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Fatehpur News: जाली दिव्यांग प्रमाणपत्र से पेंशन लेने वाला महाठग जेल भेजा
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फोटो-34-सुमित सिंह। स्रोत: सोशल मीडिया
फतेहपुर। जाली दिव्यांग प्रमाणपत्र के आधार पर पेंशन का लाभ लेने के आरोपी सुमित सिंह को शनिवार शाम पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर आरोपी को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
थरियांव के रामपुर निवासी अर्जुन सिंह, पत्नी सुनीता और पुत्र सुमित सिंह के नाम सीएमओ कार्यालय से दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी हुए थे। इनके आधार पर तीनों को पेंशन मिलने की बात सामने आई थी। दिव्यांगजन अधिकारी की ओर से बुधवार को तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी कोतवाली में दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने सुमित सिंह को बृहस्पतिवार शाम गिरफ्तार किया था।
शुक्रवार को मामले के विवेचक सीएमओ कार्यालय पहुंचे और प्रमाणपत्रों से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन कराया। अभिलेखों के सत्यापन को लेकर कार्यालय में असमंजस की स्थिति बनी रही। विवेचक के हाथ खड़े करने पर एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया। मामले की विवेचना संदीप यादव को सौंपी गई।
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नए विवेचक ने सीएमओ कार्यालय से अभिलेखों का सत्यापन कराने के साथ अन्य साक्ष्य जुटाए। आरोपी के खिलाफ जुलाई में दर्ज तीन ठगी के मुकदमों समेत अन्य मामलों का ब्योरा भी कोर्ट में पेश किया गया। सीओ सिटी गौरव शर्मा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
गोवंश मामले में सुमित-जॉन मोहम्मद का कनेक्शन भी सामने आया
हुसैनगंज पुलिस ने छह जून 2025 को गोवंश से लदी पिकअप पकड़ी थी। मामले की जांच में थरियांव निवासी जान मोहम्मद का नाम सामने आया था। जान मोहम्मद और सुमित सिंह के बीच करीबी संबंध बताए जाते हैं। दोनों को एक सेवानिवृत्त डीजी के साथ कई कार्यक्रमों में देखे जाने के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हैं।
बताया जाता है कि फरवरी में थरियांव और खागा पुलिस की रात्रि चेकिंग के दौरान जान मोहम्मद की स्कॉर्पियो पकड़ी गई थी। चर्चा थी कि वाहन में प्रतिबंधित मांस था। जान मोहम्मद से दोस्ती के चलते सुमित सिंह को भी पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा। पुलिस के शिकंजे से बचने के लिए सुमित ने एक सर्राफ के यहां जेवर गिरवी रखकर तीन लाख रुपये देने की बात भी सामने आई थी।
दमकल सिपाही को तबादले का झांसा देकर 30 हजार ठगे
ठगी के आरोपी सुमित सिंह के 20 से 25 पीड़ित ऐसे घूम रहे हैं, जिनकी पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की है। इन्हीं में दमकल विभाग का जौनपुर निवासी एक सिपाही भी है। वह एक होमगार्ड के माध्यम से सुमित के संपर्क में आया था। सुमित ने उसे झांसा दिया कि वह इतनी दूर नौकरी कर रहा है और उसकी पोस्टिंग जौनपुर के पड़ोसी जिले आजमगढ़ में करा देगा। इसी झांसे में लेकर सुमित सिंह ने सिपाही से 30 हजार रुपये ठग लिए थे।
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थरियांव के रामपुर निवासी अर्जुन सिंह, पत्नी सुनीता और पुत्र सुमित सिंह के नाम सीएमओ कार्यालय से दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी हुए थे। इनके आधार पर तीनों को पेंशन मिलने की बात सामने आई थी। दिव्यांगजन अधिकारी की ओर से बुधवार को तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी कोतवाली में दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने सुमित सिंह को बृहस्पतिवार शाम गिरफ्तार किया था।
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शुक्रवार को मामले के विवेचक सीएमओ कार्यालय पहुंचे और प्रमाणपत्रों से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन कराया। अभिलेखों के सत्यापन को लेकर कार्यालय में असमंजस की स्थिति बनी रही। विवेचक के हाथ खड़े करने पर एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया। मामले की विवेचना संदीप यादव को सौंपी गई।
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नए विवेचक ने सीएमओ कार्यालय से अभिलेखों का सत्यापन कराने के साथ अन्य साक्ष्य जुटाए। आरोपी के खिलाफ जुलाई में दर्ज तीन ठगी के मुकदमों समेत अन्य मामलों का ब्योरा भी कोर्ट में पेश किया गया। सीओ सिटी गौरव शर्मा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
गोवंश मामले में सुमित-जॉन मोहम्मद का कनेक्शन भी सामने आया
हुसैनगंज पुलिस ने छह जून 2025 को गोवंश से लदी पिकअप पकड़ी थी। मामले की जांच में थरियांव निवासी जान मोहम्मद का नाम सामने आया था। जान मोहम्मद और सुमित सिंह के बीच करीबी संबंध बताए जाते हैं। दोनों को एक सेवानिवृत्त डीजी के साथ कई कार्यक्रमों में देखे जाने के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हैं।
बताया जाता है कि फरवरी में थरियांव और खागा पुलिस की रात्रि चेकिंग के दौरान जान मोहम्मद की स्कॉर्पियो पकड़ी गई थी। चर्चा थी कि वाहन में प्रतिबंधित मांस था। जान मोहम्मद से दोस्ती के चलते सुमित सिंह को भी पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा। पुलिस के शिकंजे से बचने के लिए सुमित ने एक सर्राफ के यहां जेवर गिरवी रखकर तीन लाख रुपये देने की बात भी सामने आई थी।
दमकल सिपाही को तबादले का झांसा देकर 30 हजार ठगे
ठगी के आरोपी सुमित सिंह के 20 से 25 पीड़ित ऐसे घूम रहे हैं, जिनकी पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की है। इन्हीं में दमकल विभाग का जौनपुर निवासी एक सिपाही भी है। वह एक होमगार्ड के माध्यम से सुमित के संपर्क में आया था। सुमित ने उसे झांसा दिया कि वह इतनी दूर नौकरी कर रहा है और उसकी पोस्टिंग जौनपुर के पड़ोसी जिले आजमगढ़ में करा देगा। इसी झांसे में लेकर सुमित सिंह ने सिपाही से 30 हजार रुपये ठग लिए थे।

फोटो-34-सुमित सिंह। स्रोत: सोशल मीडिया