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डिजाइनर की नौकरी छोड़ मछली, मुर्गीपालन से करा रहे लाखों

Mon, 03 Jan 2022 12:57 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 03 Jan 2022 12:57 AM IST
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bemisal
बहुआ। ग्रेटर नोएडा के शहरी जीवन और दिल्ली में डिजाइनर की नौकरी छोड़कर सुनील कुमार उर्फ राजू सोनी ने गांव आकर मुर्गी व मछली पालन की दो साल पहले शुरूआत की। इससे आज वह लाखों रुपये कमा रहे हैं। साथ ही आसपास के ग्रामीणों को खुद का व्यापार करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। मुर्गी फार्म में गौरान व लेगहार्न प्रजाति के मुर्गियां हैं।
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ब्लाक क्षेत्र के कमालपुर गांव में ग्रेटर नोएडा के सुनील कुुमार उर्फ सोनी ने तीन बीघा जमीन किराये पर ली थी। यहां पर इजरायल की बायोफ्लाक तकनीक अपना कर मछली पालन शुरू किया। सुनील कुमार सोनी ने बताया कि अच्छी आमदनी होने पर मछली फार्म के बगल की जमीन को भी किराये पर लेकर दो लाख की लागत से मुर्गी फार्म बनवा लिया। इसमें देशी गौरान व लेगहॉर्न प्रजाति की मुर्गियों का पालन शुरू किया। पहली बार 200 मुर्गी के बच्चे, देशी गौरान के 700 बच्चे व लेग हॉर्न प्रजाति के 1000 बच्चे लाकर कारोबार शुरू किया। उनके ये दोनों कारोबार खूब फल फूल रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक मुर्गे को बड़ा करने में 400 रुपये का खर्च आया है, जिनकी बाद में आठ सौ से लेकर एक हजार रुपये तक में बिक्री हुई। इन प्रजाति की मुर्गियां साल में 120 से 130 अंडे देती हैं।
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इसका अंडा 25 रुपये पीस बिकता है। वहीं देशी गौरान मुर्गी के अंडे व मुर्गे महंगे दामों पर बिकते हैं। लेगहार्न प्रजाति की एक मुर्गी साल में 280 अंडों से लेकर 320 अंडे तक देती हैं। जिसके अंडे 1500 रुपये से लेकर 1600 रुपये तक बिकते हैं। वहीं हैचिंग मशीन (अंडे फोड़कर बच्चे निकालने की मशीन) लगाकर मुर्गी के बच्चों को भी तैयार किया जाता है। जिसमें देशी गौरान, कड़कनाथ के अंडों को एक निश्चित आर्द्रता व तापमान में हैचिंग कर मुर्गी के बच्चे तैयार कर बेचते हैं। मुर्गी फार्म में पल रही मुर्गियों को लेयरफ़ीड चारा खिलाकर व समय-समय पर दवा देकर मुर्गियों की सेहत का भी ख्याल रखा जाता है। क्षेत्रीय मुर्गी पालक इनके पास से कड़कनाथ प्रजाति के बच्चे 100 रुपये व देशी गौरान मुर्गी के बच्चे 60 रुपये में ले जाते हैं।
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दिल्ली में एक अमेरिकन मल्टीनेशनल कंपनी में वाईफाई डिजाइनर के तौर पर सोनी काम करते थे। इस काम से वे खुश नहीं थे। तब वे वहां से गांव आ गए। बताया कि अपने खुद के व्यापार में खुशी मिलती है। मेहनत और लगन से काम करने पर फायदा भी अधिक होता है।
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