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होली पर्व में भी नहीं बन सका यमुना नदी में पीपा का पुल
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फतेहपुर। किशनपुर कस्बे का 50 फीसदी व्यापार बांदा जिला के ग्रामीण क्षेत्र से निर्भर है। दीपावली के आसपास बनने वाला यमुना नदी में पीपा का पुल होली में भी नहीं बन सका। होली पर्व में बिक्री की आस लगा कर खाद्य सामग्री रखने वाले दुकानदारों की दुकानों चहल पहल नहीं दिख रही है। इससे कस्बा के व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। वहीं गांव में फेरी लगाने वाले छोटे दुकानदारों को नाव से पार होना पड़ता है।
यमुना नदी का पीपा पुल खागा तहसील क्षेत्र को बांदा, चित्रकूट को जोडने के अलावा किशनपुर कस्बा के व्यापार को भी प्रभावित करता है। खाद्य सामग्री, गल्ला और कपड़े का व्यापार बांदा जिला के यमुना तटवर्ती गांव के लोगों पर आश्रित है। बांदा जिले के गांवों में जो छोटे दुकानदार हैं। वह कस्बा से सामान खरीद कर गांव की दुकान में
बिक्री करते हैं। पीपा का पुल न बनने की वजह से होली के त्योहार में बांदा जिला से होने वाला व्यापार प्रभावित रहा। नाव से यमुना नदी को पार करने के बजाय लोग बांदा जिला के ही कमासिन कस्बा से खरीदारी करना शुरू कर दिए हैं। क्षेत्र के ओमप्रकाश सिंह, अजय सिंह, सुरेश गुप्ता, जय बहादुर सिंह, अरविन्द मिश्रा, धनंजय सिंह बताते है कि किशनपुर-दादों के बीच यमुना नदी में पीपा का पुल दिसम्बर में हर साल बन जाता है, इस साल अभी
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तक यह तैयार नहीं हुआ है। यहीं पर पक्का पुल बन रहा है। किशनपुर कस्बे का 50 फीसदी व्यापार बांदा जिले के गांवों से होता है। इसी तरह बांदा के दो दर्जन गांव के ग्रामीण व छोटे दुकानदार किशनपुर बाजार तक अपनी जीविका कमाने के लिए आते है। इस समय दोनों तरफ के लोग नाव से आते-जाते हैं। पीपा पुल तैयार न होने से दोनों तरफ के व्यापार का नुकसान हो रहा है। इसके अलावा बांदा जिला के करीब दर्जन भर गांवों से बच्चे पढने के लिए कस्बा में आते हैं। पुल न बनने की वजह से नाव से पार होते हैं। स्कूल आने और घर जाने में देर हो जाती है।
कुंभ में रोका गया था काम
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की ड्यूटी कुंभ में लगाए जाने की वजह से काम रोक दिया गया था। कुंभ मेला समाप्त हुए महीना भर बीत गए हैं, लेकिन अभी तक पुल बनाने का काम शुरू नहीं हुआ है। यमुना के तटवर्ती गांव के लोग शादी, ब्याह करते हैं और पीपा के पुल से बारात का आवागमन होता है, लेकिन इस बार जो शादियां रही हैं। उनको राजापुर, औगासी मार्ग से वाहनों को लेकर बारात ले जाना पड़ा है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रूपेश कुमार सोनकर ने बताया कि यमुना नदी के दो हिस्से में पानी का बहाव है। उसमें पीपा का पुल बना दिया गया है। बीच के हिस्से में एक फुट पानी भरा हुआ है। वहां पर पुल नहीं बनाया जा सकता है। पानी कम होते ही पुल बनाकर आवागमन शुरू करा दिया जाएगा।
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यमुना नदी का पीपा पुल खागा तहसील क्षेत्र को बांदा, चित्रकूट को जोडने के अलावा किशनपुर कस्बा के व्यापार को भी प्रभावित करता है। खाद्य सामग्री, गल्ला और कपड़े का व्यापार बांदा जिला के यमुना तटवर्ती गांव के लोगों पर आश्रित है। बांदा जिले के गांवों में जो छोटे दुकानदार हैं। वह कस्बा से सामान खरीद कर गांव की दुकान में
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बिक्री करते हैं। पीपा का पुल न बनने की वजह से होली के त्योहार में बांदा जिला से होने वाला व्यापार प्रभावित रहा। नाव से यमुना नदी को पार करने के बजाय लोग बांदा जिला के ही कमासिन कस्बा से खरीदारी करना शुरू कर दिए हैं। क्षेत्र के ओमप्रकाश सिंह, अजय सिंह, सुरेश गुप्ता, जय बहादुर सिंह, अरविन्द मिश्रा, धनंजय सिंह बताते है कि किशनपुर-दादों के बीच यमुना नदी में पीपा का पुल दिसम्बर में हर साल बन जाता है, इस साल अभी
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तक यह तैयार नहीं हुआ है। यहीं पर पक्का पुल बन रहा है। किशनपुर कस्बे का 50 फीसदी व्यापार बांदा जिले के गांवों से होता है। इसी तरह बांदा के दो दर्जन गांव के ग्रामीण व छोटे दुकानदार किशनपुर बाजार तक अपनी जीविका कमाने के लिए आते है। इस समय दोनों तरफ के लोग नाव से आते-जाते हैं। पीपा पुल तैयार न होने से दोनों तरफ के व्यापार का नुकसान हो रहा है। इसके अलावा बांदा जिला के करीब दर्जन भर गांवों से बच्चे पढने के लिए कस्बा में आते हैं। पुल न बनने की वजह से नाव से पार होते हैं। स्कूल आने और घर जाने में देर हो जाती है।
कुंभ में रोका गया था काम
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की ड्यूटी कुंभ में लगाए जाने की वजह से काम रोक दिया गया था। कुंभ मेला समाप्त हुए महीना भर बीत गए हैं, लेकिन अभी तक पुल बनाने का काम शुरू नहीं हुआ है। यमुना के तटवर्ती गांव के लोग शादी, ब्याह करते हैं और पीपा के पुल से बारात का आवागमन होता है, लेकिन इस बार जो शादियां रही हैं। उनको राजापुर, औगासी मार्ग से वाहनों को लेकर बारात ले जाना पड़ा है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रूपेश कुमार सोनकर ने बताया कि यमुना नदी के दो हिस्से में पानी का बहाव है। उसमें पीपा का पुल बना दिया गया है। बीच के हिस्से में एक फुट पानी भरा हुआ है। वहां पर पुल नहीं बनाया जा सकता है। पानी कम होते ही पुल बनाकर आवागमन शुरू करा दिया जाएगा।