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Fatehpur News: 97 उच्च प्राथमिक स्कूलों के कंप्यूटर बने कबाड़
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फतेहपुर। 97 उच्च प्राथमिक स्कूलों में छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के लिए लाए गए कंप्यूटर 10 साल से अधिक समय से रखे-रखे कबाड़ हो गए। अब तक बच्चों को सीखने का मौका नहीं मिला है। शिक्षकों की कमी से छात्र-छात्राएं आज भी कंप्यूटर की शिक्षा से वंचित हैं।
जिले में कक्षा छह से आठ तक संचालित 97 स्कूलों को 2005 से 2015 के मध्य तक कंप्यूटर आवंटित हुए थे। शुरुआत में बिजली कनेक्शन न होने के कारण कंप्यूटर बंद रहे। धीरे-धीरे स्कूलों में बिजली कनेक्शन की सुविधा हुई, तो कंप्यूटर शिक्षक की कमी सामने आ गई। ऐसे में यह कंप्यूटर स्कूलों में शोपीस बने रहे। नाम न छापने की शर्त पर एक स्कूल के कर्मचारी ने बताया कि प्रधानाध्यापक कंप्यूटर अपने घर उठाकर ले गए हैं। इनके अलावा चुनावी तैयारियों के लिए हर साल स्कूलों के कंप्यूटर अधिकारियों के यहां लगाए जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद यह कंप्यूटर वापस नहीं होते हैं। बीएसए भारती त्रिपाठी का कहना है कि उच्च प्राथमिक स्कूलों में कंप्यूटर होने की उन्हें जानकारी नहीं है। उनके कार्यकाल में अभी कोई चुनाव भी नहीं हुआ है।
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जिले में कक्षा छह से आठ तक संचालित 97 स्कूलों को 2005 से 2015 के मध्य तक कंप्यूटर आवंटित हुए थे। शुरुआत में बिजली कनेक्शन न होने के कारण कंप्यूटर बंद रहे। धीरे-धीरे स्कूलों में बिजली कनेक्शन की सुविधा हुई, तो कंप्यूटर शिक्षक की कमी सामने आ गई। ऐसे में यह कंप्यूटर स्कूलों में शोपीस बने रहे। नाम न छापने की शर्त पर एक स्कूल के कर्मचारी ने बताया कि प्रधानाध्यापक कंप्यूटर अपने घर उठाकर ले गए हैं। इनके अलावा चुनावी तैयारियों के लिए हर साल स्कूलों के कंप्यूटर अधिकारियों के यहां लगाए जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद यह कंप्यूटर वापस नहीं होते हैं। बीएसए भारती त्रिपाठी का कहना है कि उच्च प्राथमिक स्कूलों में कंप्यूटर होने की उन्हें जानकारी नहीं है। उनके कार्यकाल में अभी कोई चुनाव भी नहीं हुआ है।
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