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मिशन हास्पिटल में छापा, नोटिस दी
Updated Thu, 23 Nov 2017 12:22 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। एसडीएम प्रेम प्रकाश तिवारी ने बुधवार को स्वास्थ्य टीम के साथ सिविल लाइन के फतेहपुर स्कैन सेंटर और हरिहरगंज के मिशन हास्पिटल में छापा मारा। स्कैन सेंटर में मशीनें और लाइसेंस वैध पाया गया, जबकि मिशन हास्पिटल में खामियां मिली। एसडीएम ने मिशन हास्पिटल को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा है।
जिले में जगह-जगह अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालित हैं। कुछ के पास लाइसेंस हैं तो कुछ बिना लाइसेंस पुराने कागजों पर चल रहे हैं। स्वास्थ्य नीति में अल्ट्रासाउंड के नए मानक तय हुए हैं। हालांकि जिले में चलने वाले कई केंद्र अभी भी पुरानी गाइड लाइन पर हैं।
नई नीति में अल्ट्रासाउंड संचालन के लिए डॉक्टर की योग्यता एमबीबीएस के साथ ही रेडियोलाजिस्ट या फिर अल्ट्रासोनोग्राफी में डिप्लोमा होना चाहिए। कई केंद्रों में कानपुर व इलाहाबाद के डाक्टरों की डिग्री तो लगी है, लेकिन संचालन कोई और कर रहा है। इसकी पड़ताल के लिए एसडीएम ने जब मिशन हास्पिटल में छापा मारा तो यहां रजिस्ट्रेशन डा. सुजीत वर्गीस के नाम मिला।
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मौके पर मरीज रजिस्टर पूरा नहीं था। अनुमन्य दो मशीनों को एक ही कमरे की बजाय अलग-अलग दो कमरों से दो केंद्रों के रूप में संचालित पाया गया। एसडीएम ने बताया कि अस्पताल प्रशासन को नोटिस जारी की गयी है। नोटिस का जवाब संतोषजनक न मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
मिशन हास्पिटल में छापा, दिया नोटिस
खामी सुधारने के लिए दिया एक हफ्ते का समय
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फतेहपुर। एसडीएम प्रेम प्रकाश तिवारी ने बुधवार को स्वास्थ्य टीम के साथ सिविल लाइन के फतेहपुर स्कैन सेंटर और हरिहरगंज के मिशन हास्पिटल में छापा मारा। स्कैन सेंटर में मशीनें और लाइसेंस वैध पाया गया, जबकि मिशन हास्पिटल में खामियां मिली। एसडीएम ने मिशन हास्पिटल को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा है।
जिले में जगह-जगह अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालित हैं। कुछ के पास लाइसेंस हैं तो कुछ बिना लाइसेंस पुराने कागजों पर चल रहे हैं। स्वास्थ्य नीति में अल्ट्रासाउंड के नए मानक तय हुए हैं। हालांकि जिले में चलने वाले कई केंद्र अभी भी पुरानी गाइड लाइन पर हैं।
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नई नीति में अल्ट्रासाउंड संचालन के लिए डॉक्टर की योग्यता एमबीबीएस के साथ ही रेडियोलाजिस्ट या फिर अल्ट्रासोनोग्राफी में डिप्लोमा होना चाहिए। कई केंद्रों में कानपुर व इलाहाबाद के डाक्टरों की डिग्री तो लगी है, लेकिन संचालन कोई और कर रहा है। इसकी पड़ताल के लिए एसडीएम ने जब मिशन हास्पिटल में छापा मारा तो यहां रजिस्ट्रेशन डा. सुजीत वर्गीस के नाम मिला।
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मौके पर मरीज रजिस्टर पूरा नहीं था। अनुमन्य दो मशीनों को एक ही कमरे की बजाय अलग-अलग दो कमरों से दो केंद्रों के रूप में संचालित पाया गया। एसडीएम ने बताया कि अस्पताल प्रशासन को नोटिस जारी की गयी है। नोटिस का जवाब संतोषजनक न मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
मिशन हास्पिटल में छापा, दिया नोटिस
खामी सुधारने के लिए दिया एक हफ्ते का समय