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अखरी हत्याकांड: नजरदांज करने में बीट सिपाही से सीओ तक की भेजी गई रिपोर्ट

Mon, 26 May 2025 12:23 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 26 May 2025 12:23 AM IST
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Akhri murder case: Report sent from beat constable to CO for ignoring it
फतेहपुर। अखरीकांड में जिला पुलिस की कार्यशैली से जांच रिपोर्ट में असंतुष्ट होने पर शासन ने दोबारा जांच के आदेश दिए थे। आईजी प्रयागराज ने दोबारा 20 बिंदुओं पर एएसपी कौशांबी से पुलिस कार्यशैली की 15 दिन में जांच आख्या तलब की थी। एएसपी कौशांबी ने जांच के बाद रिपोर्ट आईजी प्रयागराज को भेजी है। सूत्रों के अनुसार बीट सिपाही से लेकर तत्कालीन सीओ तक जांच से प्रभावित होंगे।
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हथगाम थाने के अखरी गांव की प्रधान रामदुलारी के किसान नेता पुत्र विनोद उर्फ पप्पू सिंह,अनूप सिंह उर्फ पिंकू सिंह और पप्पू सिंह के पुत्र अभय सिंह राजनैतिक रंजिश में आठ अप्रैल की सुबह गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। मामले में पूर्व प्रधान सुरेश उर्फ मुन्नू सिंह व उसके पुत्र पियूष सिंह,भूपेंद्र सिंह, मित्र सज्जन सिंह, ज्ञान उर्फ विपुल सिंह भदौरिया, तहिरापर गांव के विकास पासवान जेल भेज चुकी है।
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तिहरे हत्याकांड को शासन ने संज्ञान में लिया था। पूरे मामले की जिला पुलिस से जांच रिपोर्ट मांगी थी। शासन जिला पुलिस ककी जांच रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं था। इसके बाद आईजी प्रयागराज अजय मिश्रा से अखरीकांड की 20 बिंदुओं पर जांच रिपोर्ट मांगी गई है। आईजी ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने के लिए कौशांबी जिले के अपर पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह को नामित कर नौ मई को जांच सौंपी थी। एएसपी को 15 दिवस में जांच सौंपने के आदेश दिए थे। एएसपी कौशांबी ने अखरी प्रकरण की 20 मई को जांच करने पहुंचे।
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सूत्रों के मुताबिक जांच में तत्कालीन बीट से लेकर सीओ तक लापरवाही मानी है। प्रकरण में पुलिस ने पक्षों के बीच सालों की अदावत को नजरअंदाज किया है। पक्षों के बीच तिहरा हत्याकांड के पूर्व 90 दिनों में दो बार विवाद हुआ। पक्षों को पाबंद तक नहीं किया गया। दो हत्या समेत कई जघन्य अपराधों के बाद भी पूर्व प्रधान मुन्नू सिंह के खिलाफ लगातार निरोधात्मक कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने हिस्ट्रीशीट तक नहीं खोली थी। जिले के गोपनीय शाखा के कर्मचारी भी विवाद से दूरी बनाए रहे। इस तरह से पुलिस कर्मियों की खामियां पाई गई हैं।
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