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लक्ष्य तय कर पढ़ाई पूरी करने से मिलती सफलता-विजयलक्ष्मी
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फतेहपुर। अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम में मंगलवार को सेंट जेवियर्स स्कूल जीटी रोड में एक संगोष्ठी हुई। जिसमें छात्राओं को दृढ़ इच्छा और लगन के साथ पढ़ाई पूरी कर समाज के लिए कुछ नया करने को प्रेरित किया गया।
संगोष्ठी में समाजसेवी विजय लक्ष्मी साहू ने कहा कि देश की आधी आबादी अगर जागरूक हो जाए, तो बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। सभी महिलाएं अपनी बेटियों को संकुचित सोच के दायरे से बाहर निकालें। उनका हौसला टूटने न दें। पढ़ाई के लिए बाहर भेजने में कतई संकोच न करें। बेटियां भी पढ़ाई को एक लक्ष्य बनाकर पूरी करें। उन्हें आईएएस बनना है, डाक्टर बनना है या फिर इंजीनियर बनना है।
इसके लिए पहले तय कर लें। अगर लक्ष्य कर पढ़ाई पूरी की जा रही है, तो बड़ा से बड़ा तूफान भी बेटी के रास्ते का बाधक नहीं बन सकता है। बेटियों को अपनी सुरक्षा के लिए स्वयं मुस्तैद रहने की सलाह दी। समाजसेवी जागृति तिवारी ने कहा कि बेटी की पढ़ाई में कोताही न बरती जाए। पढ़ी लिखी बेटी पहले मायका और इसके बाद ससुराल संवारती हैं। उन्होंने छात्राओं को परिस्थितियों से डटकर मुकाबला करने की सलाह दी।
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रोटी घर संचालिका लवली सिंह ने कहा कि छात्राएं हर बात माता-पिता से दोस्तों की तरह शेयर करें। अगर रास्ते में कोई गलत हरकत करता है, तो इसकी भी जानकारी नि:संकोच होकर माता पिता को बताएं। जरूरत पड़ने पर 100 नंबर पर सूचना दें। इससे पुलिस मदद के लिए तुरंत पहुंचेगी। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य जीपी मिश्रा, रेखा सिंह, तन्नों आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
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संगोष्ठी में समाजसेवी विजय लक्ष्मी साहू ने कहा कि देश की आधी आबादी अगर जागरूक हो जाए, तो बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। सभी महिलाएं अपनी बेटियों को संकुचित सोच के दायरे से बाहर निकालें। उनका हौसला टूटने न दें। पढ़ाई के लिए बाहर भेजने में कतई संकोच न करें। बेटियां भी पढ़ाई को एक लक्ष्य बनाकर पूरी करें। उन्हें आईएएस बनना है, डाक्टर बनना है या फिर इंजीनियर बनना है।
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इसके लिए पहले तय कर लें। अगर लक्ष्य कर पढ़ाई पूरी की जा रही है, तो बड़ा से बड़ा तूफान भी बेटी के रास्ते का बाधक नहीं बन सकता है। बेटियों को अपनी सुरक्षा के लिए स्वयं मुस्तैद रहने की सलाह दी। समाजसेवी जागृति तिवारी ने कहा कि बेटी की पढ़ाई में कोताही न बरती जाए। पढ़ी लिखी बेटी पहले मायका और इसके बाद ससुराल संवारती हैं। उन्होंने छात्राओं को परिस्थितियों से डटकर मुकाबला करने की सलाह दी।
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रोटी घर संचालिका लवली सिंह ने कहा कि छात्राएं हर बात माता-पिता से दोस्तों की तरह शेयर करें। अगर रास्ते में कोई गलत हरकत करता है, तो इसकी भी जानकारी नि:संकोच होकर माता पिता को बताएं। जरूरत पड़ने पर 100 नंबर पर सूचना दें। इससे पुलिस मदद के लिए तुरंत पहुंचेगी। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य जीपी मिश्रा, रेखा सिंह, तन्नों आदि ने भी विचार व्यक्त किए।