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राष्ट्रकवि की पुण्यतिथि मेले में उमड़ी भीड़
Updated Mon, 05 Mar 2018 10:56 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बिंदकी (फतेहपुर)। नगर के रामलीला मैदान में राष्ट्रकवि स्व. सोहनलाल द्विवेदी की 112वीं पुण्यतिथि पर मेले का आयोजन हुआ। एसडीएम हरिहरराम ने राष्ट्रकवि के पौत्रों की मौजूदगी में माल्यार्पण व दीप जलाकर शुभारंभ कराया। रात में कवि सम्मेलन ने सभी को रोमांचित किया।
राष्ट्रकवि के पौत्र सोनू द्विवेदी व पौत्री पूनम ने बाबा के बारे में कई संस्मरण सुनाए। पौत्री पूनम ने बताया कि बाबा साहित्य से बहुत प्रेम करते थे। शब्दों के साथ खेल करने वाले उन्हें पसंद नहीं थे। वह चाहते थे कि साहित्य विधा में जो लोग आएं वे शब्दों के साथ खेलें नहीं बल्कि उसके मर्म को समझ कर उसका प्रयोग करें। आयोजक समाजसेवी लोकनाथ पांडेय ने कहा कि राष्ट्रकवि का योगदान केवल साहित्य को सृजित व आगे बढ़ाने में ही नहीं रहा बल्कि उन्होंने अपनी रचनाओं से देशभक्ति का जज्बा लोगों में भरा। देश के प्रति अनुराग करना सिखाया। इसके बाद साहित्यकार वेद प्रकाश मिश्र, हयात उल्ला नजमी, मृत्युंजय पांडेय ने भी राष्ट्रकवि को उनके संस्मरणों व रचनाओं के साथ याद किया।
पुण्यतिथि पर राष्ट्रकवि से जुड़ी कविताओं, रचनाओं, पुस्तक व चित्रों का एक मेला भी लगा। रात में राष्ट्रकवि स्मारक समिति की ओर से कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। चर्चित कवियों ने रचनाएं सुनाकर सभी को आनंदित किया। इस मौके पर डीएम कुमार प्रशांत, एसपी श्रीपर्णा गांगुली, एसडीएम हरिहरराम समेत कई प्रशासनिक व पुलिस अफसर मौजूद रहे। व्यवस्था संभालने वालों में स्वागताध्यक्ष चेयरमैन मुन्नालाल सोनकर, अधिशासी अधिकारी श्रीचंद्र, धर्मेंद्र मिश्रा, सौरभ गुप्ता, साहित्यकार एवं कवि अरुण द्विवेदी भी मौजूद रहे।
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बिंदकी (फतेहपुर)। नगर के रामलीला मैदान में राष्ट्रकवि स्व. सोहनलाल द्विवेदी की 112वीं पुण्यतिथि पर मेले का आयोजन हुआ। एसडीएम हरिहरराम ने राष्ट्रकवि के पौत्रों की मौजूदगी में माल्यार्पण व दीप जलाकर शुभारंभ कराया। रात में कवि सम्मेलन ने सभी को रोमांचित किया।
राष्ट्रकवि के पौत्र सोनू द्विवेदी व पौत्री पूनम ने बाबा के बारे में कई संस्मरण सुनाए। पौत्री पूनम ने बताया कि बाबा साहित्य से बहुत प्रेम करते थे। शब्दों के साथ खेल करने वाले उन्हें पसंद नहीं थे। वह चाहते थे कि साहित्य विधा में जो लोग आएं वे शब्दों के साथ खेलें नहीं बल्कि उसके मर्म को समझ कर उसका प्रयोग करें। आयोजक समाजसेवी लोकनाथ पांडेय ने कहा कि राष्ट्रकवि का योगदान केवल साहित्य को सृजित व आगे बढ़ाने में ही नहीं रहा बल्कि उन्होंने अपनी रचनाओं से देशभक्ति का जज्बा लोगों में भरा। देश के प्रति अनुराग करना सिखाया। इसके बाद साहित्यकार वेद प्रकाश मिश्र, हयात उल्ला नजमी, मृत्युंजय पांडेय ने भी राष्ट्रकवि को उनके संस्मरणों व रचनाओं के साथ याद किया।
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पुण्यतिथि पर राष्ट्रकवि से जुड़ी कविताओं, रचनाओं, पुस्तक व चित्रों का एक मेला भी लगा। रात में राष्ट्रकवि स्मारक समिति की ओर से कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। चर्चित कवियों ने रचनाएं सुनाकर सभी को आनंदित किया। इस मौके पर डीएम कुमार प्रशांत, एसपी श्रीपर्णा गांगुली, एसडीएम हरिहरराम समेत कई प्रशासनिक व पुलिस अफसर मौजूद रहे। व्यवस्था संभालने वालों में स्वागताध्यक्ष चेयरमैन मुन्नालाल सोनकर, अधिशासी अधिकारी श्रीचंद्र, धर्मेंद्र मिश्रा, सौरभ गुप्ता, साहित्यकार एवं कवि अरुण द्विवेदी भी मौजूद रहे।
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