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Fatehpur News: सरोवरों में नहीं भर सका अमृत, अधर में लटकी योजना

Thu, 05 Sep 2024 01:17 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 05 Sep 2024 01:17 AM IST
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Amrit could not be filled in the lakes, the plan is in limbo
फतेहपुर। जल संचयन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए गए अमृत सरोवर बेमकसद साबित हो रहे हैं। बारिश के दिनों में भी यह तालाब सूखे पड़े हैं। मनरेगा के तहत इन तालाबों का जीर्णोद्धार कराया गया। जिलेभर में ऐसे सैकड़ों अमृत सरोवर बनाए गए हैं।
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जनपद के सभी विकासखंडों में 278 अमृत सरोवरों का जीर्णोद्धार कराने का प्रस्ताव था। इनमें से 264 तालाब बारिश से पहले बनकर तैयार हो चुके हैं। औसतन 6 से 7 लाख रुपये खर्च करके एक अमृत सरोवर बनाया गया है। सभी अमृत सरोवरों के जीर्णोद्धार में 16 से 18 करोड़ रुपये की लागत आई है। ज्यादातर तालाबों में पानी न होने से शासन के करोड़ों रुपये बर्बाद हो रहे हैं।
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सीन-1
असोथर विकासखंड का सराय खालिस स्थित अमृत सरोवर पूरी तरह सूखा पड़ा है। यहां पूरे तालाब में घास उगी है। कई स्थानों पर सूखी मिट्टी नजर आ रही है। बच्चे इसे क्रिकेट के मैदान के रूप में इस्तेमाल करते हैं। बारिश से पहले ही इस सरोवर का जीर्णोद्धार पूरा हो चुका था, लेकिन मानसून का आधा सीजन निकल जाने के बाद भी इस सरोवर में एक बूंद पानी नहीं है।
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सीन-2
बहुआ ब्लॉक के गाजीपुर के करसवां गांव स्थित अमृत सरोवर का भी यही हाल है। यहां तालाब की गहराई करीब 10 फीट है, मगर पानी सिर्फ एक फीट भरा है, जो पूरे सीजन की बारिश में भरा है। इस तालाब से एक किलोमीटर दूर एक नहर गुजरी है, लेकिन इसे तालाब से जोड़ा नहीं गया है। इससे ये अमृत सरोवर सिर्फ बारिश के पानी के भरोसे रह गया है।
सीन-3
जोनिहा में बना अमृत सरोवर भी बदहाली की स्थिति में है। यह तालाब काफी बड़ा है, लेकिन सूखा है। इसकी तली में सिर्फ एक फीट पानी भरा है। बाकी पूरे तालाब में घास उगी है। इसमें जो पानी है, उससे जानवर सिर्फ अपनी प्यास बुझा सकते हैं।


जल संचयन के लिए बारिश एकमात्र साधन है। बारिश होगी तभी तालाब भरे सकते हैं। इसके अलावा जिन तालाबों के पास से नहर गुजरी है, उनसे जोड़कर पानी भरा जा सकता है, लेकिन ऐसे अमृत सरोवर ज्यादा नहीं हैं।
अशोक कुमार गुप्ता, उपायुक्त, श्रम रोजगार
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