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एबीआरसी चयन अधर में लटका
Updated Wed, 28 Jun 2017 12:23 AM IST
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सह ब्लाक समन्वयकों का चयन अधर में
फतेहपुर। जिले में 48 सह ब्लाक समन्वयकों की चयन प्रक्रि या दो महीने से ठप है। एबीआरसी के 70 में से 48 पद खाली हैं। इससे पहली जुलाई से ब्लाक संसाधन केंद्रों में कामकाज को लेकर असमंजस की स्थिति है। ऐसे में स्कूल खुलने के पहले दिन होने वाले वृहद निरीक्षण की व्यवस्था मुकम्मल करने के लिए अधिकारी परेशान हैं।
नगर समेत 13 ब्लाकों में चार-चार एबीआरसी नियुक्त करने का नियम है। एबीआरसी (सह ब्लाक समन्वयक) का कार्यकाल तीन साल का होता है। विभाग संतुष्ट है तो तीन साल का कार्यकाल फिर से बढ़ा सकता है। इस तरह से एबीआरसी का अधिकतम कार्यकाल छह साल हो सकता है।
13 मई को 48 एबीआरसी छह साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। इन्हें ब्लाकों से कार्यमुक्त किया जा चुका है। नए चयन के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों से आवेदन मांगे थे। 104 शिक्षकों ने आवेदन किया है। आवेदनों की फीडिंग के दौरान बीएसए का तबादला हो गया। इससे चयन प्रक्रिया खटाई में पड़ गई।
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पहली जुलाई के पहले चयन प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाना था। नए बीएसए ने कार्यभार संभाल लिया लेकिन एबीआरसी चयन को लेकर दिशा व दशा तय नहीं हो पाई है। ऐसे में पहली जुलाई को निरीक्षण की औपचारिकता निभने की आशंका है। हर ब्लाक में पांच एबीआरसी और एक बीईओ (खंड शिक्षा अधिकारी) निरीक्षण करते थे।
बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि बीआरसी चयन कमेटी के अध्यक्ष डायट प्राचार्य होते हैं। उनसे चयन प्रक्रिया तय करने के लिए बैठक की तिथि मांगी जा रही है। अभी तक तिथि तय नहीं हो पाई है। 30 जून को बैठक की तिथि प्रस्तावित है। बैठक के बाद अभ्यर्थियों की चयन परीक्षा होगी। बहुत जल्द एबीआरसी का चयन पूरा कर लिया जाएगा।
- दो माह से खाली हैं पद, पहली जुलाई को निरीक्षण होना मुश्किल
पहली जुलाई को अवकाश रद्द
फतेहपुर। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने पहली जुलाई को शिक्षकों की सभी तरह की छुट्यिां रद्द कर दी हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल खुलने के पहले दिन सभी शिक्षकों को समय से पहुंचना अनिवार्य होगा। इसमें किसी तरह की कोई हीलाहवाली नहीं होनी चाहिए। स्कूल में गैरहाजिर मिलने वाले शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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फतेहपुर। जिले में 48 सह ब्लाक समन्वयकों की चयन प्रक्रि या दो महीने से ठप है। एबीआरसी के 70 में से 48 पद खाली हैं। इससे पहली जुलाई से ब्लाक संसाधन केंद्रों में कामकाज को लेकर असमंजस की स्थिति है। ऐसे में स्कूल खुलने के पहले दिन होने वाले वृहद निरीक्षण की व्यवस्था मुकम्मल करने के लिए अधिकारी परेशान हैं।
नगर समेत 13 ब्लाकों में चार-चार एबीआरसी नियुक्त करने का नियम है। एबीआरसी (सह ब्लाक समन्वयक) का कार्यकाल तीन साल का होता है। विभाग संतुष्ट है तो तीन साल का कार्यकाल फिर से बढ़ा सकता है। इस तरह से एबीआरसी का अधिकतम कार्यकाल छह साल हो सकता है।
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13 मई को 48 एबीआरसी छह साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। इन्हें ब्लाकों से कार्यमुक्त किया जा चुका है। नए चयन के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों से आवेदन मांगे थे। 104 शिक्षकों ने आवेदन किया है। आवेदनों की फीडिंग के दौरान बीएसए का तबादला हो गया। इससे चयन प्रक्रिया खटाई में पड़ गई।
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पहली जुलाई के पहले चयन प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाना था। नए बीएसए ने कार्यभार संभाल लिया लेकिन एबीआरसी चयन को लेकर दिशा व दशा तय नहीं हो पाई है। ऐसे में पहली जुलाई को निरीक्षण की औपचारिकता निभने की आशंका है। हर ब्लाक में पांच एबीआरसी और एक बीईओ (खंड शिक्षा अधिकारी) निरीक्षण करते थे।
बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि बीआरसी चयन कमेटी के अध्यक्ष डायट प्राचार्य होते हैं। उनसे चयन प्रक्रिया तय करने के लिए बैठक की तिथि मांगी जा रही है। अभी तक तिथि तय नहीं हो पाई है। 30 जून को बैठक की तिथि प्रस्तावित है। बैठक के बाद अभ्यर्थियों की चयन परीक्षा होगी। बहुत जल्द एबीआरसी का चयन पूरा कर लिया जाएगा।
- दो माह से खाली हैं पद, पहली जुलाई को निरीक्षण होना मुश्किल
पहली जुलाई को अवकाश रद्द
फतेहपुर। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने पहली जुलाई को शिक्षकों की सभी तरह की छुट्यिां रद्द कर दी हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल खुलने के पहले दिन सभी शिक्षकों को समय से पहुंचना अनिवार्य होगा। इसमें किसी तरह की कोई हीलाहवाली नहीं होनी चाहिए। स्कूल में गैरहाजिर मिलने वाले शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।