{"_id":"58e7e54f4f1c1b081a5b5eb9","slug":"balve-opened-the-dash-of-police-duty","type":"story","status":"publish","title_hn":"बलवे ने खोली पुलिस ड्यूटी की कलई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बलवे ने खोली पुलिस ड्यूटी की कलई
अमर उजाला ब्यूरो /फतेहपुर
Updated Sat, 08 Apr 2017 12:45 AM IST
विज्ञापन
शीतला मंदिर के पास तैनात पुलिस फोर्स
- फोटो : अमर उजाला
शहर के चौक इलाके में रामनवमी बवाल संबंध में पुलिस-प्रशासन की रणनीति खोखली नजर आती है। बवाल बेवजह हुआ। पुलिस व प्रशासन पर बड़ी चूक के आरोप लग रहे हैं।
बता दें कि रामनवमी की देर रात साढ़े 11 बजे के आसपास जब चौक चौराहे पर बवाल हुआ था, उस वक्त अधिकांश भीड़ छंट चुकी थी।
मौके से कुछ ही दूरी पर सीओ सिटी समरबहादुर, एसडीएम अभिनव रंजन, प्रशिक्षु सीओ संदीप वर्मा, इंस्पेक्टर महेश पांडेय, एसओ मलवां विजय प्रताप, एसएचओ हुसैनगंज एपी तिवारी, एसएचओ हथगाम चंद्रभान सिंह, कचहरी चौकी इंचार्ज श्रीनिवास राय मौजूद थे।
गलत रूट पर जुलूस के जाने की खबर पर कल्यानपुर एसएचओ राजकुमार पांडेय, कोतवाली एसएसआई सुभाष कुमार यादव, चौकी इंचार्ज मुराइन टोला मोहम्मद परवेज, कांस्टेबल महेंद्र प्रसाद, सुरेश राय पहुंच गए थे। कुछ दूरी पर एसएचओ थरियांव शैलेंद्र कुमार सिंह, एसएचओ खखरेरू सुनील कुमार सिंह थे। इनके अलावा थानेदारों के हमराही भी जरूर रहे हाेंगे। करीब तीन दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों की मौजूदगी थी। पुलिस की एफआईआर के मुताबिक, चार नामजद मुख्य और अज्ञात लगभग पचास उपद्रवकारी थे। ऐसे में इतने अफसर और इतनी फोर्स के बाद भी काबू न पा पाना उनकी सूझबूझ और वर्दी के ओहदे पर बड़ा सवाल है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बता दें कि रामनवमी की देर रात साढ़े 11 बजे के आसपास जब चौक चौराहे पर बवाल हुआ था, उस वक्त अधिकांश भीड़ छंट चुकी थी।
मौके से कुछ ही दूरी पर सीओ सिटी समरबहादुर, एसडीएम अभिनव रंजन, प्रशिक्षु सीओ संदीप वर्मा, इंस्पेक्टर महेश पांडेय, एसओ मलवां विजय प्रताप, एसएचओ हुसैनगंज एपी तिवारी, एसएचओ हथगाम चंद्रभान सिंह, कचहरी चौकी इंचार्ज श्रीनिवास राय मौजूद थे।
विज्ञापन
गलत रूट पर जुलूस के जाने की खबर पर कल्यानपुर एसएचओ राजकुमार पांडेय, कोतवाली एसएसआई सुभाष कुमार यादव, चौकी इंचार्ज मुराइन टोला मोहम्मद परवेज, कांस्टेबल महेंद्र प्रसाद, सुरेश राय पहुंच गए थे। कुछ दूरी पर एसएचओ थरियांव शैलेंद्र कुमार सिंह, एसएचओ खखरेरू सुनील कुमार सिंह थे। इनके अलावा थानेदारों के हमराही भी जरूर रहे हाेंगे। करीब तीन दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों की मौजूदगी थी। पुलिस की एफआईआर के मुताबिक, चार नामजद मुख्य और अज्ञात लगभग पचास उपद्रवकारी थे। ऐसे में इतने अफसर और इतनी फोर्स के बाद भी काबू न पा पाना उनकी सूझबूझ और वर्दी के ओहदे पर बड़ा सवाल है।
विज्ञापन