{"_id":"642b270412202ada05041196","slug":"agriculture-department-will-catch-rat-and-mole-fatehpur-news-c-12-1-160808-2023-04-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehpur News: चूहा और छछूंदर पकड़ेगा कृषि विभाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehpur News: चूहा और छछूंदर पकड़ेगा कृषि विभाग
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। संचारी रोगों के रोकथाम के लिए चूहा व छछूंदर पर नियंत्रण जरूरी है, इसके लिए अभियान चलाया जाएगा। शासन ने इसकी जिम्मेदारी कृषि विभाग को दी है। विभागीय अधिकारी व कर्मचारी घर से लेकर खेतों तक चूहा व छछूंदर पर नियंत्रण करेंगे।
शासन ने माना है कि वेक्टर जनित रोग संचार में चूहा व छछूंदर की भी भूमिका है, लिहाजा इन पर नियंत्रण कर संचारी रोग का फैलाव रोका जा सकता है। इसके लिए 30 अप्रैल तक अभियान चलाने का निर्देश कृषि विभाग को दिया गया है। इसमें न्याय पंचायतवार 132 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ब्लाकस्तर पर पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। टीम बनाकर कर्मचारी गांवों में प्रचार-प्रसार करेंगे और चूहा व छछूंदर को नियंत्रित करने का भी काम करेगा। लगातार चलने वाले इस अभियान के लिए कृषि विभाग के उप निदेशक को नोडल अधिकारी बनाया गया है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी बृजेजश सिंह की मानें तो शासन का निर्देश प्राप्त हो चुका है और इसके लिए प्रत्येक ब्लॉक पर टीम गठित की गई है।
बता दें कि संचारी रोग रोकथाम के लिए चूहा व छछूंदर को नियंत्रित करने को कृषि विभाग खेतों और मेड़ों पर बने बिल आदि को बंद किया जाएगा। बिल्ली, सांप, उल्लू, लोमड़ी, बाज, चमगादड़ आदि को बचाने के लिए ग्रामीण इलाकों में जागरूकता लाई जाएगी। इसके अलावा चूहेदानी में इन्हें पकड़कर मारने के बाद जमीन में गाड़ा जाएगा। विभाग ब्रोमोडियान के बने चारे की 10 ग्राम मात्रा की गोली बिलों में डालने का काम करेगी। इसके लिए प्रयोग में आने वाले रसायनों को कृषि विभाग की ओर से उपलब्धता कराई जाएगी।
विज्ञापन
अभियान के लिए ब्लाक स्तर पर तहसील के उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी व जनपद स्तर पर उप कृषि निदेशक या जिला कृषि रक्षा अधिकारी इसकी निगरानी करेंगे। जिला कृषि अधिकारी बृजेश सिंह ने बताया कि चूहा नियंत्रण के लिए पहले घरों के आसपास बिलों को बंद करें। दूसरे दिन जहां पर बिल खुले पाए जाएं, वहां एक ग्राम दवा, एक ग्राम सरसों का तेल व 50 ग्राम सूखा भुना आटा मिलाकर रख दें। अगले दिन चूहा मरे मिलने की दशा में जमीन पर गड्ढा खोदकर दबा दें।
विज्ञापन
फतेहपुर। संचारी रोगों के रोकथाम के लिए चूहा व छछूंदर पर नियंत्रण जरूरी है, इसके लिए अभियान चलाया जाएगा। शासन ने इसकी जिम्मेदारी कृषि विभाग को दी है। विभागीय अधिकारी व कर्मचारी घर से लेकर खेतों तक चूहा व छछूंदर पर नियंत्रण करेंगे।
शासन ने माना है कि वेक्टर जनित रोग संचार में चूहा व छछूंदर की भी भूमिका है, लिहाजा इन पर नियंत्रण कर संचारी रोग का फैलाव रोका जा सकता है। इसके लिए 30 अप्रैल तक अभियान चलाने का निर्देश कृषि विभाग को दिया गया है। इसमें न्याय पंचायतवार 132 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ब्लाकस्तर पर पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। टीम बनाकर कर्मचारी गांवों में प्रचार-प्रसार करेंगे और चूहा व छछूंदर को नियंत्रित करने का भी काम करेगा। लगातार चलने वाले इस अभियान के लिए कृषि विभाग के उप निदेशक को नोडल अधिकारी बनाया गया है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी बृजेजश सिंह की मानें तो शासन का निर्देश प्राप्त हो चुका है और इसके लिए प्रत्येक ब्लॉक पर टीम गठित की गई है।
विज्ञापन
बता दें कि संचारी रोग रोकथाम के लिए चूहा व छछूंदर को नियंत्रित करने को कृषि विभाग खेतों और मेड़ों पर बने बिल आदि को बंद किया जाएगा। बिल्ली, सांप, उल्लू, लोमड़ी, बाज, चमगादड़ आदि को बचाने के लिए ग्रामीण इलाकों में जागरूकता लाई जाएगी। इसके अलावा चूहेदानी में इन्हें पकड़कर मारने के बाद जमीन में गाड़ा जाएगा। विभाग ब्रोमोडियान के बने चारे की 10 ग्राम मात्रा की गोली बिलों में डालने का काम करेगी। इसके लिए प्रयोग में आने वाले रसायनों को कृषि विभाग की ओर से उपलब्धता कराई जाएगी।
विज्ञापन
अभियान के लिए ब्लाक स्तर पर तहसील के उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी व जनपद स्तर पर उप कृषि निदेशक या जिला कृषि रक्षा अधिकारी इसकी निगरानी करेंगे। जिला कृषि अधिकारी बृजेश सिंह ने बताया कि चूहा नियंत्रण के लिए पहले घरों के आसपास बिलों को बंद करें। दूसरे दिन जहां पर बिल खुले पाए जाएं, वहां एक ग्राम दवा, एक ग्राम सरसों का तेल व 50 ग्राम सूखा भुना आटा मिलाकर रख दें। अगले दिन चूहा मरे मिलने की दशा में जमीन पर गड्ढा खोदकर दबा दें।