{"_id":"635ecbe24503053990491251","slug":"agriculture-waste-fatehpur-news-knp725728222","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेटेलाइट से 26 स्थानों पर आग लगाने के मामले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेटेलाइट से 26 स्थानों पर आग लगाने के मामले
विज्ञापन
फतेहपुर। प्रशासन से बचकर रात और भोर पहर पराली जलाने वाले किसान अब नहीं बच पाएंगे। सेटेलाइट की तरंगों से उन स्थानों को चिह्नित किया जा रहा है जहां पराली जलाई जा रही है। अब तक जिले में 26 स्थानों पर आग लगाने की सूचना मिली है। इनमें 21 स्थानों पर पराली जलाने की पुष्टि भी हो चुकी है। जिसके बाद दोषी किसानों से 27 हजार 500 रुपये जुर्माना वसूला गया।
जिले में बढ़ता प्रदूषण आम जनमानस की सेहत को खराब कर रहा है। पराली जलाने से प्रदूषण का स्तर कई गुना बढ़ गया। जिला प्रशासन ने बढ़ते प्रदूषण पर अंकुश लगाने में तहसील से लेकर ग्राम पंचायत सख्ती की लेकिन, घटनाएं कम नहीं हो रही हैं। किसान कभी रात में तो कभी भोर पहर खेतों में पराली जला रहे हैं। अब ऐसे किसानों व स्थानों को सेटेलाइट की मदद से चिह्नित किया जा रहा है। दिल्ली से सेटेलाइट की तरंगों से चिह्नित किए गए स्थानों में सबसे ज्यादा खागा तहसील में 13 हैं। सदर में नौ और बिंदकी तहसील में चार स्थानों पर पराली जलाने की घटनाएं चिह्नित की गई हैं।
उधर, कंबाइन मशीन में बिना सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस) के धान की कटाई करने वालों पर प्रशासन की नजरें टेढ़ी हो गई हैं। रविवार को तीन हार्वेस्टर सीज किए गए। इसमें बिंदकी, सदर और खागा तहसील में एक-एक हार्वेस्टर बिना एसएमएस के धान काटते पकड़े गए। कृषि और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की है। उप कृषि निदेशक राममिलन सिंह परिहार ने बताया कि विभाग का पोर्टल केंद्र के सैटेलाइट कंप्यूटर से जुड़ा है। स्थानीय स्तर फोटो व स्थान के नाम अपलोड होते ही जानकारी मिल जाती है।
विज्ञापन
उधर, मौसम विशेषज्ञ वसीम खान के मुताबिक वायु प्रदूषण सूचकांक 147 से बढ़कर 189 तक पहुंच गया। यह हवा बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए नुकसानदायक है। अगर वायु प्रदूषण का सूचकांक 200 का आंकड़ा पार कर जाता है तो लोगों की सेहत पर इसका दुष्प्रभाव दिखना शुरू हो जाएगा।
इनसेट:
पराली न जलाने के लिए 42 स्थानों पर की गई गोष्ठी
कृषि विभाग व राजस्व टीम ने रविवार को 42 स्थानों पर गोष्ठी की। इसमें खागा तहसील के 14 स्थानों पर, सदर के 16 और बिंदकी 12 स्थानों पर गोष्ठी में किसानों को पराली से जैविक खाद बनाने के फायदे बताए। साथ ही गोशाला में पराली पहुंचाने वाले किसानों को फ्री चना दिलाने की बात कही। हसवा ब्लाक के रमवां ग्राम पंचायत में अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक ने किसानों को जागरूक किया। उप कृषि निदेशक ने तेलियानी ब्लाक के सेनीपुर, मलोनी गांव में चौपाल लगाकर किसानों को जागरूक किया।
इनसेट:
पराली दान करने के लिए 16 किसानों ने कंट्रोल रूम में दी सूचना
फतेहपुर। पराली दान करने के लिए कंट्रोल रूम में 16 किसानों ने फोन करके सूचना दी। इसमें सदर तहसील के 13 किसान, बिंदकी दो और खागा तहसील के एक किसान ने पराली दान करके गोशाला में पहुंचाने की बात कही। उप कृषि निदेशक राममिलन सिंह परिहार ने बताया कि इन किसानों के नाम दर्ज कर लिए गए हैं। जिनको पराली पहुंचाने के लिए फ्री 16 किलो चना का बीज दिया जाएगा।
विज्ञापन
जिले में बढ़ता प्रदूषण आम जनमानस की सेहत को खराब कर रहा है। पराली जलाने से प्रदूषण का स्तर कई गुना बढ़ गया। जिला प्रशासन ने बढ़ते प्रदूषण पर अंकुश लगाने में तहसील से लेकर ग्राम पंचायत सख्ती की लेकिन, घटनाएं कम नहीं हो रही हैं। किसान कभी रात में तो कभी भोर पहर खेतों में पराली जला रहे हैं। अब ऐसे किसानों व स्थानों को सेटेलाइट की मदद से चिह्नित किया जा रहा है। दिल्ली से सेटेलाइट की तरंगों से चिह्नित किए गए स्थानों में सबसे ज्यादा खागा तहसील में 13 हैं। सदर में नौ और बिंदकी तहसील में चार स्थानों पर पराली जलाने की घटनाएं चिह्नित की गई हैं।
विज्ञापन
उधर, कंबाइन मशीन में बिना सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस) के धान की कटाई करने वालों पर प्रशासन की नजरें टेढ़ी हो गई हैं। रविवार को तीन हार्वेस्टर सीज किए गए। इसमें बिंदकी, सदर और खागा तहसील में एक-एक हार्वेस्टर बिना एसएमएस के धान काटते पकड़े गए। कृषि और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की है। उप कृषि निदेशक राममिलन सिंह परिहार ने बताया कि विभाग का पोर्टल केंद्र के सैटेलाइट कंप्यूटर से जुड़ा है। स्थानीय स्तर फोटो व स्थान के नाम अपलोड होते ही जानकारी मिल जाती है।
विज्ञापन
उधर, मौसम विशेषज्ञ वसीम खान के मुताबिक वायु प्रदूषण सूचकांक 147 से बढ़कर 189 तक पहुंच गया। यह हवा बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए नुकसानदायक है। अगर वायु प्रदूषण का सूचकांक 200 का आंकड़ा पार कर जाता है तो लोगों की सेहत पर इसका दुष्प्रभाव दिखना शुरू हो जाएगा।
इनसेट:
पराली न जलाने के लिए 42 स्थानों पर की गई गोष्ठी
कृषि विभाग व राजस्व टीम ने रविवार को 42 स्थानों पर गोष्ठी की। इसमें खागा तहसील के 14 स्थानों पर, सदर के 16 और बिंदकी 12 स्थानों पर गोष्ठी में किसानों को पराली से जैविक खाद बनाने के फायदे बताए। साथ ही गोशाला में पराली पहुंचाने वाले किसानों को फ्री चना दिलाने की बात कही। हसवा ब्लाक के रमवां ग्राम पंचायत में अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक ने किसानों को जागरूक किया। उप कृषि निदेशक ने तेलियानी ब्लाक के सेनीपुर, मलोनी गांव में चौपाल लगाकर किसानों को जागरूक किया।
इनसेट:
पराली दान करने के लिए 16 किसानों ने कंट्रोल रूम में दी सूचना
फतेहपुर। पराली दान करने के लिए कंट्रोल रूम में 16 किसानों ने फोन करके सूचना दी। इसमें सदर तहसील के 13 किसान, बिंदकी दो और खागा तहसील के एक किसान ने पराली दान करके गोशाला में पहुंचाने की बात कही। उप कृषि निदेशक राममिलन सिंह परिहार ने बताया कि इन किसानों के नाम दर्ज कर लिए गए हैं। जिनको पराली पहुंचाने के लिए फ्री 16 किलो चना का बीज दिया जाएगा।