरा ब्लाक प्रमुख रेनू सिंह अपने साथ क्षेत्र पंचायत सदस्यों को लेकर जिलाधिकारी संजीव सिंह से मिलने कलक्ट्रेट पहुंच गईं। यहां उन्होंने अपने खिलाफ लाए जा रहे अविश्वास मत को कमजोर बताते हुए अपने पक्ष के बीडीसी डीएम के सामने प्रस्तुत कर दिए। डीएम ने ब्लाक प्रमुख रेनू सिंह के प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई करने के लिए पंचायत राज अधिनियम के तहत डीपीआरओ निर्देश दिए हैं।
गौरतलब हो कि बीते 3 अक्तूबर दिन शनिवार को क्षेत्र पंचायत भिटौरा के कुल 103 में से 54 सदस्यों ने जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत होकर ब्लाक प्रमुख के विरुद्घ अविश्वास मत दाखिल किया था। गुुरुवार को ब्लाक प्रमुख रेनू सिंह ने उन्हीं 54 में से 14 बीडीसी को अपने पक्ष में डीएम के सामने पेश करा दिया। रेनू सिंह ने डीएम को बताया कि अविश्वास के लिए कुल 103 सदस्यों में से 52 सदस्यों का अविश्वास मत में हस्ताक्षर होना चाहिए। जबकि 54 में से 14 के हस्ताक्षर फर्जी हैं। ऐसे में केवल 40 सदस्य ही बचते हैं, जो आधे से कम हैं।
रेनू सिंह के साथ क्षेत्र पंचायत सदस्य ननकी, रामबाबू सिंह, मीरा देवी, अमर, रामदयाल, शिव देवी, रघुराज, शकील, हरिबाबू, मेवालाल, सूरजकली, रघुनाथ, राजेश और मिथुन पटेल कलक्ट्रेट पहुंचे। डीएम ने डीपीआरओ को इस मसले में पंचायत राज अधिनियम के तहत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
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गौरतलब हो कि बीते 3 अक्तूबर दिन शनिवार को क्षेत्र पंचायत भिटौरा के कुल 103 में से 54 सदस्यों ने जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत होकर ब्लाक प्रमुख के विरुद्घ अविश्वास मत दाखिल किया था। गुुरुवार को ब्लाक प्रमुख रेनू सिंह ने उन्हीं 54 में से 14 बीडीसी को अपने पक्ष में डीएम के सामने पेश करा दिया। रेनू सिंह ने डीएम को बताया कि अविश्वास के लिए कुल 103 सदस्यों में से 52 सदस्यों का अविश्वास मत में हस्ताक्षर होना चाहिए। जबकि 54 में से 14 के हस्ताक्षर फर्जी हैं। ऐसे में केवल 40 सदस्य ही बचते हैं, जो आधे से कम हैं।
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रेनू सिंह के साथ क्षेत्र पंचायत सदस्य ननकी, रामबाबू सिंह, मीरा देवी, अमर, रामदयाल, शिव देवी, रघुराज, शकील, हरिबाबू, मेवालाल, सूरजकली, रघुनाथ, राजेश और मिथुन पटेल कलक्ट्रेट पहुंचे। डीएम ने डीपीआरओ को इस मसले में पंचायत राज अधिनियम के तहत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
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