फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   bemausam baarish se piparament kee phasal chaupat

बेमौसम बारिश से पिपरमेंट की फसल चौपट

Sun, 21 Jun 2020 12:36 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 21 Jun 2020 12:36 AM IST
विज्ञापन
bemausam baarish se piparament kee phasal chaupat
खेत में खड़ी मेंथा( पिपरमेंट) की फसल। - फोटो : FATEHPUR
धाता (फतेहपुर)। धाता और विजयीपुर ब्लाक के साथ कौशांबी के सीमावर्ती इलाकों में पांच सौ एकड़ रकबे में पिपरमेंट की खेती होती है। इस फसल से होने वाली आय से किसान सालाना बजट तय करते हैं। बार-बार बारिश और पछुआ हवा ने पिपरमेंट की फसल को चौपट कर दिया है। किसानों की लागत तक नहीं निकल रही है। ऐसे में किसान परेशान हैं।
विज्ञापन

धाता ब्लाक इलाके में 200, विजयीपुर ब्लाक में 125 और धाता कस्बे की सीमा से जुड़े कौशांबी जिले में 150 एकड़ में किसान पिपरमेंट की फसल तैयार करते हैं। फसल गर्मी के मौसम में होती है। यह 90 दिन के भीतर तैयार हो जाती है। पिछले साल प्रति एकड़ 60 से 75 लीटर तेल मिला था। इससे किसानों को अच्छा मुनाफा हुआ था। इस साल बार-बार की बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। पिपरमेंट की फसल से मेंथा ऑयल तैयार किया जाता है। किसान बाराबंकी जिले में उपज बेचते हैं। इस बार 15 लीटर प्रति एकड़ ऑयल मिल रहा है। ऐसे में किसानों की लागत भी सीधी नहीं हो रही।
विज्ञापन

प्रति एकड़ इतनी आती है लागत
प्रति एकड़ तीन हजार रुपये जुताई, छह बार फसल सिंचाई में 1800 रुपये खर्च आता है। निराई, गुड़ाई में 2000, खाद, दवा में 2000, पिराई व अन्य खर्चों में 3000 रुपये खर्चे होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed