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रानीसागर गांव में नहीं मनाया दीवाली
Fatehpur
Updated Fri, 16 Nov 2012 12:00 PM IST
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फतेहपुर। बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के रानीसागर मजरे नंदापुर गांव में पुलिस अभिरक्षा में वृद्ध क ी मौत से दहशत का माहौल है। दीवाली पर गांव में न तो दीपक चलाए गए और न ही आतिशबाजी दागी गई। उधर, साल भर पहले बिजली करंट से मरे एक मजदूर के शव को पैर से मारने के आरोपी दरोगा की नियुक्ति होने से गांव दहशत बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों ने ग्रामीणों की आवाज कुचलने के लिए ऐसे दरोगा की नियुक्ति की है।
रानीसागर मजरे नंदापुर गांव में 12 नवंबर की रात दरवाजे पर सो रहे रामपाल नामक वृद्ध को घसीट लाई थी। रास्ते में जमकर मापीट की थी, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस शव रास्ते में फेंककर चली आई थी। वृद्ध की मौत होने से ग्रामीणों ग्रामीणों ने चौकी में तोड़फोड़ और जमकर बवाल किया था। इस मामले में एसपी ने चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर तथा सभी सिपाहियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करते हुए निलंबित कर दिया था। रानीसागर गांव में अभी तक दहशत के साथ मातम का माहौल है।
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रानीसागर मजरे नंदापुर गांव में 12 नवंबर की रात दरवाजे पर सो रहे रामपाल नामक वृद्ध को घसीट लाई थी। रास्ते में जमकर मापीट की थी, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस शव रास्ते में फेंककर चली आई थी। वृद्ध की मौत होने से ग्रामीणों ग्रामीणों ने चौकी में तोड़फोड़ और जमकर बवाल किया था। इस मामले में एसपी ने चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर तथा सभी सिपाहियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करते हुए निलंबित कर दिया था। रानीसागर गांव में अभी तक दहशत के साथ मातम का माहौल है।
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