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तीमारदारी से बन रहे रोगी
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
Updated Mon, 01 Aug 2016 01:07 AM IST
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सदर अस्पताल महिला वार्ड में भर्ती मरीज
- फोटो : अमर उजाला
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संक्रामक बीमारियों से ग्रसित रोगियों की देखभाल तीमारदारों पर भारी पड़ रही है। तीमारदारी के दौरान वह भी संक्रमित होकर बीमार पड़ रहे हैं। सदर अस्पताल की अंत: रोग विभाग (आईपीडी) की यह हकीकत बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) से हो रही है। मरीज की तीमारदारी करने के लिए आए लोग डॉक्टर को नब्ज पकड़वाते देखे जा रहे हैं। ऐसे रोगियों की संख्या हर रोज कम से कम दर्जन भर रहती है।
इन दिनों सदर अस्पताल मेें मरीजों को रेला है। ओपीडी पूरे समय मरीज और साथ आए तीमारदारों से भरी रहती है। ऐसा ही हाल आईपीडी का महीने से चल रहा है। 118 बेड की यह विंग इन दिनों फुल चल रही है। मरीजों में संक्रामक रोगियों की तादाद सर्वाधिक है। सारा दिन मरीजों के इर्दगिर्द उसके जानने पहचाने और घर परिवारवालों को जमावड़ा रहता है। हर मरीज के साथ रात में कम से कम एक तीमारदार आईपीडी में रुकता है। संक्रामक मरीज के साथ अस्पताल की आईपीडी में कई-कई रात गुजारने वाले तीमारदार संक्रमित हो रहे हैं।
पीरनपुर के नसीर के दूर रहने वाले एक रिश्तेदार कई दिन से भर्ती हैं। वह बताते हैं कि उन्हें रिश्तेदार मरीज को पूरा वक्त देना पड़ रहा है। ज्यादातर मरीज के साथ रहने से इधर तीन दिन से वह भी खांसी और जुकाम से परेशान हैं। ऐसा ही मुन्ना के साथ है, उनका मरीज पांच दिन से भर्ती है। शनिवार सुबह हरारत महसूस होने पर डॉक्टर को दिखाने पहुंचे तो बुखार होने का पता चला।
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इस मामले में सीएमएस डॉ. ओपी द्विवेदी का कहना है कि साफ सफाई का पूरा ख्याल रखा जाता है ताकि संक्रमण न फैलने पाए। वैसे नियम हैं कि एक मरीज के साथ एक तीमारदार ही रुक सकता है। इसके बावजूद कई कई तीमारदार, एक-एक मरीज के साथ डेरा जमाए रहते हैं।
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इन दिनों सदर अस्पताल मेें मरीजों को रेला है। ओपीडी पूरे समय मरीज और साथ आए तीमारदारों से भरी रहती है। ऐसा ही हाल आईपीडी का महीने से चल रहा है। 118 बेड की यह विंग इन दिनों फुल चल रही है। मरीजों में संक्रामक रोगियों की तादाद सर्वाधिक है। सारा दिन मरीजों के इर्दगिर्द उसके जानने पहचाने और घर परिवारवालों को जमावड़ा रहता है। हर मरीज के साथ रात में कम से कम एक तीमारदार आईपीडी में रुकता है। संक्रामक मरीज के साथ अस्पताल की आईपीडी में कई-कई रात गुजारने वाले तीमारदार संक्रमित हो रहे हैं।
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पीरनपुर के नसीर के दूर रहने वाले एक रिश्तेदार कई दिन से भर्ती हैं। वह बताते हैं कि उन्हें रिश्तेदार मरीज को पूरा वक्त देना पड़ रहा है। ज्यादातर मरीज के साथ रहने से इधर तीन दिन से वह भी खांसी और जुकाम से परेशान हैं। ऐसा ही मुन्ना के साथ है, उनका मरीज पांच दिन से भर्ती है। शनिवार सुबह हरारत महसूस होने पर डॉक्टर को दिखाने पहुंचे तो बुखार होने का पता चला।
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इस मामले में सीएमएस डॉ. ओपी द्विवेदी का कहना है कि साफ सफाई का पूरा ख्याल रखा जाता है ताकि संक्रमण न फैलने पाए। वैसे नियम हैं कि एक मरीज के साथ एक तीमारदार ही रुक सकता है। इसके बावजूद कई कई तीमारदार, एक-एक मरीज के साथ डेरा जमाए रहते हैं।