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दहेज लोभियों ने हैवानियत की हदें पार की
Fatehpur
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:32 AM IST
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अगले जनम मोहे बिटिया न कीजौ
हंसवा(फतेहपुर)। दहेज लोभी पति ने हैवानियत की हदें पार करते हुए पत्नी को चलती ट्रेन से फेंक दिया। घटना तीन माह पूर्व की है। घायल विवाहिता का अलीगढ़ के निजी अस्पताल में लगभग डेढ़ माह तक इलाज चला। अलीगढ़ जीआरपी व घाटमपुर पुलिस के टरकाने पर हंसवा पुलिस ने दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किया है। उधर, पति के चाचा दिनेश कुमार ने बताया कि सफर के दौरान उल्टी आने पर वह गेट के पास गई थी, जहां संतुलन बिगड़ने पर गिर गई थी। थरियांव थाना क्षेत्र के टीसी गांव की प्रतिभा का विवाह 11 मई 2014 को कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र के बेहुटा गांव के अंकित के साथ हुआ था। आरोप है कि शादी के कुछ दिन बाद ही पति अंकित, ससुर छंगू लाल, सास पूजा और चाचा ससुर दिनेश उसे प्रताड़ित करने लगे। ससुराल में उसके नाखूनों को कभी प्लास से नोचा जाता, तो कभी हाथों को चाकुओं से गोदा जाता था और वह पागलों तरह चीखती थी। बकौल प्रतिभा, ससुराली उसे शादी के बाद से दहेज में 50 हजार रुपये और सोने की चेन की मांग बराबर करते रहे। इसी बीच पति अंकित अपने साथ उसे दिल्ली ले गया। प्रतिभा ने बताया कि उसे उसे लगा था कि अब ससुराल की प्रताड़ना से उसे मुक्ति मिल जाएगी लेकिन पति ने उसे जिस्मफरोशी के धंधे ही में डालना चाहा। 26 जुलाई को पति अंकित, सास पूजा, चाचा ससुर दिनेश व तीन अन्य लड़कों ने उसे ट्रेन में बैठाया। अलीगढ़ पहुंचने के बाद इन सभी ने गमछे से बांध कर ट्रेन से उसे धक्का दे दिया। सुबह किसी अजनबी ने जेएन मेडिकल एएमयू अलीगढ़ में भर्ती कराया। पीड़िता ने बताया कि डेढ़ माह तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझती रही। होश आने पर पीड़िता ने अपने पिता महावीर से आप बीती बताई, जिस पर पिता ने घाटमपुर कोतवाली और अलीगढ़ जीआरपी में तहरीर दी लेकिन कहीं भी मुकदमा पंजीकृत नहीं हुआ। रविवार को पीड़िता अपने पिता के साथ हंसवा चौकी पहुंची। चौकी इंचार्ज छोटेलाल पटेल ने बताया कि मामला घाटमपुर का है, यदि मुकदमा वहां लिखा जाता तो कार्रवाई सटीक हो पाती। हालांकि अंत में चौकी पुलिस ने दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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हंसवा(फतेहपुर)। दहेज लोभी पति ने हैवानियत की हदें पार करते हुए पत्नी को चलती ट्रेन से फेंक दिया। घटना तीन माह पूर्व की है। घायल विवाहिता का अलीगढ़ के निजी अस्पताल में लगभग डेढ़ माह तक इलाज चला। अलीगढ़ जीआरपी व घाटमपुर पुलिस के टरकाने पर हंसवा पुलिस ने दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किया है। उधर, पति के चाचा दिनेश कुमार ने बताया कि सफर के दौरान उल्टी आने पर वह गेट के पास गई थी, जहां संतुलन बिगड़ने पर गिर गई थी। थरियांव थाना क्षेत्र के टीसी गांव की प्रतिभा का विवाह 11 मई 2014 को कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र के बेहुटा गांव के अंकित के साथ हुआ था। आरोप है कि शादी के कुछ दिन बाद ही पति अंकित, ससुर छंगू लाल, सास पूजा और चाचा ससुर दिनेश उसे प्रताड़ित करने लगे। ससुराल में उसके नाखूनों को कभी प्लास से नोचा जाता, तो कभी हाथों को चाकुओं से गोदा जाता था और वह पागलों तरह चीखती थी। बकौल प्रतिभा, ससुराली उसे शादी के बाद से दहेज में 50 हजार रुपये और सोने की चेन की मांग बराबर करते रहे। इसी बीच पति अंकित अपने साथ उसे दिल्ली ले गया। प्रतिभा ने बताया कि उसे उसे लगा था कि अब ससुराल की प्रताड़ना से उसे मुक्ति मिल जाएगी लेकिन पति ने उसे जिस्मफरोशी के धंधे ही में डालना चाहा। 26 जुलाई को पति अंकित, सास पूजा, चाचा ससुर दिनेश व तीन अन्य लड़कों ने उसे ट्रेन में बैठाया। अलीगढ़ पहुंचने के बाद इन सभी ने गमछे से बांध कर ट्रेन से उसे धक्का दे दिया। सुबह किसी अजनबी ने जेएन मेडिकल एएमयू अलीगढ़ में भर्ती कराया। पीड़िता ने बताया कि डेढ़ माह तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझती रही। होश आने पर पीड़िता ने अपने पिता महावीर से आप बीती बताई, जिस पर पिता ने घाटमपुर कोतवाली और अलीगढ़ जीआरपी में तहरीर दी लेकिन कहीं भी मुकदमा पंजीकृत नहीं हुआ। रविवार को पीड़िता अपने पिता के साथ हंसवा चौकी पहुंची। चौकी इंचार्ज छोटेलाल पटेल ने बताया कि मामला घाटमपुर का है, यदि मुकदमा वहां लिखा जाता तो कार्रवाई सटीक हो पाती। हालांकि अंत में चौकी पुलिस ने दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कर लिया है।