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जबरदस्त संकट, महीनों से फुंके पड़े 22 ट्रांसफार्मर
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Thu, 08 Jan 2015 12:23 AM IST
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बहुआ क्षेत्र में चार सौ केवीए का ट्रांसफार्मर बीस दिन पहले फुंक गया था, लेकिन अभी तक ठीक नहीं हो सका है। इसी प्रकार बकेवर में ढाई सौ केवीए का ट्रांसफार्मर पिछले एक महीने से खराब पड़ा है।
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अलग अलग गांवों और कस्बों के 22 ट्रांसफार्मर बनने के लिए पड़े हैं। ग्रामीणांचलों में बिजली का संकट गहरा रहा है।जिले में 38 विद्युत उपकेंद्रों के अंतर्गत शहर और ग्रामीणांचलों को बिजली आपूर्ति की जा रही है।
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आरएपीडीआरपी योजना से जर्जर लाइनों को ठीक किया जा रहा है लेकिन ग्रामीणांचलों में जर्जर लाइनें बदलने के लिए अभी तक कोई रणनीति नहीं बनाई गई है।
मुराइनटोला विद्युत भंडारगृह में 63, 100, ढाई सौ और चार सौ केवीए के ट्रांसफार्मर बनने के लिए पड़े हुए हैं। भंडार गृह में 63 केवीए के आठ, 100 केवीए के पांच, ढाई सौ केवीए के तीन तथा चार सौ केवीए के दो ट्रांसफार्मर फुंके पड़े हैं।
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हुसैनगंज में एक हफ्ते पहले सौ केवीए का ट्रांसफार्मर जल गया था जो बनने के लिए भंडारगृह में रखा हुआ है। इसी प्रकार कोराई, सठिगवां, पुरइन, धाता क्षेत्र में ट्रांसफार्मर बिगड़े होने से बिजली संकट गहराया हुआ है।
बताते चलें कि मुख्य अभियंता ने पिछले दिनों ढाई सौ और चार सौ केवीए के ट्रांसफार्मर ठीक कराने की व्यवस्था शुरू करने के निर्देश दिए थे लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
भंडारगृह में कर्मचारियों की कमी और संसाधनों का टोटा होने की वजह से दिक्कत आ रही है। रीइक्सट्रक्चर एक्सीलरटेड पावर डेवलपमेंट रिफार्म प्रोग्राम (आरएपीडीआरपी) के तहत शहर और बिंदकी क्षेत्र में जर्जर लाइन बदलने में सवा करोड़ का बजट खर्च कर डाला लेकिन अभी तक शत प्रतिशत तार नहीं बदले गए।
अभी शहर और बिंदकी क्षेत्रों में आधा सैकड़ा से अधिक स्थानों पर जर्जर लाइन ठीक नहीं हो सकी हैं। इसके अलावा ग्रामीणांचलों में बांस की फंटियों के सहारे टिके तार आए दिन टूटकर गिर रहे हैं। सुरक्षा की दृष्टि से तारों को न तो कसा जा रहा है और न ही उनमें गार्डिंग के कोई इंतजाम किए जा रहे हैं।
कोट
‘विद्युत भंडारगृह मुराइनटोला का निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही व्याप्त समस्याओं को दूर किया जाएगा। ढाई सौ और चार सौ केवीए के ट्रांसफार्मर भंडारगृह में बनाए जाने की व्यवस्था शुरू करने के लिए मशीनों की खरीदारी की जा रही है।’- एके माथुर, अधिशासी अभियंता प्रथम
माहभर से पेयजल आपूर्ति ठप
आधा दर्जन मोहल्लों में जबरदस्त संकट
पालिका की अनदेखी पर लोगों में आक्रोश
बिंदकी। नगर के ईदगाह मैदान में लगे नगर पालिका के दो नलकूप महीने भर से खराब पड़े है। इससे आधा दर्जन मोहल्लों में पेयजल का जबरदस्त संकट है। लगातार शिकायतों के बाद भी पालिका प्रशासन की अनदेखी पर लोगों में जबरदस्त गुस्सा है।
नगर पालिका की बदहाल व्यवस्था के चलते ईदगाह मैदान में लगे नलकूप नं. चार व पांच से होने वाली आधा दर्जन मोहल्लों की सप्लाई विगत एक माह से नहीं हो पा रही है, जिससे मोहल्ला महाजनी गली, कटरा, ब्राह्मण टोलिया, क्योटरा, लाहौरी, निजामी चौराहे, ठठराही में पानी का विकराल संकट उत्पन्न हो गया है।
मोहल्ले के सभासद कमलेश ओमर, कामता यादव, अर्पित ओमर, गोल्डी तिवारी, शशी अवस्थी, धीरज पांडेय, अवनीश श्रीवास्तव, सुधीर अवस्थी आदि ने बताया कि तहसील दिवस व अधिकारियों को शिकायतीपत्र देकर मोहल्ला कटरा के नव निर्मित सबमर्सिबल नलकूप को चालू कराने व ईदगाह में लगे नलकूपों का कनेक्शन खजुहा फीडर से हटाकर बिंदकी फीडर में कराने की मांग की गई है लेकिन इस समस्या का समाधान नगर पालिका परिषद और विद्युत विभाग ने अभी तक नहीं किया है। इस कारण पेयजल संकट की विकराल समस्या से नागरिक जूझ रहे हैं और लोगों में अक्र ोश व्याप्त है। इन मोहल्लों के पीड़ित पुरुषों, युवाओं व महिलाओं ने अब चेतावनी दी है कि पेयजलापूर्ति शीघ्र शुरू कराकर समस्या का समाधान नहीं कराया जाता है तो बेमियादी आंदोलन छेड़ा जाएगा।
इंसेट
क्या कहते हैं जिम्मेदार
जलकल प्रभारी कमलेश झा ने बताया कि माना की एक माह से नगर के आधा दर्जन मोहल्लों में पेयजलापूर्ति बाधित है। इसके लिए विद्युत विभाग पर ढींगरा फोड़ते हुए कहा कि नलकूप नं. चार व पांच को खजुहा फीडर से हटाकर इनका कनेक्शन बिंदकी फीडर से किए जाने के लिए डीएम व अधिशाषी अभियंता विद्युत को पत्र लिखे गए हैं लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है।